tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369Mon, 13 Dec 2021 06:23:27 +0000ख़बर सेकवितायेंन्यूज चैनलबिहारबीबीसी हिन्दीbihaarbiharइंसानकामयाबीकिसानतहलकाधर्मलघु कहानियाँSATYAMEVA JAYATEamir khanannabjpcmdelhidillkashmirlalupaTnaprashant bhushanprobir guha.sonpur melayadavकहे कबीर सुनो भाई साधू...खूनगेमटीवी बनाम बेबट्रेनथोथी सभ्यतादंगेनिरुपमाप्रधानमंत्रीफेंक देंगेभाजपायुवा वर्गरविशंकरलोकपालसच का सामनासमाज और हमज़मीनबतकहीमौके-बेमौके हो जाने वालीं बेकार सी कुछ बातें...http://qalamse.blogspot.com/noreply@blogger.com (Unknown)Blogger77125tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-6080178589666056452Mon, 26 May 2014 11:09:00 +00002014-05-26T16:39:35.354+05:30कहानियां जिंदा हैं.<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://4.bp.blogspot.com/-1WPezOlnRTw/U4Mglc4DkOI/AAAAAAAABpE/n4RlZUXHry0/s1600/IMG_2395.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" src="http://4.bp.blogspot.com/-1WPezOlnRTw/U4Mglc4DkOI/AAAAAAAABpE/n4RlZUXHry0/s1600/IMG_2395.jpg" height="417" width="640" /></a></div><b><span id="goog_609559659"></span><span id="goog_609559660"></span><br /></b><b>हम कहानियां हैं. </b>जितने लोग उतनी कहानियां. उतने चित्र लेकिन तुम्हे दिखे तब न. तुम तो एक ही कहानी को पूरा कहने में लगे हो. चलो, कह लो अपनी चमक-दमक वाली कहानी. और जब फुर्सत मिले तभी देख लेना हमारी तरफ. हम और हमारी कहानियां तब भी तुम्हारे देखे जाने और तुम्हारे द्वारा कहे जाने का इंतज़ार करेंगी. हम कई दशकों से इंतज़ार कर रहे हैं. कहे जाने का. बताए जाने का. दिखाए जाने का.<br /><br /><b>अगर तुम ईमानदार</b> कोशिश करो. दिन-रात भागते रहो. सुबह-शाम दिखाते रहो तब भी हमारी कहानियां खत्म नहीं होंगी. क्योंकि सालों से इनसान कहानियों को जी रहा है. मुंशी प्रेमचंद के समय में भी और आज के समय में भी. असल में हम जिंदगी जीते-जीते कहानियां जी रहे हैं. हम कहानियों की रोटी खाते हैं. कहानियों के बिछौने पर सोते हैं और यही खरीदते-पकाते भी हैं.<br /><br /><b>लेकिन तुम अपनी</b> आसानी और सहजता का ख्याल करते हुए कुछ कहानियों को कहे जाने और लिखे जाने के लिए चुन लेते हो. तुम वही कहानियां चुनते हो. खोजते हो जिन्हें पढ़े जाने, सुने जाने या देखे जाने की उम्मीद है. तुम हर कहानी क्यों लिखने लगे? क्यों दिखाने लगे? सही बात भी है. व्यर्थ की उर्जा क्यों लगाओ तुम. तुम्हारे लिए तो वही कहानी, कहानी है जिन्हें देखा या सुना जाएगा. और इसी आधार पर तुम हमारी कई कहानियों में से कुछेक का चयन कर लेते हो. और इस चयन पर खुश हो लेते हो कि तुमने कहानी लिखने और कहने की जिम्मेदारी उठाई है. कभी पूछना अपने आप से. रात के समय में. जब सब सो रहे हों और हर तरफ अंधेरे के साथ शांति हो. यह जिम्मेदारी तुम्हे किसी ने दी या तुमने अपने भले के लिए खुद ब खुद ओढ़ ली.<br /><br /><b>खैर, रहने दो.</b> कहां कह पाओगे तुम या मैं. सारी की सारी कहानियां. शायद यही नियती है कि कुछ कहानियां केवल जीती हैं. पैदा होती हैं. बढ़ती हैं. कमाती हैं और कमाते-कमाते खत्म हो जाती हैं. इन कहानियों को इसी पर गर्व है कि वो जिंदा हैं. जिंदा कहानियां हैं. वो हर तरफ दिखती हैं. हर जगह दिखती हैं. चलिए, आज से हम और आप मिलकर कहानी देखेंगे. सुनेंगे लेकिन उन्हें लिखेंगे नहीं. उन्हें जिंदा रहने देंगे. लिखते ही कहानियां मुर्दा होकर दफ्न हो जाती हैं.</div>http://qalamse.blogspot.com/2014/05/blog-post_26.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)0tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-5184706185489389678Fri, 02 Aug 2013 08:12:00 +00002013-08-02T13:42:23.596+05:30जेएनयू को पचाइए...आपकी सेहत के लिए अच्छा होगा!<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://1.bp.blogspot.com/-VjECY4qyd-c/Uftps5lalWI/AAAAAAAAAxI/EPOV8GznbGc/s1600/4287.true-life-jnu.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="213" src="http://1.bp.blogspot.com/-VjECY4qyd-c/Uftps5lalWI/AAAAAAAAAxI/EPOV8GznbGc/s320/4287.true-life-jnu.jpg" width="320" /></a></div><b>जेएनयू से कोई</b> सीधा संबंध नहीं रहा है. हां, कुछ साल पहले तक यह जरुर सोचता था कि इस महान कहे और माने जाने वाले कैंपस से कोई न कोई एक कोर्स जरुर करूंगा. लेकिन अब यह ख्याल भी त्याग चुका हूं. लेकिन पिछले दो-तीन साल से मुनिरका में टिका हूं तो इसके पीछे एक लालच यह है कि जेएनयू बगल में है. इस जगह को हर कोई नहीं समझ सकता. हर कोई जी नहीं सकता. असल में दोष हमारा नहीं है. हमारे आसपास जो कुछ भी है वो सबकुछ इतना दूषित हो चुका है कि हम साफ-सुथरी जगह को पचा नहीं पा रहे. हमे लगने लगता है कि असली प्रदूषण तो यहीं है. ऐसा ही कुछ-कुछ हो रहा है, जेएनयू के साथ!<br /><br />यहां एक कहानी सुनाने के लिए रुकता हूं. फिर मुद्दे पर बात आगे बढ़ेगी. &nbsp;कहानी इस तरह से है-शहर में रहने वाला एक परिवार वर्षों से एक ग्वाले से दूग्ध ले रहा था. ग्वाला दूग्ध में पानी मिलाकर देता था. परिवार को पानी वाले दूग्ध की आदत पड़ गई और वो इसी में मस्त थे. खुशी-खुशी खाते-पिते थे, पानी वाला दूग्ध. हुआ यह कि बीच में ग्वाले को लंबे समय के लिए अपने गांव जाना पड़ा. तब परिवार ने दूसरे ग्वाले से दूग्ध &nbsp;लगवा लिया. उस ग्वाले ने परिवार को दूग्ध देना शुरु किया. परिवार के हर सद्स्य की तबीयत बिगड़ गई. किसी को उलटी तो किसी को दस्त लगने लगा. दो-एक सदस्यों को तो कई सांझ भुख ही नहीं लगी. सब परेशान, हैरान. ध्यान देने पर सबने पाया कि दुग्ध कुछ ज्यादा ही गाढ़ा आ रहा है और इसी वजह से सबको दिक्कत हो रही है. परिवार के मुखिया ने अगले दिन सुबह-सुबह ग्वाले को दवोचा. कहा-साले असली दुग्ध पिलाने के नाम पर दुग्ध में युरिया मिला रहे हो. हमसब की तबीयत खराब हो रही है. तुम्हे पुलिस में दे दूंगा. ग्वाले को मामला समझते देर न लगी. उसने कहा-मालिक माफ कर दें. कल से एकदम सही दुग्ध देंगे. फिर अगली सुबह से दुसरा वाला ग्वाला भी दुग्ध में पानी मिलाकर देने लगा. और इसके बाद परिवार की शिकायत दूर हो गई. सबकी तबीयत ठीक रहने लगी.<br /><br />तो मुझे लगता है कि जैसे उस परिवार को वर्षों से पानी वाले दुग्ध खाने और पीने की आदत पड़ गई थी और असली दुग्ध से उन्हें परेशानी होने लगी थी ठीक उसी तरह ही हमे ऐसे कैंपसों की आदत पड़ गई है जहां आए दिन कोई न कोई ड्रेस कोड, आने-जाने का समय या ऐसे ही दुसरे-तीसरे फरमान जारी होते रहते हैं. और हम इसी वजह से जेएनयू को पचा नहीं पा रहे हैं.<br /><br />एक सिरफिरे लड़के ने (जो कि इस कैंपस का छात्र भी था ) ने एक लड़की पर हमला किया, उसे जान से मारने की कोशिश की और फिर खुद को भी खत्म कर लिया . इस घटना के बाद हर कोई यही कहता नजर आ रहा है कि जेएनयू में जो थोड़ी-बहुत आजादी है उसकी वजह से यह हुआ.<br /><br />इस कैंपस में सुरक्षा की कमी है. यहां लड़के-लड़कियों के आने-जाने और देर रात तक पूरे कैंपस में कहीं भी घुमने-टहलने पर कोई रोका-टोकी नहीं है इसलिए ऐसा हुआ. ऐसा किसलिए हुआ इसकी असली वजह कहीं और है लेकिन लोगों के निशाने पर जेएनयू कैंपस है. ऐसे कितने कॉलेज और कैंपस हैं जहां पर तरह-तरह के रोक हैं. जैसे रात में इतने बजे के बाद नहीं आना है.<br /><br />लड़के और लड़कियों के हॉटल के बीच बड़ी सी दिवार या दोनों के बीच बहुत अधिक दूरी. बैंग्लोर में एक ऐसा इंजिनियरिंग कॉलेज भी है जहां कैंपस में लड़के और लड़कियों को साथ देखने पर हजार रुपये का फाईन है. लेकिन पिछले दिनों इसी कॉलेज में एक लड़के ने प्रेम संबंध में नाकामयाबी की वजह से खुद को पंखे से झुला लिया. अब कोई बताए? और ऐसा यह कोई अकेला कैंपस नहीं है.<br /><br />बहुत से ऐसे कैंपस हैं जिंहोंने अपने यहां हर तरह के रोक लगाए हुए हैं लेकिन फिर भी उस कैंपस में भी ऐसी दुखद घटनाएं घटती रहती हैं. हमे इस तरह की हर घटना के पीछे की असल वजह को समझने की कोशिश करनी होगी. और इस तरह की हर घटना की जड़ को खोजकर उसमे मट्ठा डालने का किया जाना चाहिए और फिलहाल हमसब ऐसी हर घटना के बाद इस काम के अलावे सबकुछ करते हैं.&nbsp;</div>http://qalamse.blogspot.com/2013/08/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)2tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-1359796148674828479Wed, 10 Jul 2013 13:26:00 +00002013-07-10T19:10:19.176+05:30पुल तले पाठशाला<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"></div><div style="text-align: left;"><b>दिल्ली में मेट्रो ब्रिज तले चल रहा एक अनोखा स्कूल गरीब परिवारों के कई बच्चों की उम्मीदों को पंख दे रहा है.&nbsp;</b><a href="http://4.bp.blogspot.com/--jotTuXvrXE/Ud1ilF_Q8HI/AAAAAAAAAtU/UFgcCMBmgxg/s1600/school+under+metro+bridje+pix+by+vikas+kumar.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em; text-align: center;"><img border="0" height="400" src="http://4.bp.blogspot.com/--jotTuXvrXE/Ud1ilF_Q8HI/AAAAAAAAAtU/UFgcCMBmgxg/s640/school+under+metro+bridje+pix+by+vikas+kumar.jpg" width="640" /></a></div><br /><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"></div>मेट्रो के पुल के नीचे दुकानें सजना तो दिल्ली में आम है, लेकिन उसके तले कोई स्कूल चलता दिखे तो बात खास हो जाती है. दिल्ली मेट्रो के यमुना बैंक स्टेशन के पास ऐसी ही एक अनूठी और प्रेरणादायी पाठशाला है. मेट्रो ब्रिज इसे धूप और बारिश से बचाने वाली छत है.<br /><br />ब्लैकबोर्ड के लिए पुल की दीवार का एक हिस्सा काले रंग से रंग दिया गया है. बच्चों के बैठने के लिए कुछेक गत्ते और चटाइयां हैं. सप्ताह में पांच दिन और रोज दो घंटे चलने वाला यह स्कूल आस-पास रहने वाले मजदूरों, रिक्शाचालकों और उन जैसे तमाम लोगों की उम्मीद है जिनके बच्चे बस्ते में अपने सपने रखकर यहां आते हैं.<br />हमें कई बच्चे मिलते हैं जिनका जुनून और आत्मविश्वास किसी बड़े स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों जैसा दिखता है.&nbsp;<a href="http://4.bp.blogspot.com/-GV094vfUfF8/Ud1ifDzJagI/AAAAAAAAAss/VST0rSDlRiU/s1600/school+under+metro+bridje+pix+by+vikas+kumar+%252810%2529.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em; text-align: center;"><img border="0" height="418" src="http://4.bp.blogspot.com/-GV094vfUfF8/Ud1ifDzJagI/AAAAAAAAAss/VST0rSDlRiU/s640/school+under+metro+bridje+pix+by+vikas+kumar+%252810%2529.jpg" width="640" /></a><br /><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"></div><br />करीब 10 साल का प्रवेश कहता है, ‘बड़ा होकर ट्रेन चलाऊंगा.’ स्कूल की शुरुआत से ही यहां आ रहा प्रवेश बताता है, ‘मेरा स्कूल सबसे अच्छा है. मास्टर तो अच्छे हैं ही, स्कूल भी ऐसा है जहां कोई बंधन नहीं. खुला-खुला.’ कई और बच्चे भी मिलते हैं जिन्हें अपना स्कूल बहुत प्यारा लगता है. सबको यह भी पता है कि पढ़-लिखकर उन्हें क्या बनना है.<br /><br />उम्मीद और हौसले की इस पाठशाला की शुरुआत कुछ साल पहले राजेश कुमार शर्मा ने की थी. अलीगढ़ से ताल्लुक रखने वाले 40 साल के शर्मा 20 साल पहले बीएससी की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दिल्ली आ गए थे. आ क्या गए थे, मजबूरी में आना पड़ा था. वे बताते हैं, ‘मैं पढ़ने में अच्छा था, लेकिन परिवार बहुत गरीब था इसलिए पढ़ाई छोड़कर दिल्ली आ गया.<br /><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://4.bp.blogspot.com/-qU9uhQnPy6Q/Ud1ijRgHOzI/AAAAAAAAAtM/uxLxZp8iIwk/s1600/school+under+metro+bridje+pix+by+vikas+kumar+%25284%2529.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="356" src="http://4.bp.blogspot.com/-qU9uhQnPy6Q/Ud1ijRgHOzI/AAAAAAAAAtM/uxLxZp8iIwk/s640/school+under+metro+bridje+pix+by+vikas+kumar+%25284%2529.jpg" width="640" /></a></div>रोजी-रोटी चलती रहे इसलिए मैंने किराने की एक दुकान खोल ली जिससे आज भी परिवार चलता है. जब अपने पैर जम गए, दो वक्त की रोटी का जुगाड़ हो गया तब मैंने सोचा कि अब कुछ ऐसे बच्चों को पढ़ाया जाए जिनके मां-बाप गरीब हैं &nbsp;और जिनके पास इतने संसाधन नहीं है कि वे बच्चों को स्कूल भेज सकें या पढ़ा सकें. यह इलाका मेरे कमरे के पास है और यहां के लोग भी गरीब ही हैं सो मैंने यहीं से शुरुआत की. यह स्कूल तो दो साल से है लेकिन मैं तो पिछले चार-पांच साल से बच्चों को पढ़ा रहा हूं.’<br /><br />स्कूल की शुरुआत सिर्फ तीन बच्चों से हुई थी. लेकिन देखते ही देखते बच्चों की संख्या140 तक पहुंच गई. राजेश घबराने लगे क्योंकि अकेले इतने बच्चों को संभालना उनके लिए मुश्किल हो रहा था. उन्होंने बच्चों के मां-बाप से बातचीत करके इस बात के लिए तैयार किया कि जिन बच्चों की उम्र पांच साल से ज्यादा हो चुकी है उन्हें सरकारी स्कूल में भेजा जाए. इस तरह 140 में से 60 बच्चे सरकारी स्कूल में दाखिला पा गए.<br /><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://1.bp.blogspot.com/-Oiy6P-_h4tA/Ud1ieGW19GI/AAAAAAAAAsc/43Z_H6YUmLs/s1600/IMG_6373.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="426" src="http://1.bp.blogspot.com/-Oiy6P-_h4tA/Ud1ieGW19GI/AAAAAAAAAsc/43Z_H6YUmLs/s640/IMG_6373.jpg" width="640" /></a></div><br />साल भर पहले स्कूल को एक और शिक्षक मिला. ये थे बिहार के नालंदा से दिल्ली आए लक्ष्मी चंद्रा. लक्ष्मी विज्ञान में स्नातकोत्तर हैं और दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहते हैं. रोजी-रोटी के लिए वे प्राइवेट ट्यूशन लेते हैं. वे बताते हैं, ‘एक दिन &nbsp;ट्यूशन के लिए जाते वक्त मैंने देखा कि पुल के नीचे बच्चे बैठे हैं और एक आदमी उन्हें पढ़ा रहा है. उस दिन तो मैं निकल गया क्योंकि मेरी क्लास का समय हो रहा था. अगली सुबह उत्सुकता के साथ जब मैं यहां पहुंचा तो पता चला कि राजेश गरीब बच्चों को फ्री में पढ़ाते हैं. मुझे लगा कि &nbsp;इस नेक काम में इनका साथ देना चाहिए. बस तभी से मैं स्कूल से जुड़ गया.’<br /><br />आगे की योजनाओं के बारे में पूछने पर राजेश कहते हैं, ‘देखिए, हमें यह मुगालता नहीं है कि हम कोई बहुत बड़ा काम कर रहे हैं. इस देश में ऐसे बच्चों की संख्या बहुत है जो पढ़-लिख नहीं पाते तो ऐसी हालत में अगर हम कुछेक बच्चों को &nbsp;थोड़ा-बहुत पढ़ा देते हैं तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है. दूसरी बात यह भी है कि हमारी सीमा भी यहीं तक है. लाख चाहकर भी हम दोनों इस देश के हर बच्चे को नहीं पढ़ा-लिखा सकते. रही बात भविष्य की तो जब तक बन सकेगा इसी तरह से पढ़ाते-लिखाते रहेंगे और एक समय के बाद इन्हें सरकारी स्कूल में भेजते रहेंगे. क्योंकि असल चीज जो है डिग्री, वह तो इन्हें वहीं से मिलेगी.’<br /><br /><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://1.bp.blogspot.com/-LrZiG4cXXTU/Ud1iiXQIIYI/AAAAAAAAAs8/4uE9EBWmTAY/s1600/school+under+metro+bridje+pix+by+vikas+kumar+%252818%2529.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="436" src="http://1.bp.blogspot.com/-LrZiG4cXXTU/Ud1iiXQIIYI/AAAAAAAAAs8/4uE9EBWmTAY/s640/school+under+metro+bridje+pix+by+vikas+kumar+%252818%2529.jpg" width="640" /></a></div><br />इस अनूठे स्कूल की तरफ कई गैरसरकारी संगठनों ने भी हाथ बढ़ाया. लेकिन राजेश और लक्ष्मी चंद्रा कहते हैं कि वे अपने &nbsp;मिशन को कमाई का जरिया नहीं बनाना चाहते. राजेश कहते हैं, ‘देखिए, ऐसा तो है नहीं कि हमारे परिवार का पेट नहीं पल रहा है.<br /><br />अपने लिए कमाई का जरिया है ही हमारे पास.’ इतना कहकर राजेश चुप हो जाते हैं और अपने छात्रों को कुछ बताने-समझाने में लग जाते हैं. स्कूल के भविष्य और इससे जुड़ी मुश्किलों से जुड़े सवालों का जवाब देते वक्त राजेश के चेहरे पर आत्मविश्वास की झलक दिखती है. मानो कह रहे हों कि अगर भविष्य और मुश्किलों के बारे में सोचा होता तो मेट्रो के पुल तले यह पाठशाला शुरू ही नहीं हो पाती.&nbsp;</div>http://qalamse.blogspot.com/2013/07/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)1tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-1811524294918722527Thu, 21 Feb 2013 07:34:00 +00002013-02-21T13:04:52.532+05:30कुंभ में पुलिस अलग नजर आती है <div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://1.bp.blogspot.com/-ryvJpBiV9KQ/USXN6tlobfI/AAAAAAAAAng/q5k_BJ7aD5k/s1600/IMG_9405.JPG" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="265" src="http://1.bp.blogspot.com/-ryvJpBiV9KQ/USXN6tlobfI/AAAAAAAAAng/q5k_BJ7aD5k/s400/IMG_9405.JPG" width="400" /></a></div><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;; mso-ascii-theme-font: major-bidi; mso-bidi-theme-font: major-bidi; mso-fareast-font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;; mso-hansi-theme-font: major-bidi;"><b>इलाहाबाद में संगम</b> के किनारे 'कुंभ' सजा है. बांस-बल्लियों के सहारे बहसा एक पूरा शहर. एक बस्ती. एक अलग समाज...! एक महीने के लिए बसे इस समाज को भी सुरक्षा भी चाहिए ही. सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस, उतराखांड पुलिस से लेकर रैपी <b>डे</b>क्शन फोर्स के करीब-करीब लाखों जवान दिन रात, चैबिसों घंटे खड़े रहते हैं. बल्लियों के सहारे ही&nbsp; थाने बने हैं.पुलिस वालों के आसियाने खड़े हैं.</span><br /><div class="MsoNormal"><br /></div><div class="MsoNormal"><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;; mso-ascii-theme-font: major-bidi; mso-bidi-theme-font: major-bidi; mso-fareast-font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;; mso-hansi-theme-font: major-bidi;">इस सब के अलावा जो एक बात चैंकाती है वो है...मेला पुलिस का नजरिया. बात करने का ढंग और आम लोगों से उनकी सहजता. एक पल को तो विश्वास ही नहीं होता कि ये पुलिस हमारे देश की है! असल में जितनी सहजता से मेला पुलिस के जवानों को श्रद्धालुओं से बातचीत करते देखा वैसे मैंने आजतक नहीं देखा था. मैं दूसरे शाही स्नान से एक दिन पहले की शाम को संगम किनारे था. श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार गंगा में डुबकी लगा रही थी. सांझ का समय हो रहा था. सूरज अस्त हो रहा था. लाईंटे जल गईं थीं.</span></div><div class="MsoNormal"><br /></div><div class="MsoNormal"><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;; mso-ascii-theme-font: major-bidi; mso-bidi-theme-font: major-bidi; mso-fareast-font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;; mso-hansi-theme-font: major-bidi;">पुलिस को माईक से यह निर्देश मिल रहा था कि शाम हो जाने की वजह से अब श्रद्धालुओं को गंगा में स्नान करने से रोकें. इसके बाद मैंने जो देखा उसपर सहज विश्वास करना मुश्किल था. मेरी बगल में एक परिवार नहाने के लिए कपड़े उतार रहा था. एसपी रैंक का एक पुलिस जवान परिवार के पास आता है. हांथ जोड़कर कहता है-माता जी...शाम हो गया है. अभी गंगा में नहाने न जाइए. कल सुबह नहा लीजिएगा.</span></div><div class="MsoNormal"><br /></div><div class="MsoNormal"><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;; mso-ascii-theme-font: major-bidi; mso-bidi-theme-font: major-bidi; mso-fareast-font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;; mso-hansi-theme-font: major-bidi;">इतनी विनम्रता से पुलिस के किसी आफिस्र को...आम लोगों से बात करते हुए मैंने अपने अबतक के उमर में तो नहीं ही देखा था. मुझे एक सुखद आश्चर्य हुआ. मैंने उस पुलिस वाले के चेहरे को और उनके कंधे पर लगे बैच को गौर से देखा....यह आफिसर उपी पुलिस का ही था.</span><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;; mso-ascii-theme-font: major-bidi; mso-bidi-theme-font: major-bidi; mso-fareast-font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;; mso-hansi-theme-font: major-bidi;"> संगम से लौटते हुए मैंने देखा कि चितकबरा वर्दी पहने जवान एक बुढ़ी महिला को हांथ पकड़ा के सड़क के किनारे ले जा रहा था. बगैर झलाए...बिना चिल्लाए.</span></div><div class="MsoNormal"><br /></div><div class="MsoNormal"><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;; mso-ascii-theme-font: major-bidi; mso-bidi-theme-font: major-bidi; mso-fareast-font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;; mso-hansi-theme-font: major-bidi;">मौनी अमावस्या वाले दिन करीब-करीब तीन करोड़ लोग...संगम परिसर में पहुंचे थे. इतनी संख्या को हैंडल करना...उन्हें बगैर डराए...प्रेम से...सम्मान से...मेला पुलिस की कर सकती थी.</span></div><div class="MsoNormal"><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;; mso-ascii-theme-font: major-bidi; mso-bidi-theme-font: major-bidi; mso-fareast-font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;; mso-hansi-theme-font: major-bidi;">यही कारण है कि जब इतनी बड़ी संख्या का एक छोटा सा हिस्सा, शाम के समय. इलाहाबाद स्टेशन पर पहुंचती है तो एक भगदड़ मच जाती है और<span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp; </span>36 लोगों की जान चली जाती है.</span></div><div class="MsoNormal"><span lang="HI" style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;; mso-ascii-theme-font: major-bidi; mso-bidi-language: HI; mso-bidi-theme-font: major-bidi; mso-fareast-font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;; mso-hansi-theme-font: major-bidi;"><br /></span></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2013/02/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)2tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-8085896457863775261Sun, 11 Nov 2012 10:23:00 +00002012-11-11T15:53:59.561+05:30'हिंदी का सबसे बड़ा आलोचक सबसे बड़ा जोकर बन चुका है.' <div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><br /><table cellpadding="0" cellspacing="0" class="tr-caption-container" style="float: left; margin-right: 1em; text-align: left;"><tbody><tr><td style="text-align: center;"><a href="http://3.bp.blogspot.com/-M31rn32e1Go/UJ96N8iii3I/AAAAAAAAAms/H5zIGZNrozM/s1600/Wah+Bhi+Koi+Desh+Hai+Maharaj.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; margin-bottom: 1em; margin-left: auto; margin-right: auto;"><img border="0" height="200" src="http://3.bp.blogspot.com/-M31rn32e1Go/UJ96N8iii3I/AAAAAAAAAms/H5zIGZNrozM/s200/Wah+Bhi+Koi+Desh+Hai+Maharaj.jpg" width="143" /></a></td></tr><tr><td class="tr-caption" style="text-align: center;">अनिल यादव की किताब</td></tr></tbody></table><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;">अनिल यादव पेशे से पत्रकार हैं और प्रवृत्ति से घुमक्कड़ लेखक. उनकी हालिया प्रकाशित किताब ‘वह भी कोई देस है महाराज’ पूर्वोत्तर पर केंद्रित एक यात्रा वृत्तांत है. इसमें देश के ऐसे भूभाग की बातें और समस्याएं हैं जो हिंदी पट्टी और देश के दूसरे हिस्सों के लिए अब भी अबूझ पहेली की तरह हैं. किताब के जरिए अनिल अपने साथ पाठकों को भी सुदूर पूर्वोत्तर की सैर कराते हैं. किताब के बारे में उनसे एक बातचीत.<o:p></o:p></span></strong></div><div class="MsoNormal"><strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;"><br /></span></strong></div><div class="MsoNormal"><strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;">आम तौर पर कहा जाता है कि भारत सरकार और पूर्वोत्तर के बीच संवादहीनता है. क्या संवादहीनता केवल सरकारी स्तर पर है? क्या साहित्य और पत्रकारिता के स्तर पर कोई संवादहीनता नहीं है?&nbsp;</span></strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;"><o:p></o:p></span></div><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;">पूर्वोत्तर से जो भी संवाद है वह सरकारी ही है या फिर व्यापारियों ने बना रखा है. अगर वहां सरकार की भेजी फौजें, किसिम-किसिम के दफ्तर, आयोग और हजारों कर्मचारी न होते तो यह अलगाव और भी गहरा होता. लेकिन यह सिलसिला बहुत फूहड़ है क्योंकि वहां उग्रवाद और आदिवासियों की अन्य जटिल समस्याओं को हल करने का जिम्मा जिन बड़े अफसरों पर है वे पूर्वोत्तर को पिकनिक की जगह समझते हैं जहां जंगली रहते हैं जो उनके स्वागत में नाचने चले आते हैं. वहां के बहुत-से लोगों की तरह अरुणाचल के मुख्यमंत्री गेगांग अपांग की बहू आद्री ने भी एक मुलाकात में व्यंग्य करते हुए मुझसे पूछा था, ‘आप क्या समझते थे मैं घर में नहीं पेड़ पर बैठी मिलूंगी.’ जबकि वह औरत दिल्ली में पढ़ाई और उत्तर प्रदेश में भंगियों पर रिसर्च करके गई थी. दिल्ली के अफसरों ने वहां दलालों, ठेकेदारों और भ्रष्ट अफसरों का एक विशाल तंत्र विकसित किया है जो आदिवासियों को उन्हीं की नजर से देखता है. सरकार की नजर में वहां की हर समस्या का समाधान या तो दमन है या पैसे बांटना है. माफ कीजिएगा, मीडिया और साहित्य से आप कुछ ज्यादा ही उम्मीद लगाए बैठे हैं जबकि दोनों ही हाइली लोकलाइज्ड धंधे हैं. उन्हें पूर्वोत्तर या किसी और जगह के आम लोगों से क्या लेना-देना. मीडिया ने पूर्वोत्तर को सदा से ब्लैक आउट कर रखा है. कोकराझार और दूसरे बोडो इलाकों में आदिवासियों और मैमनसिंघिया मुसलमानों के बीच मारकाट को जरा तवज्जो इसलिए मिल गई कि उसकी प्रतिक्रिया मुंबई और लखनऊ जैसी रेवेन्यू देने वाली जगहों में होने लगी थी. और रही बात हिंदी साहित्य की तो इन दिनों उसकी सबसे बड़ी समस्या पुरस्कार, अफसर लेखक का ट्रांसफर, बच्चे का इम्तिहान और मिडिल क्लास का सड़ियल प्रेम है. हरिश्चंद्र चंदोला की नागा कथा के कुछ अंशों के कई साल पहले हंस में छपने को छोड़ दें तो लोगों की समस्याओं पर प्रामाणिक ढंग से किसी साहित्यिक पत्रिका में कुछ नहीं छपा है. अब हिंदी का लेखक अपने चरित्रों के भी पास नहीं जाता. लेखक चाहता है कि पात्र खुद आएं और उसके पैरों पर गिर कर अपना हाल बता जाएं.&nbsp; &nbsp;<o:p></o:p></span><br /> <strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;"><br /></span></strong><strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;">पूर्वोत्तर से हिंदीभाषियों&nbsp; के खिलाफ हिंसा की खबरें आती रहती हैं. आखिर इस इलाके में हिंदीभाषियों के लिए इतनी नफरत&nbsp; क्यों है?</span></strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;"><o:p></o:p></span><br /> <span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;">वहां अलगाव की राजनीति करने वाले लोग चुनावी फायदे के लिए हिंदी बोलने वाले आदमी को इंडिया के प्रतिनिधि के रूप में रंग देते हैं और वह अंधी हिंसा का शिकार बन जाता है. इंडिया शब्द वहां देशप्रेम नहीं दमन और भेदभाव की स्मृति जगाता है. लेकिन इससे भी बड़ा मसला जीने के संसाधनों पर कब्जे का है. पहले असम में जमीन बहुत ज्यादा थी और आबादी कम. तब सबका स्वागत था. लेकिन अब सीमित संसाधनों पर दखल के लिए असमिया, बोडो, मिरी, हिंदीभाषी और बांग्लादेशी मुसलमान सभी जूझ रहे हैं और खूनखराबा जारी है. राजनेता इस जटिल प्रश्न को हल करने के बजाय नफरत को सत्ता पाने की सीढ़ी की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.</span><br /><strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;"><br /></span></strong><strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;">क्या आप पूर्वोत्तर की यात्रा पर निकलते समय ही यह तय कर चुके थे कि इस यात्रा संस्मरण को एक किताब की शक्ल में लाएंगे? </span></strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;"><o:p></o:p></span><br /> <span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;">नहीं, जाते समय सिर्फ रिपोर्टिंग का इरादा था. किताब के बारे में सोचना उन दिनों की मनःस्थिति में मुमकिन नहीं था. मेरे दोस्त पंकज श्रीवास्तव (जो इन दिनों एक हिंदी समाचार चैनल में हैं) ने यह कह कर एक डायरी जरूर दी थी कि लौटने के बाद वहां के संस्मरणों को दोस्तों के बीच सुना जाएगा. लेकिन लौटते ही मैं प्रेम में पड़ गया. कुछ दिन बनारस में नौकरी की, फिर आदिवासी नायकों पर कामिक्स लिखने, बिरसा मुंडा पर फिल्म बनाने और एक ट्राइबल म्यूजियम बनाने की एक महत्वाकांक्षी योजना पर मुग्ध होकर झारखंड में भटकने लगा जो बुरी तरह फ्लाप हुई. फिर अचानक लखनऊ में घर बस गया. मैं पूर्वोत्तर को एकदम भूल गया. वह तो सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरनमेंट की रिपोर्टिंग फेलोशिप के कारण अरुणाचल का एक और लंबा चक्कर लगा कर लौटने के बाद 2005 में मुद्राराक्षस ने लखनऊ से एक पत्रिका निकाली जिसके लिए यह संस्मरण लिखना शुरू किया. उन्होंने झक में चार अंक बाद पत्रिका बंद कर दी. मैंने लिखना बंद कर दिया. तब से वही पत्रिकाओं, अखबारों, ब्लागों में यदा-कदा छपता रहा और कोई न कोई पाठक या दोस्त कहता रहा कि इसे किताब की शक्ल में आना चाहिए. जब अंतिका प्रकाशन के गौरीनाथ पीछे पड़ गए तब इतने साल बाद मैंने पूर्वोत्तर में पहने कपड़ों, वहां के नक्शों, डायरियों, स्केचों, चिट्ठियों, तस्वीरों, जुटाए गए दस्तावेजों से भरा झोला खोला और उस यात्रा को रिकंस्ट्रक्ट किया. सच कहूं तो यह गौरीनाथ और मेरे बच्चे टीपू की किताब है. वे दोनों न होते तो यह कभी न लिखी जाती. मैं छपने न छपने से उदासीन हो चुका था.&nbsp;&nbsp;&nbsp;<o:p></o:p></span><br /> <table align="center" cellpadding="0" cellspacing="0" class="tr-caption-container" style="margin-left: auto; margin-right: auto; text-align: center;"><tbody><tr><td style="text-align: center;"><a href="http://3.bp.blogspot.com/-fg6kl7ZXnMM/UJ96_2H6zII/AAAAAAAAAm0/eBxI_z19bNw/s1600/Anil+Yadav+3.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: auto; margin-right: auto; text-align: center;"><img border="0" height="285" src="http://3.bp.blogspot.com/-fg6kl7ZXnMM/UJ96_2H6zII/AAAAAAAAAm0/eBxI_z19bNw/s400/Anil+Yadav+3.jpg" width="400" /></a></td></tr><tr><td class="tr-caption" style="text-align: center;">पत्रकार व लेखक अनिल यादव अपने निराले अंदाज में; फोटो: प्रमोद अधिकारी&nbsp;</td></tr></tbody></table><strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;">आपने बताया कि आपने एक प्रोजेक्ट के सिलसिले में झारखंड की भी यात्रा की है. क्या इस इलाके के बारे में भी कुछ लिखेंगे?</span></strong><br /> <span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;">झारखंड तो मैं एक साल रह गया. इसके अलावा मैं पंजाब, हिमाचल और दक्षिण के छोटे कस्बों और गांवों में भी कुछ वक्त बाइक से बेमकसद भटका हूं. लेकिन अब मैं कुछ ठोस,&nbsp; शोधपरक काम करना चाहता हूं. ऐसी जगहें जहां सरकार, लोकतंत्र, विकास वगैरह लगभग अनुपस्थित हैं, जहां बस आदमी है और निर्मम प्रकृति है वहां लोग कैसे जीते हैं, इस बारे में लिखना चाहता हूं. मसलन तिब्बत के भीतरी हिस्सों के बारे में रहस्य की जो कहानियां हैं वे मुझे उकसाती हैं. जानना चाहता हूं कि मध्य प्रदेश के अबूझमाड़ के जंगल के भीतर आदिवासी और नक्सली कैसे रहते हैं या एक समुद्री मछुआरे का जीवन कैसा होता है. अगली यात्रा पुस्तक का अस्तित्व मेरे पास संसाधनों के होने न होने पर निर्भर है. हो सकता है मेरी अपनी शर्तों पर कोई प्रायोजक भी मिल जाए.&nbsp;&nbsp;&nbsp;<o:p></o:p></span><br /> <strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;"><br /></span></strong><strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;">पूर्वोत्तर को लेकर अज्ञेय का भी काफी महत्वपूर्ण काम रहा है. उनके काम को किस तरह से देखते हैं?</span></strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;"><o:p></o:p></span><br /> <span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;">अज्ञेय के यात्रा वृत्तांत मैं पहले पढ़ चुका था. लेकिन वे कहानियां जो पूर्वोत्तर में घटित होती हैं, मैंने इस यात्रा के दौरान ही पढ़ीं. उनमें भारत और फौज के प्रति असंतोष की ध्वनि है. लेकिन तब से अब के बीच ब्रह्मपुत्र में काफी पानी और खून बह चुका है. अब हर आदिवासी समुदाय की अपनी एक साहित्य सभा है जो उनकी बोली की लिपि बना रही है और एक गुरिल्ला संगठन है जो एक अलग राज्य या देश मांग रहा है. साथ ही उनके गुस्से के ढेरों आदिवासी राजनीतिक सौदागर हैं. लेकिन अज्ञेय के काम और बहुआयामी व्यक्तित्व की हमने क्या कद्र की? हिंदी के गोष्ठीबाजों ने उन्हें रिड्यूस कर एक साहित्यिक गिरोह के नेता और कलावादी के रूप में नई पीढ़ी को पहचनवाया. मुझे लगता है कि हिंदी के पास अज्ञेय के रूप में एक अपना रवींद्र नाथ टैगोर था. हमने उसे नहीं पहचाना और खो दिया.<o:p></o:p></span><br /> <strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;"><br /></span></strong><strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;">हिंदी साहित्य का कोई भी नामचीन समीक्षक इस किताब के बारे में कुछ भी लिख-बोल नहीं रहा है.</span></strong><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;"><o:p></o:p></span><br /> <div class="MsoNormal"><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;;">हिंदी के दो बड़े लेखकों स्वयं प्रकाश और ज्ञानरंजन ने इस किताब की समीक्षा की है. टीवी और प्रिंट के कुछ अच्छे पत्रकारों ने भी रिव्यू किया है इसलिए यह कहना कि कोई लिख-बोल नहीं रहा है, ठीक नहीं होगा. दूसरी बात, मैं नितांत निजी वजहों से लिखता हूं इसलिए आलोचकों, समीक्षकों की परवाह नहीं करता और उनसे किसी प्रकार की अपेक्षा नहीं रखता. मुझे लगता है कि लेखक जरा उपेक्षित और गुमनाम रहकर ही अच्छा काम कर सकता है. उपेक्षा मेरे भीतर की आग को लहकाने का काम करती है. ज्यादा नामवरी किसी भी लेखक के लिए फंदा है जो फंसा कर अपनी कीमत अंततः वसूल ही लेती है. आलोचना अब रचना को विश्लेषित करने के बजाय चमचे और विपुल मात्रा में घटिया साहित्य निर्मित करने का जरिया बन रही है. हिंदी का सबसे बड़ा आलोचक सबसे बड़ा जोकर बन चुका है. असल बात यह है कि यदि आपकी विषयवस्तु में दम है तो नामचीनों की चुप्पी के बावजूद अपनी जगह बना लेंगे. नहीं तो कितनी भी शुरुआती हाइप बना लें फुस्स हो जाएंगे.&nbsp;</span></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2012/11/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)1tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-2028467230326578866Tue, 17 Jul 2012 14:15:00 +00002012-07-17T19:45:33.320+05:30पारंपरिक उद्योग, आधुनिक शैली<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><br /><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><i><b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर से करीब तीन</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">किमी की दूरी पर गंगा नदी के किनारे बसा छोटा सा गांव लोदीपुर-चकवारा प्रदेश के दूसरे</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">गांवों के लिए खेती-किसानी के मामले में एक बड़ी मिसाल है.</span></b></i></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">लोदीपुर-चकवारा गांव पिछले सौ सालों से</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">न सिर्फ फूलगोभी बीज का उत्पादन करता आ रहा है बल्कि देश के लगभग कई हिस्सों में यहां</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के बीजों की मांग रही है. समूचा गांव इसी बीज उद्योग पर आश्रित है. </span>1990 <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">से </span>2000 <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बीच गांव के इस पुश्तैनी उद्योग को तब बड़ा झटका लगा था जब बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">इस व्यवसाय में उतर गई थीं. इनकी जोरदार मार्केटिंग और धुआंधार प्रचार के आगे गांव</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के पारंपरिक बीज उत्पादक पिछड़ने लगे थे क्योंकि बाजार का मुकाबला करना इन किसानों के</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">वश से बाहर की बात थी. दूसरी मुसीबत यह भी थी कि इन खेतों मे रासायनिक खादों के जरुरत</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">से ज्यादा प्रयोग ने यहां की उत्पादन क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर दिया था. दोहरे</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">संकट से जूझ रही खेती-किसानी को वापस ढर्रे पर लाने का जिम्मा तब गांव के युवाओं ने</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">अपने कंधों पर लिया और ऐतिहासिक वापसी की. इन्हीं में से एक थे संजीव कुमार जिन्होंने</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">गांव के युवा किसानों को एक जुट करके विभिन्न स्रोतों की मदद से यहां की कृषि व्यवसाय</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">को आगे बढ़ाया. इस बारे में बताते हुए </span>35 <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">वर्षीय संजीव बताते हैं</span>, <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">‘</span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">पूरे बाजार पर मल्टीनेशनल</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">कंपनियों का कब्जा था. किसान उन्हीं बीजों को खरीद रहे थे सो बीज विक्रेता हमारी बीज</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">रखने तक को तैयार नहीं थे. हम इन बीजों को औने-पौने भाव में बेचने को मजबूर थे. इन</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">सबके बावजूद हमने हिम्मत नहीं हारी और फिर रास्ते खुलते चले गए.</span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">’</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">कायापलट की इसी कहानी की थाह लेने हम इस</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">गांव में आए थे जहां</span><span lang="HI"> </span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">&nbsp;</span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">साल </span>2009 <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के फरवरी में</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">इनके द्वारा तैयार बीजों की उम्दा क्वालिटी और उत्पादन क्षमता से प्रभावित होकर बिहार</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी आना हुआ था. उन्होंने तब अपने अधिकारियों को निर्देश</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">दिया था कि मार्च</span>, 2011 <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">तक यहां के किसान भवन में </span>50 <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">लाख की लागत वाली </span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">‘</span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">सीड प्रोसेसिंग</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">युनिट</span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">’</span> <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">लगवाई जाए ताकि उत्पादन को और गति दी जा सके.</span><span lang="HI"> </span><b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">हालाकिं मार्च का महीना खत्म</span></b><b><span lang="HI"> </span></b><b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">हो चुका है लेकिन अभी तक </span></b><b><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">“</span></b><b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">प्रोसेसिंग युनिट</span></b><b><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">”</span></b><b> </b><b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">नहीं लग पाया है. इस बारे में संजीव बताते हैं</span></b><b>, </b><b><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">“</span></b><b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">फंड आ गया है. कहीं कोई दिक्कत नहीं है. जमीन का खाता-खेसरा</span></b><b><span lang="HI"> </span></b><b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">नंबर लिखकर जामा करवाना है. जनवरी</span></b><b>, </b><b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">फरवरी का महीना हमारे लिए कमाई के नजरिए से महत्वपूर्ण</span></b><b><span lang="HI"> </span></b><b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">होता है सो किसान उस तरफ लगे हैं. देरी हम में है</span></b><b>, </b><b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">सरकार या विभाग में नहीं. उम्मीद</span></b><b><span lang="HI"> </span></b><b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">है कि अगले दो-एक महीनें में युनिट लग जाएगा.</span></b><b><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">”</span></b><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">&nbsp;</span> <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">इस यूनिट के लग जाने से बीज के प्रोसेसिंग का काम</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">जो कि अभी तक यहां के किसान मैनुअली करते हैं</span>, <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">मशीन से होने लगेगी. इसके बाद इनकी मेहनत</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">और लागत में कमी भी होगी.</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">‘</span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">इस हालात तक पहुंचने में बहुत वक्त लगा.</span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">’</span> <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">उस मुश्किल दौर से निकलने की पूरी कहानी बताते हुए संजीव कहते हैं कि उस वक्त गांव</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के किसानों के लिए सबसे बड़ी दिक्कत थी पैसों की कमी. इसी दौरान संजीव को नबार्ड (नेशनल</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बैंक फॉर अग्रीकल्चर ऐंड रूरल डवलपमेंट) के बारे में जानकारी मिली. इन्होंने नबार्ड</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के अधिकारियों से मिलकर अपनी और अपने गांव के किसानों की परेशानी बताई. नबार्ड के अधिकारियों</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के निर्देश पर गांव के सभी किसानों ने मिलकर </span>2001 <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">में एक किसान क्लब का निर्माण किया</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">ताकि</span><span lang="HI"> </span><b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">नबार्ड इन्हें आर्थिक मदद पहुंचा सके</span></b>. <i>(</i><i><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">नबार्ड खुद कोई आर्थिक मदद नहीं</span></i><i><span lang="HI"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">देता है. यह संस्था जरुरतमंद किसानों और स्थानिय बैंक के बीच पूल का काम करता है.)</span></i><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">इस बारे में संजीव बताते हैं</span>, <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">‘</span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">हमारे यहां के किसानों के पास जोत लायक जमीन कम है जिसकी</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">वजह से बैंक लोन या किसान क्रेडिट कार्ड देने से कतराती थीं लेकिन किसान क्लब बन जाने</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के बाद यह दिक्कत दूर हो गई.</span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">’</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">पैसे की परेशानी खत्म होने के बाद गांव</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के किसानों की दूसरी परेशानी खेतों की घटती उपज क्षमता को ठीक करने की थी. इसके लिए</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">इन्होंने इंटरनेट</span>, <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">रेडियो</span>, <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">फोन और अन्य माध्यमों के जरिए कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">किया और उनसे सलाह मांगी. वैज्ञानिकों की सलाह पर यहां के किसानों ने अपने खेतों मे</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">रासायनिक खाद डालना कम किया और गोबर डालना शुरु किया. इसका परिणाम यह हुआ कि धीरे-धीरे</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">खेतों की पुरानी उपज क्षमता लौटने लगी और साल </span>2005 <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">तक किसानों ने एक एकड़ में करीब-करीब</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">एक क्विंटल बीजों का उत्पादन शुरु कर दिया. इसी साल गांव के युवा किसानों ने मिलकर</span> 2001 <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">में बने किसान क्लब को </span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">‘</span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">अन्नदाता कृषक क्लब</span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">’</span> <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">का नाम दिया और सबलोग इस एक क्लब</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के बैनर तले आ गए. कायापलट के इस पूरे खेल में संजीव ने आगे बढ़कर उदाहरण पेश किए और</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">दूसरों ने उसका अनुसरण किया. इसी नेतृत्व क्षमता की वजह से संजीव इस क्लब के सचिव हैं.</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">गांव में बने सामुदायिक भवन को </span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">’</span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">किसान भवन</span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">’</span> <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">का नाम दे दिया गया और इसी भवन में क्लब के सदस्यों की नियमित तरीके से महीने में एक</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बार बैठक होती है जिसमें मौजूदा मौसम में खेतों में लगने वाले कीट और बिमारियों के</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बारे में चर्चाएं होती है</span>, <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">फिर उस बीमारी से बचने क लिए नजदीकी कृषि वैज्ञानिकों से</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">सलाह-मशविरा किया जाता है. ऐसे में नुकसान होने की गुंजाइश कम रहती है.</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">संजीव के मकान के बाहरी कमरे में उनसे हमारी</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">यह बातचीत चल ही रही थी कि उस कमरे में कुर्ता और पजामे में एक युवक</span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">&nbsp;</span> <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">आता है. संजीव उस युवक से हमारा परिचय करवाते हैं</span>, <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">‘</span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">ये हमारे गांव के ही एक युवा किसान हैं और इन्होंने अभी अभी अपनी मैनेजमेंट की पढ़ाई</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">खत्म की है.</span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">’</span> <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">आज जब लोग एमबीए करने के बाद शहर जाकर बड़े फर्मों में नौकरी करना और एक</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">मोटी तनख्वाह उठाना पंसंद करते हैं</span>, <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">ऐसे में रुपेश का खेती की तरफ रुझान एक सुखद आश्चर्य</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">था. रुपेश बताते हैं</span>, <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">‘</span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">मैंने एमबीए किया ही इसलिए है ताकि अपने गांव और परिवार के पारंपरिक</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बीज व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें. आखिरकार यह भी तो एक बिजनेस ही है. मैं अपनी इस पढ़ाई</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">से इस वर्षों पुराने बिजनेस को फायदा पहुंचाना चाहता हूं न कि किसी मल्टीनेशनल को.</span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">’</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">आज गांव के युवाओं में खेती को छोड़कर नौकरी</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">करने की होड़ लगी है. लोग अपनी जमीन जोतने से ज्यादा अच्छा समझते हैं दिल्ली</span>, <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">मुम्बई</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">या कलकत्ता जैसे महानगरों में मजदूरी करना. ऐसा नहीं है कि लोदीपुर-चकवारा के इन युवा</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">किसानों ने मुश्किल वक्त नहीं देखा है या आज चीजें बिलकुल इनके अनुरुप हो गई हैं. ये</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">आज भी अपने बीज की उपयोगिता साबित करने करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों से भिड़ रहे हैं.</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">रूपेश कहते हैं</span>, <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">‘</span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">पहले हमारे बीज का बाजार बहुत बड़ा था. जम्मू-कश्मीर को छोड़कर समूचे</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">भारत में हम गोभी के बीज का निर्यात करते थे. आज स्थिति वैसी नहीं है. हमारा बाजार</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">कम हो रहा है. सो हमने अपने बीज की गुणवत्ता को बताने के लिए इंटरनेट का सहारा लिया</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">है. सोशल नेट्वर्किंग साईट की मदद ले रहे हैं. अन्नदाता कृषक क्लब के बैनर तले अलग-अलग</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">इलाकों में गोभी की खेती के उपर सेमिनार आयोजित करवा रहे हैं. अपने बीज के बारे में</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">जानकारी देने के लिए राज्य और राज्य से बाहर लगने वाले कृषि मेलों में अपने स्टॉल लगा</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">रहे हैं और इससब से एक बार फिर हमे हमारा खोया हुआ बाजार मिल रहा है.</span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">’</span> <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">इस प्रतिद्वंद्विता</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">में जीतने के लिए रूपेश जैसे व्यापारी दिमाग और संजीव जैसी नेतृत्व क्षमता बहुत जरूरी</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">है और यही वजह है यहां की कृषि सफल साबित हो रही है. इसका एक अच्छा परिणाम यह भी है</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">कि इस गांव के लोग सरकारी या प्राइवेट नौकरी की जगह किसानी को तवज्जो दे रहे हैं.</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">गांव</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के</span> 40 <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">वर्षिय</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">द्वारीका</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">सिंह</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">पास</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">अपनी</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">एक</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">एकड़</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">से</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">भी</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">कम</span>( <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">दस</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">कठ्ठा</span>) <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">जमीन</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">है</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">लेकिन</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">वो</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">अपनी</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">इसी</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">थोड़ी</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">सी</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">ज़मीन</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">पर</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">गोभी</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बीज</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">का</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">उत्पादन</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">कर</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">अपने</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">और</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">अपने</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">परेवार</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">का</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">भरण</span>-<span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">पोषण</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">करते</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">हैं</span>. &nbsp;<span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">द्वारीका</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">मुताबिक</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">अगर</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">अन्नदाता</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">किसान</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">क्लब</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">नहीं</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बनता</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">तो</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">यहां</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">किसानों</span>&nbsp; <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">लिए</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बाज़ार</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">में</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">तेज़ी</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">से</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">आ</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">रहे</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">हाईब्रीड</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बीज</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">से</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">मुकाबला</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">करना</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">मुश्किल</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">हो</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">जाता</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">लेकिन</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">आज</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">स्थिति</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बदल</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">चुकी</span> <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">है</span>.&nbsp;</div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">संजीव और रुपेश के साथ हम बात करते हुए</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">खेतों की तरफ निकलते हैं. चारो तरफ जहां तक हमारी नजर जाती है केवल गोभी के खेत ही</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">दिखते हैं. आखिर इस खेती से इन किसानों की कितनी कमाई हो जाती है कि आय के बेहतर विकल्पं</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">को छोड़कर ये कृषि को उपयुक्त मानते हैं</span>? <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">इसके जवाब में संजीव कहते हैं</span>, <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">‘</span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">इस गांव में</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">करीब </span>20-25 <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">घर है. किसी के पास एक एकड़ से ज्यादा जमीन भी नहीं है और इनके पास इस खेती</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">को छोड़कर आय का कोई दूसरा साधन भी नहीं है. हमारा पूरा का पूरा खर्च इसी से चलता है.</span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">’</span> <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">वे अपनी बात जारी रखते हैं</span>, <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">‘</span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">आज हम एक एकड़ में करीब </span>100 <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">किलो बीज तैयार करते हैं. अगर</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बीज की कीमत </span><b><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">सात</span></b><b> </b><b><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">सौ<span lang="HI"> रुपए</span></span></b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';"> किलो भी रही तो एक एकड़ में सत्तर हजार रुपये तो आ ही जाते हैं</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">जबकि गोभी के बीज की कीमत करीब-करीब </span><b><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">एक</span></b><b> </b><b><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">हज़ार</span></b><b> </b><b><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">से</span></b><b> </b><b><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बारह</span></b><b> </b><b><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">सौ</span></b><b> </b><b><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">रुपय</span></b><b> </b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">किलो तो रहती ही है. इसमे से लागत</span>, <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">जो</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">एक एकड़ में करीब </span>20-25 <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">हज़ार होता है</span>, <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">को हटा भी दें तो इतनी कमाई तो हो जाती है जिससे</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">खा-पीकर कुछ बचा भी लिया जा सके.</span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">’</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">खेतों के किनारे-किनारे घुमते हुए इतनी</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बात होती रही और इस सब के बीच संजीव लगतार फोन से अपने दूसरे युवा किसान साथियों को</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बुलाते रहे लेकिन तब दिन के करीब ग्यारह बज रहे थे और यह वक्त था गोभी को बाजार ले</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">जाकर थोक व्यापारियों के हाथ बेचने का. सो उनके ज्यादातर किसान साथी वहां आ पाने में</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">असमर्थ थे. हमने उन्हें फोन करने से रोक दिया क्योंकि हमे लगा कि इन किसानों के लिए</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">एक पत्रकार से बात करने से ज्यादा जरुरी है अपने माल को सही तरीके से बेचना.</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><b><u><span style="font-size: 18pt;"><span style="text-decoration: none;"><br /></span></span></u></b></div><b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">संयोग</span></b><b><span lang="HI"> </span></b><b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">और प्रयोग का बेमिसाल परिणाम</span></b><b><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">&nbsp;&nbsp;</span></b><b> </b> <br /><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">लोदीपुर चकवारा के ही एक बीस वर्षीय किसान</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">राजीव कुमार ने नेनुआ की एक ऐसी किस्म विकसित की है जिसे तलने के लिए कड़ाही में डालते</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">ही बासमती चावल-सी खुशबू आने लगती है. राजीव कुमार नेनुआ की इस खास प्रजाति को अपने</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">नाम के साथ सुरक्षित करवाने में लगे हुए हैं. इसी वजह से वे इसे विकसित करने के तरीकों</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताना चाहते हैं. हमारे बार-बार आग्रह के बाद वे इतना</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बताते हैं</span>, <span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">‘</span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">हम अपने खाने के लिए हर साल नेनुआ के दो पौधे अपने घर के पास लगाते हैं.</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">आज से करीब पांच साल पहले की बात है. एक सुबह मैंने देखा कि कुछ मधुमक्खियां नेनुआ</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">के पौधे में लग रही फूल पर से उड़कर बगल के बासमती धान के खेत में आ-जा रही हैं. ये</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">प्रक्रिया दिनभर चलती रहती थी. फिर कुछ टाईम के बाद धान तो काट लिए गए लेकिन जब-जब</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">हवा चलती तो बासमती चावल वाली खुशबू महसूस होती थी. काफी गौर करने पर मालूम हुआ कि</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">ये खुशबू उस नेनुआ के पौधे से आ रही है. फिर मैंने इस बारे में अपने दूसरे किसान साथियों</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">से बात की और उस साल से उसी बीज को हर साल लगाना और उसे गोबर की मदद से उपजाना शुरु</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">कर दिया.</span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">’</span> <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">इतना बताने के बाद राजीव कहते हैं कि इससे आगे की विधि तब तक नहीं बता सकता</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">जब तक</span><span lang="HI"> </span><b><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">यह तरीक (</span></b><i><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">तरीका नहीं. नेनुआ की यह खास प्रजाति</span></i><b>)</b> <span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">मेरे नाम</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">से पेटेंट नहीं हो जाता.</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">बातचीत के बाद राजीव मेरे लिए दो नेनुआ</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">ले आते हैं और कहते हैं कि मैं इसे अपने घर पर ले जाकर बनाउं और अगर कहे अनुसार खुशबू</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">आए तभी इस बारे में लिखूं. राजीव से मिले नेनुए से सब्जी बनाने और उसे खाने के दौरान</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">वही खुश्बू आती रही जिसका जिक्र उनसे हुई बातों में हुआ था.</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">आपको यह बताते चलें कि नेनुआ की इस खास</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">प्रजाति को खोजने और सहेजने वाले युवा किसान अभी स्नातक के छात्र हैं और खेती के साथ</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI" style="font-family: 'Arial Unicode MS';">पढ़ाई भी कर रहे हैं.</span></div><div class="MsoNormal"><br /></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2012/07/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)1tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-2129604062140715961Tue, 26 Jun 2012 14:33:00 +00002012-06-26T20:21:45.477+05:30सादी ज़िन्दगी, सादी मौत...<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><div style="text-align: justify;"><b style="background-color: white;">बिहार में हर साल </b><span style="background-color: white;">एक बिमारी तय मौसम में. तय समय पे आती है. और बगैर किसी शोर-शराबे के हर साल कुछ बच्चों को मौत की नींद सुला जाती है. यह भी कमाल की बात है कि इस बिमारी के शिकार केवल गरीब के बच्चे ही होते हैं. जैसे प्रकृति कह रही हो-क्या करोगे तुम जी के. चलो. इस दुनियां मे गरीबो के लिए ज़िन्दगी जीना सबसे कठीन है.&nbsp;</span></div><div style="text-align: justify;"><span style="background-color: white;">जैसा कि पिछले पंद्रह सालों से होता आया है. इस इलाके में. जून के महीने के साथ. गर्मी बढ़ने के साथ. बिमारी ने बच्चों को निगलना शुरू किया. और आज एक महीने बाद, बताया जा रहा है कि 233 गरीब बच्चे मौत ही नींद सो चुके हैं. बताइए…किस समाज में रह रहे हैं, हम. एक महीने के अंदर. 233 मौतें. एक बिमारी से. वैसी बिमारी जो पिछले पंद्रह साल से आ रही है. हर साल. फिर भी कोई हो-हल्ला नहीं. हर तरफ शांति. चुप्पी. जैसे इस बिमारी से केवल गरीब के बच्चे ही नहीं मर रहे. पूरा का पूरा बिहारी समाज मर गया हो. और समूचे बिहार में मरघट सी शांति पसरी हो. कहीं कोई आवाज नहीं.&nbsp;</span></div><div style="text-align: justify;"><span style="background-color: white;">एक साल तक पटने में रहा हूं. छोटे-छोटे मुद्दों को लेकर लोग करगील चौक पे धरने पे बैठ जाते हैं. डाक-बंगला चौराहा जाम होता रहा है. लेकिन 233 बच्चों की मौत पे चुप्पी?&nbsp;</span></div><div style="text-align: justify;"><span style="background-color: white;">शायद ये चुप्पी इसलिए कि जो मर रहे हैं वो गरीब-गुरबे हैं. जिन्हें आज भी केवल वोट-बैंक समझा जाता है. जिन्दा लोग नहीं!</span></div><div style="text-align: justify;"><span style="background-color: white;">2011 की जुलाई महीने में इस बिमारी को पास से देखने-समझने का मौका मिला. दो दिन मुजफ्फरपुर और दो दिन गया में रह कर. एक दोपहर को मुजफ्फरपुर के केजरीवाल अस्पताल में पहूंचा था. कदम सीधे-सीधे दूसरे तल्ले के उस बड़े से कमरे की तरफ बढ़ चले थे जिसे “इंसेफलाइट- वार्ड” का नाम दिया गया था.&nbsp;</span></div><div style="text-align: justify;"><span style="background-color: white;">एक हॉलनुमा कमरा. करीब-करीब पच्चीस बेड. हर बेड पे एक बच्चा लेटा हुआ. बच्चे की मुरथारी में उसकी मां-दादी या नानी बैठी हुई. बच्चे…कोई पांच बरिष का तो कोई सात तो कोई दो या तीन बरिष का. सबके-सब बेहोश. पेट फुला हुआ. आंखे बंद. नाक और मुंह में एक पाईप ठुंसी हुई. कुछ आखें खुली तो थी लेकिन डॉक्टर ने बताया कि केवल खुलीं हैं. पिछले कई दिनों से. कुछ सेंस नहीं है इनके पास….! बिमार बच्चों का सेंसलेस होना तो समझ आता है. लेकिन यह समझ नहीं आता कि पिछ्ले सोलह साल से सरकारें और पब्लिक क्यों सेंसलेस हुई पड़ी है?</span></div><div style="text-align: justify;"><span style="background-color: white;">उन्हीं दिनों, बिहार के दो इलाकों के अस्पतालों से &nbsp;ली गईं कुछ तस्वीरें नीचे पोस्ट की गईं हैं. कोई कैप्शन नहीं. कोई नाम नहीं. केवल सादी तस्वीरें-</span></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: left;"><br /></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://2.bp.blogspot.com/-i_9gu30r2wc/T-nFo-Pc5-I/AAAAAAAAAjc/FVjmEj439iY/s1600/opning+photo2.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="418" src="http://2.bp.blogspot.com/-i_9gu30r2wc/T-nFo-Pc5-I/AAAAAAAAAjc/FVjmEj439iY/s640/opning+photo2.jpg" width="640" /></a></div>&nbsp; &nbsp; ---------------------------------------------------------------------------------------------------------<br /><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://1.bp.blogspot.com/-cprgBItLjSU/T-nFgD71PlI/AAAAAAAAAi0/JZsqWLRgHMY/s1600/2nd+photo+marij+jzindagi+or+maut+se+jujh+rahe+hain+lekin+aspatal+prashasan+filon+ko+thik+karne+men+uljha+hua+hai+by+vikas+kumar7-2nd+photo.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="340" src="http://1.bp.blogspot.com/-cprgBItLjSU/T-nFgD71PlI/AAAAAAAAAi0/JZsqWLRgHMY/s640/2nd+photo+marij+jzindagi+or+maut+se+jujh+rahe+hain+lekin+aspatal+prashasan+filon+ko+thik+karne+men+uljha+hua+hai+by+vikas+kumar7-2nd+photo.jpg" width="640" /></a></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: left;">&nbsp; &nbsp; ----------------------------------------------------------------------------------------------------------</div><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://3.bp.blogspot.com/-i02wNDEHNKk/T-nFhkMByiI/AAAAAAAAAi8/0ngtqdjwwUM/s1600/3rd+photo-bachhe+ko+pipe+se+dudh+pilate+hue+parijan+by+vikas+kumar-third+photo.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="398" src="http://3.bp.blogspot.com/-i02wNDEHNKk/T-nFhkMByiI/AAAAAAAAAi8/0ngtqdjwwUM/s640/3rd+photo-bachhe+ko+pipe+se+dudh+pilate+hue+parijan+by+vikas+kumar-third+photo.jpg" width="640" /></a></div>&nbsp; &nbsp; ----------------------------------------------------------------------------------------------------------<br /><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://1.bp.blogspot.com/-wrIDoY2hKfg/T-nFj4LbJsI/AAAAAAAAAjE/Rpuw4dD5ZUY/s1600/4th+photo.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="406" src="http://1.bp.blogspot.com/-wrIDoY2hKfg/T-nFj4LbJsI/AAAAAAAAAjE/Rpuw4dD5ZUY/s640/4th+photo.jpg" width="640" /></a></div>&nbsp; &nbsp; ----------------------------------------------------------------------------------------------------------<br /><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://4.bp.blogspot.com/-jg2jdVb2EMs/T-nFm5_TfDI/AAAAAAAAAjU/UsZhKL1ZCfA/s1600/hospital+men+bharti+bachhe+by+vikas+kumar5.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="380" src="http://4.bp.blogspot.com/-jg2jdVb2EMs/T-nFm5_TfDI/AAAAAAAAAjU/UsZhKL1ZCfA/s640/hospital+men+bharti+bachhe+by+vikas+kumar5.jpg" width="640" /></a></div>&nbsp; &nbsp; ----------------------------------------------------------------------------------------------------------<br /><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://1.bp.blogspot.com/-GrG20etB2Dk/T-nFlpyu_1I/AAAAAAAAAjM/4mF4FzJciCg/s1600/5th+photo.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="426" src="http://1.bp.blogspot.com/-GrG20etB2Dk/T-nFlpyu_1I/AAAAAAAAAjM/4mF4FzJciCg/s640/5th+photo.jpg" width="640" /></a></div><br /><br /></div>http://qalamse.blogspot.com/2012/06/blog-post_26.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)1tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-8849008570379444007Wed, 13 Jun 2012 20:53:00 +00002012-07-17T19:44:41.116+05:30वो अपना सम्मान करवा लेते हैं...<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';"><b>(कुछ समय पहले जब मैं प्रभात खबर के प्रधान संपादक और देश के जानेमाने पत्रकार हरिवंश जी से मिला था तब मैंने सोचा था कि इस विषय पे कुछ नहीं लिखूंगा. यह विचार इस वजह से था कि अमूमन यह मान लिया जाता है-<i>“देखो ससुरा चाटुकारिता कर रहा है. नौकरी के लिए.”</i>&nbsp; इस खतरे से बचने के लिए ही आजतक मैंने इस सब्जेक्ट पे कुछ नहीं लिखा. लेकिन अपने उस साथी का धन्यवाद जिन्होंने यह कह कर लिखने को मजबूर कर दिया कि मैं हरिवंश जी के प्रति अंध-श्रधा जैसे रोग से पीडित हूं.<o:p></o:p></b></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';"><b>मुझे अपने पे विश्वास है. भरोसा है. मैं जानता हूं खुद को. मैं इस रोग से पीडित नहीं हो सकता कभी भी. किसी के लिए. लेकिन हरिवंश जी के लिए मेरे मन में बहुत सारा सम्मान और ढ़ेर सारी श्रधा है. और मैं उनके प्रति यह श्रधा हमेशा अपने भीतर जगाए रखना चाहता हूं! दूसरी बात, जो वायदा मैंने अपने-आप से तभी कर लिया था जब हरिवंश जी से मिलने का दौर शुरू हुआ था. उसे यहां भी डाल दे रहा हूं ताकि कुछ भाई लोग यह न समझे कि मैं प्रभात खबर में नौकरी चाहता हूं. या प्रभात खबर से कुछ और चाहता हूं. वायदा है-चाहे कुछ भी हो जाए. कितना भी बुरा हो जाए, मेरे साथ. मैं प्रभात खबर में के साथ तब तक बतौर नौकर नहीं जुड़ना चाहूंगा जब तक प्रधान संपादक हरिवंश जी रहेंगे. इसकी वजह साफ है. उनके साथ नौकरी करूंगा तो उस प्यार के कम हो जाने का खतरा रहेगा जो मुझे उनसे मिल रहा है.)</b></span></div><table align="center" cellpadding="0" cellspacing="0" class="tr-caption-container" style="margin-left: auto; margin-right: auto; text-align: center;"><tbody><tr><td style="text-align: center;"><a href="http://2.bp.blogspot.com/-u3CM6HBhpFI/T9j8m0m8ucI/AAAAAAAAAiU/19LXD7fNOyo/s1600/IMG_5090.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: auto; margin-right: auto;"><img border="0" height="217" src="http://2.bp.blogspot.com/-u3CM6HBhpFI/T9j8m0m8ucI/AAAAAAAAAiU/19LXD7fNOyo/s400/IMG_5090.jpg" width="400" /></a></td></tr><tr><td class="tr-caption" style="text-align: center;">सुबह-सुबह हरिवंश जी अपने गांव वाले घर के आंगन में बैठे हुए.</td></tr></tbody></table><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">हरिवंश जी को बतौर पत्रकार और संपादक, पिछ्ले दो तीन-चार साल से जानता हूं. उन दिनों पढ़ाई खत्म हो चुकी थी. नौकरी के लिए भागदौड़ मची रहती थी. एक नौकरी छोड़ चुका था. दूसरी नौकरी के तौर पे भड़ास4मीडिया के दफ्तर में जाने लगा था. थोड़े समय के इस नौकरी ने मुझे हरिवंश जी के लेखों से मिलवाया. उनदिनों भडास के पास उनके लेख पीडीएफ फर्मेट में आते थे. साईट पे लगाने के लिए. मुझे उस लेख को वर्ड पे टाईप करने के लिए दिया जाता था. पहली नज़र में तो मैं डर ही गया. लगा था -<i>इतना सारा. टाईप करना होगा. </i><o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">लेकिन जैसे ही लेख को पढ़ने बैठा. बहता चला गया. छोटी-छोटी लाईनें. बिल्कुल नदी की तरह बहती भाषा में दमदार और विचारत्तोजक बातें. टाईप कितना और कैसा होता रहा इसका तो अंदाजा नहीं लेकिन हर सोमवार को उस लंबे लेख का इंतज़ार रहने लगा…एक दो लेख तो मैं अपने कमरे पे भी ले गया. दोस्तों को दिखाया. सबसे तारीफ की. सब का तो पता नहीं लेकिन इस नाम “हरिवंश” के लिए श्रधा के बीज वहीं से &nbsp;पड़ गए, मन की ज़मीन में.<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">कुछ दिनों बाद दूसरी नौकरी भी छुट गई. और हर सोमवार को मिलने वाला लंबा लेख भी छुट गया. (उनदिनों जेब में इतने पैसे नहीं होते थे कि साईबर कैफे जाकर स्टोरी या लेख पढ़ी जाए. साईबर का रुख तो तभी किया जाता था जब में पांच-दस ईमेल आईडी इकट्ठे आ जाएं ताकि दस रुपए में ज्यादा से ज्यादा जगहों पर नौकरी के लिए आवेदन पहूंचाया जा सके.)<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">लेख पढ़ने का सिलसिला खत्म हो गया. लेकिन नाम जहन में याद रहा-हरिवंश. गाहेबगाहे इस नाम को सुनता रहा. कभी पेड न्यूज के मामले में सबसे आगे पढ़ के काम परतो कभी किसी सेमिनार-सभा में सबसे अलहदा बोलने पर. फिर एक लंबा समय गुजरा. इस दौरान मैंने प्रभात खबर में भी नौकरी के लिए कोशिश की. दिल्ली आफिस में गया. और पटा-रांची आफिस में फोन घुमाया. रेज्यूमे भेजा. <o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">नौकरी नहीं होने…किस्त पे लिया लैपटॉप चोरी चले जाने और ज़िन्दगी की दुसरी किचकिचबाजियों कि वजहों से &nbsp;“हरिवंश जी” का नाम दिलोदिमाग से धुंधलाता गया….<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">इसी बीच, तहलका ने मुझे नौकरी पे रख लिया और पटना भेज दिया. एक साल का मेरा पटना प्रवास भी गजब का रहा. इन एक सालों में मुझे अपने लिए एक कमरा नहीं मिला लेकिन दर्जनभर अच्छे लोग. बड़े भाई की तरह हिम्मत और हौसला बढ़ाने वाले लोग जरुर मिल गए. सबसे बहुत प्यार दिया. दुलार किया और हर समय कुछ अच्छा करने के लिए प्रेरित किया.<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">लेकिन बिहार और झारखंड में समान पकड़ रखने वाले. बहुत अच्छे लिखाड़. लोकसंस्कृति से जुड़ाव महसुस करने वाले और भोजपुरी के रसिया, सुनवइया और अच्छे गबइया निराला जी उस सपंर्क-सुत्र के तौर पर मुझे पटना में मिले जिहोंने मुझे हरिवंश जी से मिलवाया. निराला जी के बारे में यह बतलाना भी जरुरी है कि वो पटना से तहलका के साथ जुड़े हैं और बिहार-झारखंड में ही रमे रहना चाहते हैं. उनकी लेखनी में मुझे हरिवंश जी का छाप दिखता है. गवईं शब्द. भाषा में प्रवाह और छोटी-छोटी बातों का बेजोड़ विशलेषण. हो भी क्यों न? निराला जी को सौभाग्य मिला है कि वो लंबे समय तक हरिवंश जी के साथ रहे हैं और आज भी हरिवंश जी के सबसे प्रिय में से हैं. <o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><u><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';"><b>हरिवंश जी से उनके पैत्रिक गांव में मुलाकात.<o:p></o:p></b></span></u></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">महीना और तारीख याद नहीं. हां इतना याद है कि आडवाणी की यात्रा शुरू हो रही थी. सिताबदियरा से. सिताबदियरा, जेपी का भी पैत्रिक गांव है. और इसी वजह से आडवाणी अपनी यात्रा को सिताबदियरा से शुरू कर रहे थे. मैं और निराला जी उस यात्रा को कवर करने गए थे. जाते हुए रास्ते में निराला जी को फोन पर हरिवंश जी ने बताया कि वो अपने गांव आ रहे हैं. निराला जी ने भी उन्हें बताया कि वो भी उनके गांव ही पहूंच रहे हैं. आडवाणी की यात्रा को कवर करने के लिए. तय हुआ कि हम मिलेंगे. मुझे यह सुन के इतनी खुशी हुई कि पुछिए मत. मैं उस व्यकति से मिलने वाला था जिसे अबतक पढ़ता आ रहा था या उसके बारे में दुसरों से सुनता आ रहा था. खुशी तो होनी ही थी.<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">दोपहर बाद हम सिताबदियरा पहूंचे. हरिवंश जी, सिताबदियरा के बिहार वाले हिस्से में कुच लोगों से घीरे हुए थे. नाटे कद के. नीली जिंस और फूल शर्ट पहने हुए. आखों पे गोल फ्रेम वाला चश्मा….<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">मुस्कुराते और जोड़-जोड़ से हंसते हुए बतिया रहे थे. उनके आसपास के लोगों की सहजता को देखकर लग नहीं रहा था कि वो देश के एक बड़े पत्रकार के सामने खड़े हैं. सब एकदम सहज. करीब-करीब बीच पच्चीस लोगों से घीरे हुए, हरिवंश जी. एकदम मस्त. कोई लाओ-लश्कर नहीं. कोई तामझाम नहीं. कोई पीए-वीए नहीं.(कुछ संपादक तो आला दर्जे के अधिकारियों से भी ज्यादा तामझाम लेकर घुमते हैं)<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">निराला जी से अपनी मुलाकात का अदाज भी निराला ही था. सामने से हमे देखने के बाद. वहीं खड़े-खड़े बोल पड़े, “अरे निराला….आओ,आओ. कहां थे तुम. मैंने तुम्हे जितनी दफा फोन किया अगर उतनी दफा भगवान को याद कर लेता तो वो भी मिल जाते”<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">फिर उन्होंने वहां खड़े लोगों से निराला जी का परिचय करवाया, “ये मेरे युवा मित्र हैं.” मौका पाते ही निराला जी ने मेरा परिचय उनसे दिया. शायद वो मेरी बेकरारी समझ रहे थे. इतनी गर्मजोशी से हरिवंश जी मुझसे मिले कि मेरे शब्द मुहं में ही जम गए. और पूरा शरीर ठंडा पड़ने लगा. आज भी उनके द्वारा कंधे पे रखा गया हाथ और उनकी बातें याद है, “वाह…मुझे एक और युवा साथि मिल गया. बहुत सुन्दर. (हो सकता है कि मैं अतिशयोक्ति में बह रहा हूं. लेकिन इससे पहले किसी संपादक द्वारा इतना सम्मान नहीं मिला था. और जब गर्म ताबे पे पानी की एक बुंद पड़ती है तो तब्बा सब भुलभाल के धुंआ-धुंआ तो हो ही जाता है)<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">वहां से निकलते हुए और अपनी गाड़ी तक आते हुए उन्होंने निराला जी को इस बात के लिए मनाया कि हम आज रात उनके घर पे ही रुकेंगे. उनके शब्दों को देखने की जरुरत है, “देखो…आज विकास से मिला हूं. रात में रुकेंगे, साथ में. कुछ बातें करूंगा अपने नए साथी से. हां तुम्हे वहां बिजली-विजली की थोड़ी दिक्कत हो सकती है . सह लोगे न एक रात?”</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">वो निराला जी से बतिया रहे थे और बगल में खड़ा उन्हें देख रहा था. और यह सोंच रहा था कि पता नहीं क्यों निराला जी छपरा जा कर रुकने की जिद्द कर रहे हैं. क्या हुआ जो एक रात उनका फोन चार्ज नहीं होगा और लैपटॉप पे नेट नहीं चलेगा. आखिरकार, निराला जी मान गए. <o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">रात में हमने साथ में घी में डुबोया हुआ लिट्टी और बैगन का चोखा खाया. हरिवंश जी के गांव वाले घर के आंगन में. बहुत सारी बातें हुईं. फिर रात में सोए और सुबह उठ के दुआ-सलाम करते हुए निकल लिए.<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">ये तो रही पहली मुलाकात. निशब्द करती मुलाकात. देखते-सुनते बीतने वाली मुलाकात. लेकिन असल कहानी तो इसके बाद शुरू होती है. <o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">इस मुलाकात के बाद जरुरी नहीं था कि हरिवंश जी मुझे फोन करते और रांची में अपने किताब के लोकार्पण पर आमंत्रित करते वो भी यह कहते हुए, “विकास…कैसे हो? फलां तारीख को रांची में मेरी दो किताबों का लोकर्पण है. तुम आओगे तो मुझे बहुत अच्छा लगेगा. व्यक्तिगततौर पे मुझे बहुत खुशी होगी तुमसे मिल के.”<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">अब कोई बताए कि इस संवाद के बाद मेरे जैसे व्यक्ति के पास कुछ कहने को बचता है. नहीं न? मैंने सिर्फ और सिर्फ इतना कहा कि सर…मैं आना चाहता हूं. इसके अलावा मैं एक भी शब्द नहीं बोल सका.</span></div><table align="center" cellpadding="0" cellspacing="0" class="tr-caption-container" style="margin-left: auto; margin-right: auto; text-align: center;"><tbody><tr><td style="text-align: center;"><a href="http://2.bp.blogspot.com/-PvVHPpsCFWs/T9j8ocSuLaI/AAAAAAAAAiY/_75N7eGoCvo/s1600/IMG_5134.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: auto; margin-right: auto;"><img border="0" height="226" src="http://2.bp.blogspot.com/-PvVHPpsCFWs/T9j8ocSuLaI/AAAAAAAAAiY/_75N7eGoCvo/s400/IMG_5134.jpg" width="400" /></a></td></tr><tr><td class="tr-caption" style="text-align: center;">घर के दरवाजे पे खड़े-खड़े निराला जी से बतियाते हरिवंश जी</td></tr></tbody></table><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">&nbsp;</span><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">मैं तय तारीख को रांची पहूंचा. जिस जगह पे किताब का लोकार्पण होना था वहां पहूंचने पर हरिवंश जी को मैंने देखा कि वो गेट के बाहर खड़े हैं और हर आने वाले का स्वागत कर रहे हैं. ज्यादातर लोगों के साथ हॉल में जा रहे हैं और उन्हें उनकी सीट पे बिठा के फिर वापस आ जा रहे हैं. (हरिवंश जी एक अखबार के प्रधान संपादक हैं. उनके अंदर कई स्टेट एडेटर और बाकि लोग हैं. प्रभात खबर के ज्यादातर लोग वहां मजूद भी थे. यह का कोई भी सहर्ष कर सकता था. ) हरिवंश जी के बार में एक बात मैंने सुनी थी. वो याद आ गई. कहते हैं कि अगर स्टेट का मुखिया हरिवंश जी से मिलने उनके दफतर आए तो वो उसे अपनी कुर्सी से उठकर विदा कर देते हैं लेकिनगर कोई सामान्य आदमी आए तो वो उसे दफतर के बाहर आकर छोड़ते हैं.</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">मेरे और निराला जी पर नज़र पड़ने के बाद वो ऐसे चहके कि एक पल को मुझे लगा कि शायद सामने वाले(हरिवंश जी) को मैं “विकास कुमार” नहीं अमेरिका का प्रैसिडेंट जान मालुम हुआ हूं. तेज कदमों से आए…मुझे लगे लगाया. और वहां खड़े करीब-करीब दर्जन भर पत्रकार और दूसरे सम्मानित लोगों से परिचय करवाते हुए कहा, “ये विकास हैं. पटना से आए हैं. तहलका से जुड़े हैं. बहुत अच्छा लिखते हैं और फोटो भी कमाल की लेते हैं.”&nbsp; (मुझे अपने औकाद की तब भी बहुत अच्छे से जानकारी थी और आज भी है कि मैं ढ़ेले भर भी सही नहीं लिख पाता और तस्वीरें तो कैमरा खिंच देता है. बतौर फोटोग्राफर मैं कुछ भी नहीं जानता और करता.) लेकिन प्रेम से मिल रहे प्रशंसा के शब्द अच्छे लगे थे. बहुत अच्छे. <o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">दोपहर के वक्त किताब का लोकार्पण समाप्त हुआ. सब को विदा कर के वो आखिर में निकले. मैं निराला जी के साथ वापिस उनके राची स्थित घर पे लौट आया. रास्ते में तय हुआ कि थोड़ी देर आराम कर के राची के कुछ लोगों से मिलेंगे और फिर मैं रात की गाड़ी से पटना निकल जाउंगा.<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">कमरे पे पहूंचते ही. निराला जी के पास हरिवंश जी का फोन आया. फोन हरिवंश जी का था. उन्होंने शाम में हमे अपने घर पे आमंत्रित किया. कमरे में बिठा के मिठाई खिलाई. लाख जिद्द करने के बाद भी वो चाय बनाने के लिए खुद ही किचेन में चले गए. और इतने के बाद कहा, “विकास…तुम आए. मुझे बड़ा अच्छा लग.!”<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">अब कोई बताए,मुझे किस इस इनसान के लिए मेरे मन में सम्मान और श्रधा के वटरुक्ष क्यों न खड़े हों?<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">कौन इतना प्यार, दुलार और इज़्ज़त देता है किसी आज के लौंडे को? और सबसे बड़ी बात…ऐसा नहीं है कि मैं अकेला हूं जिसे हरिवंश जी ने इतना सम्मान और इतनी इज़्ज़त दी. इतना प्यार और दुलार दिया. वो हर मिलने वाले पे ऐसे ही खुद को न्योछावर कर देते हैं. हर किसी को इतना ही प्यार करते हैं. आखिर कोई बताए कि हिन्दी में कौन ऐसा सपांदक है जिसके पास एक चाय दुकान और पान दुकान वाला भी सीधे फोन मिला के बतिया लेता है?<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: 'Arial Unicode MS';">&nbsp;हरिवंश जी एक बेहतर संपादक हैं क्योंकि जब उन्होंने प्रभात खबर ज्वाईन किया था तो उसकी केवल बाईस सौ कॉंपिया छपती थी. आज प्रभात खबर बिहार-झारखंड और पश्चिम बंगाल से छपता है. वो एक अच्छे पत्रकार हैं. सम्झदार हैं. संवेदनशील पत्रकार हैं. यह बात सभी जानते हैं. इस सब के अलावा वो एक अच्छे इनसान हैं. सवेदनशील इनसान हैं तो उनके प्रति सम्मान, आदर और श्रधा का भाव क्यों न पैदा हो?<o:p></o:p></span></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2012/06/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)1tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-8556799292678366598Mon, 21 May 2012 17:53:00 +00002012-05-21T23:25:49.879+05:30amir khanSATYAMEVA JAYATEआमिर…डू नॉट ब्रेक मार्केट रूल!<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><br /><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://mariouana.com/wp-content/uploads/2012/05/AamirSMJ.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="171" src="http://mariouana.com/wp-content/uploads/2012/05/AamirSMJ.jpg" width="400" /></a></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: 10pt;">जैसे ही “सत्यमेव जयते” के कंटेट की भनक लगी. उसी समय से हम चिल्लाने लगे. इधर-उधर &nbsp;लिखने लगे. हर मंच से बोलने लगे-देखो, देखो…अब ये बेचेगा. गरीबी बेचेगा. लाचारी बेचेगा. हमारी परेशानी बेचेगा. एक सुसंस्कृत और सभ्यता वाले देश की कमियां बेचेगा…आदि-आदि.</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 10pt;">जब शो का पहला ऐपिसोड आया तो हम थोड़े गमगीन हो गए. लेकिन हमने बेचने वाली बात को कहना-दुहराना नहीं छोड़ा. हम&nbsp; पहले के मुकाबले ज्यादा ताकत और मजबूती से कहने लगे-देखा, हमने कहा था न? ये बेचेगा. देखो…बेच रहा है. “बाल मजदूरी” जैसे गंभीर विषय को भंजा लिया. बाल यौन-शोषण के नाम पर सेक्स दिखा और बेच रहा है. उसी समय जिस समय कभी “रामायण” की राम लीला दिखती थी. दहेज प्रथा पर भी चोट. जो हमारी संस्कृति का हिस्सा है. आगे-आगे देखिए क्या-क्या बेचते हैं, आमिर. हे राम…घोर कलयुग आ गया है. कोई कुछ बोलता ही नहीं!<o:p></o:p></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 10pt;">हाय..आमिर तूने ये क्या किया? क्यों देश की कमियों को बेच रहे हो? देश की ब्रांडिंग कर के भी तो पैसा बनाया ही जा सकता है. &nbsp;ऐसे ही बनाओ न पैसा. इसमे तुम्हे दोहरा लाभा है. कमाई की कमाई और हम तुम्हें स्टार भी कहेंगे. सर-माथे रखेंगे.<o:p></o:p></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 10pt;">हम देशभक्त हैं. सभ्यता और संस्कृति के रक्षक हैं. अपनी बुराइयों &nbsp;को दुनियां से छुपा कर रखते हैं. &nbsp;जैसे घर में पखाना-घर बिल्कुल आखिर में, कोने में बनवाते हैं. छुपा कर. वैसे ही ऐसी बुराइयों को रखते हैं, संभाल कर. दुनियां से बचा कर.<o:p></o:p></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 10pt;">लेकिन तूने तो पखाना-घर को छोड़. पखाने की टंकी में ही कैमरा घुसेड़ दिया है. <o:p></o:p></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 10pt;">हाय…तू क्यों बेच रहा है. अभी से भी रूक जा.<o:p></o:p></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 10pt;">वैसे भी ये हमारा(लेखक, कवि, पत्रकार और फोटोग्राफर्स) माल था. वर्षों संजोया है इसे. बेचने का कभी ख्याल नहीं आया. लगा था, कौन खरीदेगा इस गंदगी को.? सब नाक दबा के भाग जाएंगे. जुते-चप्पल भी पड़ेगे, दो –चार.<o:p></o:p></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 10pt;">हां… न बेच पाने के पीछे एक और कारण भी है. हमने समझा ही नहीं कि इन मुद्दों को बेचा भी जा सकता है. वो भी इतनी उंची कीमत पर. अगर समझ गए होते तो अबतक&nbsp; बेच चुके होते. तुम्हारे लिए थोड़े न छोड़ते! इतने नादान नहीं हैं हम. बेचने लायक जो भी दिखा या दिख रहा है उसे बेच ही रहे हैं. हर पल. हर दिन. <o:p></o:p></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 10pt;">लेकिन फिर भी तुम्हें ये सब नहीं बेचना चाहिए था. वो भी टीवी पे. प्राईवेट और सरकारी चैनल पे साथ-साथ. गांव से शहर तक. <o:p></o:p></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 10pt;">हाय…कैसे दिमाग लगाया तूने, इतना? &nbsp;हमने तो गांवों को छोड़ ही दिया था. क्योंकि वहां जो रहते हैं वो खरीद नहीं सकते. कंगले लोग बसते हैं वहां तो. उनके लिए “कृषि दर्शन” ही सही था. लेकिन तूने तो हद कर दी, आमिर?<o:p></o:p></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 10pt;">हमने जिस माल(बाल मजदूरी, बाल योण-शोषण, दहेज और आगे के ऐपिसोड में आने वाले सभी मुद्दे) को कचरा समझ &nbsp;के, बेकार समझ के फेंक दिया था. डस्टबिन में. (देश की इज़्ज़त-विज़्ज़त को बचाने का तो एक बहाना था. इसी की वजह से हम फालतू के दबावों से बचते रहे. कई लोग हैं जो डाइरेक्ट नहीं बेच सकते. हमसे बिकवाना चाहते हैं. दबाव डालते हैं. लेकिन हमें फायदा तो दिखना चाहिए . तभी तो बेचते)&nbsp; उन्हें ही तूने उठा लिया. लेकिन बेटा…हम नहीं बेच सके. इसका तो अफसोस है ही. <o:p></o:p></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 10pt;">ये जान लो हम तुम्हें भी शांति से नहीं बेचने देंगे. दिखा देंगे अपना कमाल. अपना हुनर. तुमने, बड़ी-बड़ी कंपनियों को हायर किया है, बेचने के लिए. लेकिन तुम्हे नहीं पता. हमने कई साल और इन्फैक्ट अभी भी कोलकता के “मछ्छी बाज़ार” में दुकानदारी की है. इसके अनुभव का फायदा लेंगे. खूब चीखेंगे, चिल्लाएंगे. तुम्हारी ऐसी-तैसी कर देंगे. देखते जाओ…<o:p></o:p></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 10pt;">अभी तो हमे केवल फेसबूक और ब्लॉग पे लिखना शुरू किया है. हमें रौद्र रूप लेने में भी देरी नहीं लगती.<o:p></o:p></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 10pt;">समझ रहे हो न तुम…हर-हर महादेव. वैसे भी तुम्हारे नाम में “ख़ान” लगा है. फिलहाल तो इशारा ही काफी है. उम्मीद है कि तुम समझ &nbsp;लोगे और निकल लोगे. हमारे “माल’ पे हाथ साफ करना बंद करोगे. <o:p></o:p></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 10pt;">हम तुम्हे इस धर्मप्रायण, सुसंस्कृत और सभ्य देश की ज़नता के कोमल और मुलायम गाल पर हर&nbsp; सप्ताह, झांपट नहीं मारने देंगे. हम उन्हें बताएंगे कि देखिए हम तो आपका मनोरंजन करते आएं हैं, कोमल तरीके से. लेकिन यह आदमी आपको, आप ही के टीवी सेट के सामने गंदा कहता है और अपनी जेब भाड़ी करता है. हम सब समझा देंगे. देख लेना तुम. <o:p></o:p></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 10pt;">आखिर में, आमिर बाबू तुम्हारे लिए एक प्राईवेट मैसेज-तुम में दिमाग तो है. नेक दिल भी लगते हो, लेकिन गुरू, दिमाग और नेक दिल होने से काम नहीं चलता. वही सेल करो जिसका मार्केट में ट्रेंड है. ज्यादा हिरोगिरी मत दिखाओ. मार्केट खराब मत करो. इसी में सबका भला होगा. एक बात और पूरी ईमानदारी से बता देते हैं-जितनी झल्लाहट हममें देख रहे हो उसकी सबसे बड़ी वजह यही है कि तुम वो बेचने चले हो जिसे हमने समझा ही नहीं, बेचने लायक. अब यह तो हो नहीं सकता कि वर्षों पुराना “माल” हमारा. हमारे बाप-दादाओं के द्वारा अर्जित किया हुआ और उसकी बिक्री तुम करो. हमने अबतक नहीं बेचा सो ठीक. लेकिन तुम मत बेचो. हम बेचेंगे.&nbsp;<o:p></o:p></span></span></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2012/05/blog-post_21.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)4tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-8664088176972165472Fri, 18 May 2012 08:47:00 +00002012-05-18T14:17:11.155+05:30उन्होंने बात बढ़ाई…आप भी तो कुछ हिम्मत करिए!<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><br /><div align="center" class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div align="center" class="MsoNormal" style="text-align: center;"><b><i><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">(</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">इस</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">विषय</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पे</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेख</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दो</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">महीने</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बाद</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">क्यों</span></i><i><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">?<o:p></o:p></span></i></b></div><div align="center" class="MsoNormal" style="text-align: center;"><b><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जवाब</span></i><i><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">:-</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">आज</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">एक</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बैठकी</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दौरान</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">“</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हरिवंश</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जी</span></i><i><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">” </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">इसी</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेख</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बात</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">निकल</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चली</span></i><i><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सामने</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कहा</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">गया</span></i><i><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">-</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">आखिर</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">उन्होंने</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ने</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ही</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">क्यों</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लिखा</span></i><i><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">? </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">इस</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सवाल</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बाद</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">करीब</span></i><i><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">-</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">करीब</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दो</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">घंटे</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तक</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बात</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">होती</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रही</span></i><i><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">वहीं</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लौट</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मैंने</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपने</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मन</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बात</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लिखने</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कोशिश</span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span></i><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span></i></b><i><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"><b>.)</b><o:p></o:p></span></i></div><div align="center" class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="MsoNormal"><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">मार्च</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">महीने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">किसी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">तारीख</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">प्रेस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">काउंसिल</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">चेयरमैन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">मार्कंडेय</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">काटजू</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">पटना</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">आए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">थे</span><span style="font-family: Mangal; text-align: justify;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">उन्होंने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">एक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">सभा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">संबोधित</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">करते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">हुए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">कहा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">था</span><span style="font-family: Mangal; text-align: justify;">-</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">बिहार</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">मीडिया</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">आज़ाद</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">नहीं</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">है</span><span style="font-family: Mangal; text-align: justify;">, </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">ऐसा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">उन्होंने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">सुना</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">है</span><span style="font-family: Mangal; text-align: justify;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">काटजू</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">इस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">बयान</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">से</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">बहुतेरों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">की</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">सहमति</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">है</span><span style="font-family: Mangal; text-align: justify;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">मेरी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">भी</span><span style="font-family: Mangal; text-align: justify;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">वाकई</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">बिहारी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">मीडिया</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">कुछ</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">तो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">गड़बड़</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">है</span><span style="font-family: Mangal; text-align: justify;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">इस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">गड़बड़ी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">कई</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">कारक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">हैं</span><span style="font-family: Mangal; text-align: justify;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">इनके</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">बारे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">चर्चा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">फिर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; text-align: justify;">कभी</span><span style="font-family: Mangal; text-align: justify;">.</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;"><br /></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">प्रेस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">काउंसिल</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चेयरमैन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">इस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बयान</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अगले</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दिन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सभी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अखबारों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दो</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">-</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चार</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कॉलम</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">खबर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">समेट</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दिया</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लगा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">था</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कि</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">यह</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मामला</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दूसरे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मामलों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तरह</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">खो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जाएगा</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेकिन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">प्रभात</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">खबर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">प्रधान</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">संपादक</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> “</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हरिवंश</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जी</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">” </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">इस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बयान</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">आधार</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बना</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अखबार</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पेज</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">का</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">एक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेख</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लिख</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दिया</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेख</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">, </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">प्रभात</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">खबर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> 27 </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मार्च</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अंक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">प्रकाशित</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हुआ</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">एक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बार</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">फिर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">काटजू</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बयान</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">और</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बिहार</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मीडिया</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हालत</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चर्चा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">शुरू</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हुई</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">.<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">काटजू</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बयान</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बाद</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बिहार</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सभी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अखबारों</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">(</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">प्रभात</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">खबर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">छोड़</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">)</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बड़े</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">-</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बड़े</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">संपादक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चुप</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रहे</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हरिवंश</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">छोड़कर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">किसी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">संपादक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपना</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पक्ष</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सार्वजनिक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तौर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">नहीं</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रखा</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">किसी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">संपादक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">इस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मसले</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">को</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> (</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">प्रेस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">काउंसिल</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चेयरमैन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बयान</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">) </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बहस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">का</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मुद्दा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">नहीं</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बनाया</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सब</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">इग्नोर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">किया</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेकिन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हरिवंश</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ने</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">, </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पूरी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ईमानदारी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपना</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पक्ष</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">, </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मंच</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">(</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">एक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अखबार</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">संपादक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लिए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपनी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बात</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कहने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">का</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सही</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मंच</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">उसका</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अखबार</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ही</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सकता</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">है</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">.) </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पाठकों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सामने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रखा</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चाहते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">वो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चुप</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रहते</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेकिन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">उनहोंने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चुप्पी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ओढ़ने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बदले</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लिखा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">और</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">खुल</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लिखा</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपनी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बात</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेख</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">(</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">वो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">किसी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मंच</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भाषण</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपनी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बात</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कह</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सकते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">थे</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">) </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रूप</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रखा</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">क्योंकि</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">छपे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हुए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">शब्द</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हमेशा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जिन्दा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रहते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हैं</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पन्ने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">आलेख</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हरिवंश</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपना</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पक्ष</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रखा</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अखबार</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">का</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पक्ष</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रखा</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पक्ष</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तर्क</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दिए</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. <o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;"><br /></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कायदे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">होना</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">यह</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चाहिए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">था</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कि</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">खुल</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपनी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बात</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सामने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रखने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लिए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हरिवंश</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तारीफ</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">होनी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चाहिए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">थी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">और</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">एक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बहस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">आरंभ</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">होनी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चाहिए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">थी</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेख</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लिखी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">गईं</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बातों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">और</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दिए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">गए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तर्कों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">असमति</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सकती</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">है</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">और</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">होनी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चाहिए</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेकिन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">असहमति</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रखने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">वालों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपनी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बात</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">और</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तर्कों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">संपादक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पहूंचाना</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चाहिए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">था</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">किसी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">माध्यम</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पत्र</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">, </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ईमेल</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">या</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">फोन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">माध्यम</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">(</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हरिवंश</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">माध्यम</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जुड़े</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हैं</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">और</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सहज</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">उपलब्ध</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">होते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हैं</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">उनके</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पास</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जाता</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">है</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">उसे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">देखते</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">-</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पढ़ते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">है</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कायदे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">का</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">होने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अखबार</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जगह</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">देते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हैं</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">.)<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;"><br /></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेकिन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">न</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हरिवंश</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तारीफ</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हुई</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">और</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">न</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हीं</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">किसी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">उनके</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेख</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जवाब</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कुछ</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तर्कसंगत</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लिखा</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बल्कि</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">इस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">साहसी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेख</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बाद</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हुआ</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">वो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">नहीं</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">होना</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चाहिए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">था</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. <o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;"><br /></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भाई</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लोगों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">इस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">गंभीर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मसले</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बेकार</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बतकुच्चन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">समेट</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दिया</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चाय</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दुकान</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चाय</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चुसकी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हुए</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पान</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कल्ले</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दबाते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हुए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">या</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सिगरेट</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सुलगाते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हुए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बातें</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">होती</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रहीं</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">इन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बातों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">का</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">स्तर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">काफी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">घटीया</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रहा</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कुछ</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लोग</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">संपादक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चौक</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">-</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चौराहों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">काफि</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बुरा</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">-</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भला</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कह</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जाते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हैं</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेकिन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">वो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">यह</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भुल</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जाते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हैं</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कि</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ऐसा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कहने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">और</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बोलने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">का</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">स्पेस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भी</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">(</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेख</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लिखकर</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">) </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हरिवंश</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ही</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दिया</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">है</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. <o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;"><br /></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चौक</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">-</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चौराहों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बतकही</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">उलझे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रहने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">वाले</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सुधी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जनों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चाहिए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">था</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कि</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">वो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">उस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेख</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पूरा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पढ़ते</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">(</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मेरा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">विश्वास</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">है</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कि</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पटना</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ज्यादातर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सुधी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पत्रकारों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">या</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बुद्धिजिवियों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेख</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">नहीं</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पढ़ा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">होगा</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">) </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">और</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">फिर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपनी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बात</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">, </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कायदे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">संपादक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पहूंचाते</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">एक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मर्यादिय</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भाषा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. <o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लेकिन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">आज</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मार्च</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बीते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हुए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">महीने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चुका</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">है</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">किसी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ने</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">किसी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मंच</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कुछ</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">नहीं</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लिखा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हरिवंश</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बातों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">असहमति</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जताते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हुए</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">और</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">एक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सार्थक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बहस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">होते</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">-</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">होते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रह</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">गई</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">इसके</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लिए</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दोषी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कौन</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">? </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">प्रभात</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">खबर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">संपादक</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">, </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जिन्होंने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पाठकों</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सामने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपना</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पक्ष</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रखा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">और</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बहस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जमीन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तैयार</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">या</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">फिर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">राज्य</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बौद्धिक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जमात</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">?<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपनी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">असहमति</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जाहिर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">करने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">का</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अपनी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बात</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कहने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हिम्मत</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">होनी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चाहिए</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">इससे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बचते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हुए</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पीठ</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पीछे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कुछ</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कुछ</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कहने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">और</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अंदाजा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लगाने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">का</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कोई</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">फायदा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">नहीं</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">है</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">इससे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कुछ</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हासिल</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">नहीं</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">होता</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हमे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बहस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मैदान</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">आना</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">चाहिए</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">किसी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">मुद्दे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पे</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हरिवंश</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लिखे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जिन्हें</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">आपत्ति</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">है</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">वो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">खुल</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">आएं</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बोलें</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">एक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बहस</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">की</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">शुरूआत</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">करें</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बेकार</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">आरोप</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">लगाते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रहने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">का</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कोई</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">फायदा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">नहीं</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बल्कि</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बौद्धिक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">जन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ऐसा</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कर</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रहे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हैं</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">वो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बौने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">साबित</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रहे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हैं</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">क्योंकि</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">किसी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">के</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पीठ</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">पीछे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">उसके</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बारे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">में</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कुछ</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कुछ</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">कहते</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">रहना</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हमारे</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बौनेपन</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ही</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दिखाता</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">है</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">तो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बौना</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">होने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">से</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बचिए</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हिम्मत</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दिखाइए</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">दो</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">महीने</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">बाद</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">ही</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">सही</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">एक</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हेल्थी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">डीवेट</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">को</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">शुरू</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">करिए</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">. </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">अभी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">भी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">देरी</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">नहीं</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">हुई</span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;"> </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-bidi-language: HI; mso-hansi-font-family: Mangal;">है</span><span style="font-family: Mangal; mso-ascii-font-family: Mangal; mso-hansi-font-family: Mangal;">.<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2012/05/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)4tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-8757932367096715368Wed, 11 Apr 2012 18:02:00 +00002012-04-11T23:32:19.213+05:30delhidillpaTnaकुछ इधर-उधर की बातें फिर दिल्ली की यादें.<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves/> 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class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;">कई बातें कहना चाहता हूं. लिखना चाहता हूं. लेकिन सबकुछ एक साथ तो नहीं ही बोला या कहा जा सकता. एक बार में कई चीजें दिमाग में करवट लेने लगती हैं. रात में जब मैंने कहानीकार काशिनाथ जी की एक कहानी “महुआचरित” पढ़ी तो ख्याल आया कि इस कहानी को केन्द्र में रखते हुए कुछ लिखूंगा. किसी और के लिए नहीं. अपने ब्लॉग के लिए. बेजोड़ कहानी है-महुआचरित. एक औरत की कशमकश को बेहतरीन तरीके से कहानीकार ने पाठक के सामने रखा है. कहानी को पढ़ने के दौरान आप बीच में पेशाब-पखाना के लिए भी नहीं उठना चाहेंगे. कम से कम मेरे साथ तो यही हुआ. लेकिन रात में सोने और सुबह में उठने के बाद “महुआचरित” को केन्द्र में रखकर कुछ लिखने की सोच हवा हो गई. </span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;"><span style="mso-tab-count: 1;"></span>&nbsp;&nbsp;&nbsp;</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;">&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp; सुबह, ग्यारह बजे के करीब. एक राजनीतिक कार्यक्रम को कवर करते हुए. एक फोटो के लिए रेलमपेल करते हुए. टीवी के कैमरामैन्स को एक अदद बाईट के लिए उलटते-पुलटते देखकर मन हुआ कि घर जाकर “राजनीति और पत्रकारों” को लेते-लपेटते कुछ लिखूंगा. लिखूंगा कि कैसे हम कैमरा वाले यह जानते-समझते हैं कि सामने वाले को या हमारे अगल-बगल में खड़े आमलोगों को हमारी वजह से दिक्कत हो रही है लेकिन हम उन्हें धक्का मारते हुए आगे बढ़ते रहते हैं. कुछ को उलटा भी देते हैं. हम सब जानते-समझते हैं लेकिन नासमझ बने रहते हैं, उस दौरान. लोगों को बगल से गाली देते हुए भी सुनते हैं-<i style="mso-bidi-font-style: normal;">ई साला मीडिया वाला सब के देख..कुत्ता जईसा कर रहा है. </i>लेकिन कान बंद किए आगे बढ़ते रहते हैं. कैमरे की क्लिक..क्लिक की आवाज में इन गालियों को अनसुना करते रहते हैं. मैं यह भी लिखना चाह रहा था कि कैसे एक नेता या अधिकारी कभी हमसे बात करने को खुद आगे बढ़ता है और कभी-कभी अपने ऑफिस या घर के बाहर घंटो इंतज़ार करवाने के बाद उसका नौकर आकर कह् देता है-साहेब...सो रहे हैं. आपको फोन करेंगे.<span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp; </span>इस जवाब का मतलब साफ होता है. “साहब नहीं मिलना चाह रहे हैं” अब नहीं मिलना चाह रहे, साहेब तो हम क्या कर सकते हैं. उलटे पांव लौट आते हैं. </span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;">इन्ही बातों को आगे बढ़ाते हुए लिखने का ख्याल आया. दिन के ग्यारह बजे के करीब. बिहार विधानसभा के अहाते में खड़े-खड़े. लेकिन बाईक से घर आने के दौरान यह विषय भी नहीं टिक पाया. </span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify; text-indent: 36pt;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify; text-indent: 36pt;"><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;"><span>&nbsp;</span>घर आने तक भुख लग चुकी थी. और एक पुरानी कहावत है “भुखे भजन न हो हीं गोपाला” तो यह तय हुआ कि भुख्खे पेट लेख-वेख भी नहीं लिखा जा सकता. खाना बनाने में महारत है नहीं. चाय के अलाव कुछ और नहीं बना पाता, ठीक से. सो दूध-चिउरा में मिठ्ठा मिला के खा लिया. पेट की आग शांत हुई. वैसे, दूध, चिउरा और मिठ्ठा का अपना स्वाद है. बढिया है. वैसे इसमे अगर दो पके केले मल दिए जाएं तब तो पुछिए ही मत. लेकिन बगैर केले के भी यह भोजन बहुत ही उत्तम है. पेट भर गया तो नींद आई. कुछ लिखने का ख्याल नहीं आया. थोड़ी देर लेटने के बाद. समय पे नजर गई तो मालुम हुआ कि तीन बजने को है. साढ़े तीन बजे से एक कार्यक्रम है. साहित्यिक गोष्ठी. पिछले एक साल से पटना में और उससे पहले दिल्ली में आयोजित होने वाले ऐसे बहुत से सभा-गोष्ठियों में जाता रहा हूं. सुनने के लिए. लेकिन ज्यादातर से लौटने के बाद एक तरह की झुंझलाहट साथ हो लेती है. थोड़ा-बहुत गुस्सा भी आता है. लेकिन ऐसा शुरू-शुरू में ज्यादा होता था. अभी भी कभी-कभी ऐसा होता है लेकिन कमी आई है. अब समझने लगा हूं कि यह जो बौद्धिक वर्ग है उसकी जरुरत भर है इस तरह ही सभा-गोष्ठियां. ये सालों से होती आईं हैं और सालों तक आयोजित होती रहेंगी. वक्ता और श्रोता बदलते रहेंगे. मुद्दे और बातें एक जैसी ही रहेंगी. सो अब इन सम्मेलनों में मनोरजंन के मन से शिरकत करता हूं.</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify; text-indent: 36pt;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify; text-indent: 36pt;"><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;">आज भी जब एक ऐसे मनोरंजक सम्मेलन से बाहर निकला और दिया गया नाश्ता खत्म किया तो मन हुआ, बस...इसी पे कुछ लिखूं! लेकिन जो अंदर हुआ. वो तो रोज की बात है. किसी को गरिया देना. उसकी मां-बह्न को एक साथ खड़ा कर देना. ये तो कोई नई घटना नहीं. फिर क्या हुआ जो अंदर एक साहित्यकार ने दूसरे के साथ लगभग ऐसा ही किया. फिर ध्यान आया, वैसे भी इस सबजेक्ट पे लिखने का नैतिक आधार कम से कम मुझे तो नहीं ही है. मैंने किसी को ऐसा-वैसा फोन पे बोला या मेल में लिख मारा. हां सार्वजनिक तौर से नहीं कहा. लेकिन ऐसा कहना गलत है न. चाहे वो सार्वजनिक रूप से कहा जाए या चुपचापा से. सो मेरी समझदारी ने मुझे रोका. कहा-रुक जा. काहे उछल रहा है. तुम्हे उछलने का कोई हक नहीं. कम से कम इस “साहित्यिक-सा्र्वजनिक चरित्रहनन” वाली घटना-दुरघटना पे. सो मैं इस मुद्दे पे यहीं रूक गया!</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;">रूम पहूंचना. अपने नहीं, एक साथी के कमरे पे. फेसबूक खोलते हुए एकाएक से दिल्ली का ख्याल आया. वो दिल्ली जो पिछले साल छुट गई और मैं पटना आ गया. दिल्ली की याद आई तो मन दुखी हो गया. दिल्ली के साथ-साथ और भी बहुत सी यादें आ गईं. एक बारगी से. उछलते-कुदते. मैंने इन यादों को समेटते हुए. फेसबूक पे दिल्ली को समर्पित एक स्टेटस डाल दिया. दो चार कमेंट भी आ गए. जबसे दिल्ली से आया हूं यह शहर बहुत याद आती है- सड़के, ऑटो वाले. मुनिरका का मेरा कमरा. राठी(मकान मालिक का उपनाम. पूरा नाम याद नहीं) वाला कमरा ज्यादा करीब लगता है. उसकी याद भी बह्त आती है. खाता-बही पे महीने भर राशन देने वाला किराना स्टोर. चाय की दूकान. केवल सत्तू के सहारे काटे हुए दिन. फिर बाद की कुछ दिनों में खाए अनुपम रेस्ट्रोरेंट की चिकन (हालाकिं चिकन तो मालवीय नगर में जो खाने को मिला, आंटी(एक दोस्त की मम्मी) के हांथ का उसके टक्कर का तो आजतक दूसरा नहीं मिला.) का स्वाद. संदीप-मनोज(दो दोस्त) की जोड़ी. उनका झगड़ना फिर एक दूसरे को मनाना. मेरा रिश्ता (जो दिल्ली छोड़ते वक्त ही रोते-रोते, दिल्ली की सड़कों पे गिर गया. हालाकिं इस रिश्ते के मरने को लेकर कोई एक तारीख अभी तय नहीं हुई है. अलग-अलग राय है.)</span>&nbsp;</div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;">अगर इतना सब एक साथ याद आ जाए तो सोंचिए क्या लिखने का मन होगा? अरे भई...कविता और क्या. शब्द मचले, उछले-कुदे लेकिन लैपटॉप की स्क्रिन पे कविता रूप में ढ़ल नहीं पाए. अफसोस! बेहद अफसोस! एक कविता होते-होते रह गई. कवि होने का एक और सुनहरा मौका निकल गया, हाथ से. </div><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;"></span> <div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: &quot;Mangal&quot;,&quot;serif&quot;;">इस तरह से दो दिनों की यह विचार यात्रा, पटना के नाला रोड से निकल के, विधानसभा परिसर में घुमते-फिरते आखिर खत्म हुई, दिल्ली पे. </span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2012/04/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)1tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-5208279779603485453Thu, 29 Mar 2012 19:34:00 +00002012-03-30T14:38:23.173+05:30probir guha.थिएटर मन से होता है...<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><div class="separator" style="clear: both; text-align: left;"><span style="text-align: justify;">प्रोबिर गुहा देश के जानेमाने रंगकर्मी हैं. मेहनती हैं. ईमानदार हैं. अपने काम में माहिर हैं. जमीन से जुड़े हुए हैं. जिन्दादिल इनसान हैं. पश्चिम बंगाल से संबंध रखने वाले प्रोबिर गुहा द्वारा निर्देशित एक प्ले “बिशादकाल” देखकर अभी-अभी लौटा हूं. रात के बारह बज रहे हैं. शाम पांच बजे निकल गया था. क्योंकि मंचन का समय&nbsp; शाम सात बजे का था. लेकिन नाटक शुरू हुआ नौ बजे. बिशादकाल नाटक गुरु रविन्द्र नाथ टैगोर की कहानी “बिसर्जन” पे आधारित है. नाटक एक घंटे पैंतालिस मिनट का था. लेकिन देरी की वजह&nbsp; से इसे कांट-छांट के मात्र पैंतालिस मिनट का बना दिया गया. प्रोबिर दा ने और उनके कलाकारों ने मेरे सामने हीं. मंचन स्थल के बाहर. खड़े-खड़े. बीड़ी और सिगरेट पीते-पीते, एक घंटे पैंतालिस मिनट के नाटक में से एक घंटा निकाल दिया. मैं वहीं खड़ा था. लेकिन कुछ समझ&nbsp; नहीं पा रहा था कि हो क्या रहा है? क्योंकि रंगकर्मी आपस में बंग्ला में बतिया रहे थे. थोड़ी देर बाद प्रोबिर दा ने बताया कि नाटक को काट के छोटा कर दिया है. मैंने पुछा, कब दादा?(क्यों काटा?-असल&nbsp; सवाल तो यह होना चाहिए था लेकिन मुझे पता था कि समय की कमी हो रही है. आपको भी ऊपर ही बता दिया गया है.) प्रोबिर दादा ने जवाब में कहा, “अभी–अभी तो. यहीं, तुम्हारे सामने. तुम बंग्ला बिल्कुल नहीं समझते क्या?” &nbsp;मैंने “ना” में मुंडी हिला दी.</span></div></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><table align="center" cellpadding="0" cellspacing="0" class="tr-caption-container" style="margin-left: auto; margin-right: auto; text-align: center;"><tbody><tr><td style="text-align: center;"><a href="http://1.bp.blogspot.com/-4QEiJWcuo3s/T3V1n82o0dI/AAAAAAAAAeI/oqnVX2Wu5-A/s1600/3.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: auto; margin-right: auto;"><img border="0" height="280" src="http://1.bp.blogspot.com/-4QEiJWcuo3s/T3V1n82o0dI/AAAAAAAAAeI/oqnVX2Wu5-A/s400/3.jpg" width="400" /></a></td></tr><tr><td class="tr-caption" style="text-align: center;">निर्देशक प्रोबिर गुहा(बीच में, माथे पे चश्मे का फ्रेम चढ़ाए) अपनी टीम के साथ.</td></tr></tbody></table><div style="text-align: justify;">एक घंटे पैंतालिस मिनट के नाटक में से बचे हुए पैंतालिस मिनट के नाटक का मंचन शुरु हुआ. जिन कलाकारों को बाहर एक लाईन हिन्दी बोलने में भी दिक्कत हो रही थी वो मंच पे हिंदी के डॉयलॉग बहुत आसानी से बोल रहे थे. पूरे भावभंगिमा के साथ बोल रहे थे. उनका अभिनय, दर्शक को अभिनय नहीं लग रहा था. दर्शकदिर्धा में मानों सांप सुंघ गया था. कोई चूं-चां तक की आवाज नहीं आ रही थी.</div></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><div style="text-align: justify;"><br /></div></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><div style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal">नाटक में एक जगह , काली पूजा के दौरान जानवर की बलि देने का सीन है- मंच पे हल्की नीली रौशनी है. नगाड़े की आवाज गुंज रही है. पृष्ठभूमि से जय मां काली, जय मां काली, जय-जय मां काली, जय-जय मां काली की आवाज बुलंद हैं. मंच पे आगे की तरफ , तीन लड़कियां अपने-अपने केश खोले हुए, जमीन पर बैठीं हैं. गर्दन को गोल-गोल घुमा रही हैं. ठीक वैसे हीं जैसे बिहार में भुतखेली के समय&nbsp; कुछ महिलाएं अपनी गर्दन को घुमाती हैं.<o:p></o:p></span></div></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><div style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal">नगाड़ा बज रहा है…बजता जा रहा है. जय-जय मां…की आवाज बुलंद हो रही है. लड़कियां लगातार गर्दन को घुमाए जा रही हैं. उनके लंबे –लबें काले केश भी उलझते-सुलझते गोल-गोल घुम रहे हैं. इसके बीच जानवर की बलि पड़ती है. मंच पे खुन आ जाता है. प्ले के हिंसाब से लाईट भी नहीं है. फ्लैट लाईट है. एक ही जैसा. फिर भी इस द्र्श्य को देखने के बाद मेरे रोएं सिहर गए. मेरे बगल&nbsp; में खड़े एक सीनियर फोटोग्राफर कृष्णमुरारी किशन बोल पड़े-गजब . (कृष्णमुरारी का जिक्र इसलिए कि मैंने आज तक. एक साल में उन्हें किसी प्रोग्राम के बारे में कुछ कहते नहीं सुना. वो आते हैं फोटो करते हैं और निकल जाते हैं.)<o:p></o:p></span></div></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><div style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal">जानवर–बलि जैसे और भी बहुत से सीन थे उस नाटक में जिसे मंच पे उतारते समय&nbsp; कलाकार जी रहे थे. और&nbsp; जिसे देखते हुए दर्शक चुप्पी मारे बैठे थे. <o:p></o:p></span></div><table align="center" cellpadding="0" cellspacing="0" class="tr-caption-container" style="margin-left: auto; margin-right: auto; text-align: center;"><tbody><tr><td style="text-align: center;"><a href="http://2.bp.blogspot.com/-4WW9jSOw8kc/T3V11gs3cBI/AAAAAAAAAeQ/X-z6BT5guQU/s1600/4.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: auto; margin-right: auto;"><img border="0" height="245" src="http://2.bp.blogspot.com/-4WW9jSOw8kc/T3V11gs3cBI/AAAAAAAAAeQ/X-z6BT5guQU/s400/4.jpg" width="400" /></a></td></tr><tr><td class="tr-caption" style="text-align: center;">जानवर बलि के समय का जीवंत दृश्य.</td></tr></tbody></table><div style="text-align: justify;">प्ले खत्म हुआ. मैं बाहर निकलते समय यही सोंच रहा था कि पटना के रंगकर्मियों को. नाटक के निर्देशकों को और थिएटर कलाकारों को इस प्ले को देखना चाहिए था. लेकिन मेरा विश्वास है कि पटना के रंगकर्म से जुड़ा एक भी आदमी इसमे नहीं रहा होगा. अगर&nbsp; कोई रहा होगा तो उसे रातभर नींद नहीं आएगी. उसे पता चल जाएगा कि थिएटर मन से होता है. दिमाग से नहीं.</div></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><div style="text-align: justify;"><br /></div></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><div style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal">यह भी समझ आ जाएगा कि &nbsp;दमदार अभिनय, धाकर लेकिन आसानी से समझ &nbsp;आने लायक डॉयलॉग और सुलझे हुए निर्देशन से ही एक सुन्दर मंचन होता है. <o:p></o:p></span></div></div><div class="MsoNormal"><div style="text-align: justify;"><br /></div></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2012/03/blog-post_30.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)3tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-7946547057487792828Wed, 28 Mar 2012 19:18:00 +00002012-03-29T17:03:42.739+05:30धुन का धनी एक साधक सर्जक.<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><div style="text-align: left;"><b style="text-align: justify;">पटना का गांधी मैदान ऐतिहासिक है.</b><span style="text-align: justify;"> मैदान में लाठी टेके खड़े महात्मा गांधी की मूर्ति की&nbsp;</span></div><span lang="HI" style="text-align: justify;">ऐतिहासिकता भी उतनी ही है. बड़े-बड़े आंदोलनों का संकल्प उस मूर्ति को साक्ष्य बनाकर लिया जा चुका है. अब भी हर दो-तीन दिनों में आंदोलन- विरोध-प्रदर्शन के सूत्रपात का केंद्र है वह.</span><span style="text-align: justify;">&nbsp;</span><br /><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><b><br /></b></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI"><b>लगभग हर रोज पटना के जेपी गोलंबर</b> पर लगी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की आदमकद मूर्ति के सामने धरना पर बैठा कोई न कोई छोटा-बड़ा समूह दिखता है.</span>&nbsp;<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><br /></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI"><b>गांधी मैदान के पास कारगील चौक पर बने </b>शहीद स्मारक भी भाषणबाजी का नया केंद्र बन रहा है और शहर का एक मशहूर जंक्शन प्वाइंट है</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">जहां से हर रोज हजारों लोग</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">अलग-अलग इलाके में जाने के लिए रिक्शा</span>,</span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">टैंपो या बस पकड़ते हैं.</span>&nbsp;<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><br /></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI"><b>आर-ब्लॉक चैराहा तो अरसे से मशहूर है.</b> वहां विरोधियों को रोका जाता है. वहीं से सियासत की गली शुरू होती है. वहां पर भी घोड़े पे सवार</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">एक हाथ में तलवार लिए वीर कुंवर सिंह की मूर्ति शान से खड़ी है.</span>&nbsp;<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">ऐसे ही और भी कई चैक-चैराहे हैं पटना में जिनकी पहचान उसकी नाम के साथ वहां लगी प्रतिमाओं से भी है. रोजाना इन मूर्तियों को देखते हैं लोग. उससे जगह की पहचान करते हैं लेकिन शायद बहुत कम लोग मिलेंगे जो यह बता सकें कि राजधानी में हर ओर लगे इन मूर्तियों का सर्जक कौन है</span>?&nbsp;<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><br /></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI"><b>सर्जक को नहीं जानने की एक बड़ी वजह</b> तो यह है कि शिल्पकार नेपथ्य में ही रहते हैं और दूसरी वजह है जयनारायण सिंह का शर्मिला स्वभाव</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">जिसकी वजह से वे खुद की ब्रांडिंग नहीं करते.</span><o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI"><br /></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal">&nbsp;</span><b><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">उम्र के </span>75</span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">वें साल में पहुंचे जयनारायण सिंह ही हैं</span>, </span></b><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">जिन्होंने बिहार की राजधानी पटना की पहचान बनी इन मूर्तियों को गढ़ा है. सिर्फ उपरोक्त प्रतिमाएं ही नहीं</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">सचिवालय प्रांगण में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बीपी मंडल की मूर्ति</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">मुख्यमंत्री आवास</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">एक अन्ने मार्ग के पास स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक जगजीवन राम की मूर्ति</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">कदमकुआं चैराहे पर खड़ी राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की मूर्ति को आकार देने वाले भी जयनारायण सिंह हीं हैं</span><o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI"><br /></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><b><span lang="HI">किसान परिवार से तालुक रखने वाले और </span>1959 </b></span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI"><b>में </b>पटना के आर्ट कॉलेज से मूर्तिकला की पढ़ाई पूरी करने वाले जयनारायण सिंह पिछले </span>40 </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">वर्षों से देश के जानेमाने कवि-साहित्यकार</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">स्वतंत्रता सेनानी और दूसरे जानेमाने लोगों की मूर्तियों को आकार दे रहे हैं. खुद पर बात करने से वे आज भी बचते हैं.</span><o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI"><br /></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal">&nbsp;</span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI"><b>पटना के राजवंशी नगर में स्थित एक मैदाननुमा जगह</b> पे (इसी जगह से वो लगातार मूर्तियां बनाए जा रहे हैं.) हुई मुलाकात के दौरान जब हमने इस कलाकार से पूछा कि क्या उनके काम को नोटिस लिया गया</span>? </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">क्या उन्हें राज्य से सम्मान न मिलना अखरता है तो जवाब में जयनारायण कहते हैं</span>, “(</span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">मुस्कुराते हुए) मूर्ति बनाए बिना मैं नहीं रह सकता. यह काम मैं अपने लिए करता हूं. हां</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">जब शहर में निकलता हूं और खूद से बनाई गई मूर्तियों को चैक-चैराहों पे खड़ा</span><span lang="HI"> </span></span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">देखता हूं तो मन को शुकून मिलता है. कोई भी सम्मान</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">मुझे इतनी खुशी नहीं दे सकता.</span>”<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI"><b>जयनारायण सिंह से घंटों बात होती हैं लेकिन वे</b> दूसरे किसी संस्कृतिकर्मी या कलाकार की तरह उचित सम्मान न मिलने का रोना एक बार भी नहीं रोते. ऐसे सवालांे को हंसते हुए</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">आसानी से टाल जाते हैं. यह साफ लगता है &nbsp;िकवे एक साधक हैं</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">कला के ऐसे साधक कि इस साधना में बढ़ती उम्र</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">कहीं बाधक </span></span><span class="StyleStrongComplexMangal">नहीं <span lang="HI">बन रही. हालांकि उनके घुटने में दर्द रहता है लेकिन वे जब काम में तल्लीन होते हैं तो दर्द की परवाह नहीं करते. कांपती हुई हाथों से ही मूर्तियों को गढ़ते रहते हैं. जयनारायण सिंह कहते हैं</span>, “ </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">काम कर रहा होता हूं तो मेरा सारा ध्यान काम पे केंद्रित हो जाता है. फिर कुछ और दिखाई ही नहीं देता. कांपने या दर्द का अहसास नहीं होता. </span>”<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI"><b>अगर सारा मामला ध्यान केंद्रित होने का नहीं होता </b>तो कोई कारण नहीं था कि एक किसान परिवार का लड़का</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">मैट्रिक की पढाई पूरी करने के बाद साल </span>1954 </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">में सीधे-सीधे पटना आर्ट कॉलेज में पहूंच जाता</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">मूर्तिकला सिखने के लिए. जयनारायण सिंह बताते हैं कि पिताजी की इच्छा थी कि मैं भी पटना के बीएन काॅलेज में दाखिला ले लूं और किसी तरह दारोगा बन जाउं. लेकिन जयनारायण सिंह के मन में कला का जुनून था. इसकी कीमत भी उन्हें घर में चुकानी पड़ी. पिता ने विरोध किया. घर से निकाल दिया गया. लेकिन जयनारायण सिंह टूटे-बिखरे नहीं. उन्होने मन मुताबिक आर्ट कॉलेज में दाखिला लिया. अब बुजूर्ग हो चुके जयनारायण कहते हैं</span>, “ </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">मेरे पिताजी का कोई दोष नहीं था. यही चलन था</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">उस वक्त का. उस समय कॉलेज में चार रुपय फीस लगती थी जो मेरे पास नहीं था. फिर मैंने बाजार में कुछ-कुछ काम किया और इसी से फीस का जुगाड़ होता रहा.</span>”<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI"><b>पढ़ाई पूरी करने के बाद से इस कलाकार ने पिछले </b></span>40 </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">वर्षों में करीब दो सौ आदमकद मूर्तियां बनाईं जो पटना के अलावा राज्य के दूसरे हिस्सों के चैक-चैराहों पर खड़ी हैं.</span>&nbsp;<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI"><b>इस कलाकार को न तो पूर्ववर्ति &nbsp;सरकार से कोई </b>गिला-शिकवा है और न हीं आज की नीतीश सरकार से जिसने यह फैसला लिया है कि गांधी मैदान में इनके द्वारा बनाई गई गांधी की मूर्ति को बदल के दूसरी मूर्ति लगाई जाएगी. लेकिन जब बात आती है पटना कॉलेज के वर्तमान हालत की तो अब तक शांत और मुस्कुराते हुए बात करने वाले इस मूर्तिकार का मिजाज बदल जाता है और आवाज में तल्खी आ जाती हैं. कहते हैं</span>, “</span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">बहुत बुरी हालत है. बच्चे</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">बगैर शिक्षकों के क्या सीख पाएंगे.</span>” </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">फिलहाल जयनारायण सिंह प्रसिद्ध हिन्दी उपन्यासकार फणीश्वर नाथ रेणु की </span>17 </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">फुट ऊंची मूर्ति को आकार देने में लगे हुए हैं जिसे इसी साल मार्च में कंकड़बाग में स्थापित किया जाना है. इन सब के अलावे सिंह साहब एक </span>108 </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">फुट ऊंची महात्मा बुद्ध की मुर्ति बनाना चाह रहे है जिसे वो अपने गांव निजामपुर की तरफ लगवाना चाहते हैं. इसे हम जयनारायण सिंह का ड्रीम प्रोजेक्ट भी मान सकते हैं क्योंकि वो इस मूर्ति को बनाने से पहले रुकना नहीं चाहते.</span>&nbsp;<o:p></o:p></span></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2012/03/blog-post_29.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)2tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-7765266067663950221Wed, 21 Mar 2012 09:51:00 +00002012-03-21T15:21:24.938+05:30रविशंकरबुरबक टाईप लगते हैं-श्री श्री वाले रविशंकर.<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><br /><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="color: maroon;"><u><br /></u></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><b><u>(</u><i>पिछले दिनों श्री श्री वाले रविशंकर पटना आए थे. उस दौरान मैंने जो महसूस किया था उसे लिख रखा था लेकिन उस वक्त ब्लॉग पे लगाना भूल गया था. अभी क्या है कि श्री श्री के हालिया बुरबकई से भरे बयान( सरकारी स्कूल से नंकसली निकलते हैं…) के बाद लगा कि इस लेख रूपी माल को मार्केट में उतार दूं.)</i></b><o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><u><br /></u></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://4.bp.blogspot.com/-LGQU3Lu_NXE/T2mj0XEjozI/AAAAAAAAAdQ/4CRSRE9wIe0/s1600/IMG_6044.JPG" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="320" src="http://4.bp.blogspot.com/-LGQU3Lu_NXE/T2mj0XEjozI/AAAAAAAAAdQ/4CRSRE9wIe0/s320/IMG_6044.JPG" width="213" /></a></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal">“आर्ट ऑफ लीविंग” मतलब ज़िन्दगी को जीने-गुजारने का तरीका. यह &nbsp;तरीका सभी के लिए एक सा नहीं हो सकता. क्योंकि हर किसी की जिन्दगी अलग है. मुश्किलें अलग है. जीवन को जीने का ढ़ंग अलग है. और हर &nbsp;इन्सान अपनी समझ से, अपने तरीके से और अपने संसाधनों के बीच अपनी जिन्दगी जीने का तरीका खुद-ब-खुद&nbsp; सीख लेता है. लेकिन एक बाबा हैं. जो जगह-जगह शिविर लगा के. सीडी और कैसेट से अपना नाच-गाना दिखा-सुना के “आर्ट ऑफ लीविंग” सिखलाने की बात करते हैं. <o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal">ऐसा ही एक&nbsp; शीविर पिछले दिनों पटने में भी लगा. जिस दिन चार बजे से शीविर लगना था उसी दिन दोपहर में दो बजे “आर्ट ऑफ लीविंग’ सिखलाने वाले श्री श्री रविशंकर पटना हवाई अड्डे पे उतरे. दस सीट वाले चार्टर प्लेन से. श्री श्री…गया से पटना आए थे. गया से पटने की दूरी को ट्रेन से आम लोग तीन घंटे में तय करते हैं लेकिन श्री श्री ने यह दूरी चालिस मिनट में तय की. <o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal">वो इस दूरी को आराम से ट्रेन की एसी बोगी में भी बैठ के तय कर सकते थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ. यहीं से यह तय हुआ कि श्री श्री साधारण लोगों जैसी जिन्दगी नहीं जीते. फिर वो कैसे आम लोगों को ज़िन्दगी जीने का तरीका सिखला-बता सकते हैं? खैर, श्री श्री प्लेन से उतरने के बाद एक मंहगे गेस्ट हाउस में चले गए आराम करने. मतलब &nbsp;चालिस मिनट की आरामदायक यात्रा के बाद ही उन्हें कमर को सीधा करने की जरुरत महसूस हुई. जबकि इस देश की बड़ी आबादी बगैर थके दिन रात काम करती है ताकि वो भोजन कर सके और उसके बाल-बच्चे खाना-पीना कर सकें. <o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal">एयरपोर्ट पर मैंने श्री श्री को काफी नजदीक से देखा. &nbsp;उनका चेहरा काला पड़ा हुआ था. चेहरे पे तेज जैसा कुछ नहीं था. आंखो पे काला चश्मा चढ़ा हुआ था. एयर्पोर्ट पर खड़े लोगों की तरफ हाथ हिलाते हुए श्री श्री जल्दी से कार में बैठ गए और निकल लिए गेस्ट हाउस के लिए.<o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal">करीब-करीब दो घंटे तक आराम करने के बाद श्री श्री रविशंकर उस बड़े और आलिशन स्टेज पर अवतरित हुए जिसे खास तौर से तैयार किया गया था. जमीन से पांच फीट की उंचाई लिए उस स्टेज को गुलाब की कोमल पंखुरियों से सजाया गया था.&nbsp; स्टेज के सामने कुछ दूर तक&nbsp; कुर्सियां लगी थीं जिसपे पटना के कुछ प्रभावी लोग अपने परिवार के साथ बैठे थे और जहां कुर्सियां खत्म हो रही थीं वहां से आम लोगों की भीड़ खड़ी थी. स्टेज पे जो रविशंकर मचल-मचल के चहलकदमी कर रहे थे. भजन पे झूम रहे थे. लगातार मुस्कराए जा रहे थे वो मुझे एयरपोर्ट वाले रविशंकर से अलग लग रहे थे. चेहरे से कालापन गायब था. आंखों पर से काला चश्मा गायब था. हां..आंखो में सुरमा लगा था. चेहरे पे गोरापन बिखरा था. शरीर पे धक-धक उजला कपड़ा लिपटा था. बाल और दाढ़ी में से भी रौशनी फूट रही थी. ऐसा लग रहा था कि मेकअप करने वाले ने बहुत मेहनत की है. श्री श्री रविशंकर मंच पे चारो तरफ घूम-फिर रहे थे. झूम रहे थे और हाथ में लिए माईक से लगातार सामने मौजूद लोगों से भी झूमने के लिए कह रहे थे. उनके मुताबिक ज़िन्दगी जीने के लिए झूमना जरुरी है. नाचना जरुरी है. मुश्किल से मुश्किल वक्त में भी मुस्कुराते रहना जरुरी है. <o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal">लेकिन मुझे नहीं लगता कि श्री श्री को तनिक भी अंदाजा होगा कि आमलोगों की जिन्दगी में कैसी-कैसी मुश्किलें आती हैं.&nbsp; क्योंकि पिछले दो घंटे में(एयरपोर्ट से उतरने और शीविर वाले मैंदान में आने के बीच) मैंने श्री श्री रविशंकर को जिस तरह से ज़िन्दगी जीते हुए देखा है&nbsp; उस तरह से जीने के बारे में तो आम आदमी सपने में भी नहीं सोंचता. <o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal">अगर श्री श्री केवल गया से पटना तक का सफर ही लोकल ट्रेन या बस से तय कर लेते तो यह समझ जाते कि सफर करने वाले उनसे बेहतर आर्ट ऑफ लीविंग जानते हैं. उनसे ज्यादा झूमते, नाचते और गाते हैं और हमेशा न सही लेकिन समय आने पर जी खोल के हंसते-मुस्कुराते हैं. श्री श्री को अपने इस छोटे से यात्रा में ही यह सीख मिल जाती कि आम आदमी सभी मुश्किलों को गले लगाते हुए अपनी जिन्दगी जीता है. और फिर वो अपनी संस्था का नाम “आर्ट ऑफ लीविंग” नहीं रखते. घूम-घूम के जिन्दगी जीने का गुरुमंत्र न बांटते फिरते. <o:p></o:p></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2012/03/blog-post_21.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)3tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-7928624510786935920Sat, 03 Mar 2012 07:53:00 +00002012-03-03T13:23:22.287+05:30साहब....आप बदलिए. आजादी मिल जाएगी.<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><br /><div style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: white; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; font-size: 14px; line-height: 19px; margin-bottom: 0.5em; margin-top: 0.5em; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; text-align: justify; vertical-align: baseline;"><span style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: transparent; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-size: small; margin-bottom: 0px; margin-left: 0px; margin-right: 0px; margin-top: 0px; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; vertical-align: baseline;"><br /></span></div><div style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: white; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; font-size: 14px; line-height: 19px; margin-bottom: 0.5em; margin-top: 0.5em; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; text-align: justify; vertical-align: baseline;"><span style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: transparent; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-size: small; margin-bottom: 0px; margin-left: 0px; margin-right: 0px; margin-top: 0px; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; vertical-align: baseline;">पिछले दिनों, भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू पटना आए. एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में मीडिया आजाद नहीं है ऐसा उन्होंने सुना है. काटजू साहब ने सुना होगा. लेकिन पटना या बिहार के लोग तो इस खेल को काफी समय&nbsp; से देख रहे हैं. महसूस कर रहे हैं और सबसे बड़ी बात कि अब समझने भी लगे हैं.&nbsp; यह जो समझदारी बन रही है वो किसी काटजू के बयान के बाद नहीं बन रही.&nbsp; भले हीं पटना के कुछ पत्रकार मार्कंडेय काटजू के&nbsp; बयान के बाद जागे होंगे लेकिन राज्य की जनता बहुत पहले से इस खेल को समझ और जान रही है. &nbsp;मुंह पे कोई नहीं बोलता. लेकिन जैसे ही आप आम लोगों की गोल में पत्रकार का चोंगा उतार के बैठेते हैं वैसे ही वास्तविकता से मुलाकात हो जाती है. वास्तविकता का चेहरा बड़ा डरावना है. पत्रकारों के लिए. मीडिया हाउस नहीं.</span></div><div style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: white; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; font-size: 14px; line-height: 19px; margin-bottom: 0.5em; margin-top: 0.5em; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; text-align: justify; vertical-align: baseline;"><span style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: transparent; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-size: small; margin-bottom: 0px; margin-left: 0px; margin-right: 0px; margin-top: 0px; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; vertical-align: baseline;"><br /></span></div><div style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: white; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; font-size: 14px; line-height: 19px; margin-bottom: 0.5em; margin-top: 0.5em; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; text-align: justify; vertical-align: baseline;"><span style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: transparent; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-size: small; margin-bottom: 0px; margin-left: 0px; margin-right: 0px; margin-top: 0px; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; vertical-align: baseline;">अब सवाल यह खड़ा होता है कि क्या राज्य के पत्रकार अपनी आजादी चाहते हैं? क्या इनके रीढ की हड्डी सीधी है? क्या ये लोग सीधे खड़े रह सकते हैं? जैसे ही इन सवालों के जवाब मिल जाएंगे वैसे ही बिहार की मीडिया आजाद हो जाएगी. ऐसा मेरा मानना है. इन सवालों के जवाब कोई आयोग या प्रेस परिषद का कोई जांच दल नहीं खोज सकता. इनके उतर तो पटना के उन बड़े पत्रकारों को ही खोजना होगा जो शासन-सत्ता के सबसे करीब रहते हैं. बात - बात पर वे शासन की हां में हां मिलाते रहते हैं. दांते निपोरते रहते हैं .</span></div><div style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: white; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; font-size: 14px; line-height: 19px; margin-bottom: 0.5em; margin-top: 0.5em; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; text-align: justify; vertical-align: baseline;"><span style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: transparent; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-size: small; margin-bottom: 0px; margin-left: 0px; margin-right: 0px; margin-top: 0px; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; vertical-align: baseline;"><br /></span></div><div style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: white; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; font-size: 14px; line-height: 19px; margin-bottom: 0.5em; margin-top: 0.5em; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; text-align: justify; vertical-align: baseline;"><span style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: transparent; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-size: small; margin-bottom: 0px; margin-left: 0px; margin-right: 0px; margin-top: 0px; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; vertical-align: baseline;">मैं पिछले एक साल से पटना में हूं. सक्रिय पत्रकारिता में. मैंने इस एक&nbsp; साल में बहुत करीब से देखा है, पटना के पत्रकारों को और इनके द्वारा होने वाली बेवजह की चटुकारिता को.इसमे कोई शक नहीं कि कुछ अच्छे और अपने शर्तों पे खबर लिखने और करने वाले पत्रकार भी यहां हैं. लेकिन ऐसे लोग कम हैं. ज्यादातर लोग तो वही हैं जो मुख्यमंत्री&nbsp; से&nbsp; सवाल&nbsp; करने&nbsp; की&nbsp; जगह&nbsp; बधाई&nbsp; देना&nbsp; पंसंद&nbsp; करते हैं.</span></div><div style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: white; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; font-size: 14px; line-height: 19px; margin-bottom: 0.5em; margin-top: 0.5em; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; text-align: justify; vertical-align: baseline;"><span style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: transparent; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-size: small; margin-bottom: 0px; margin-left: 0px; margin-right: 0px; margin-top: 0px; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; vertical-align: baseline;"><br /></span></div><div style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: white; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; font-size: 14px; line-height: 19px; margin-bottom: 0.5em; margin-top: 0.5em; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; text-align: justify; vertical-align: baseline;"><span style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: transparent; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-size: small; margin-bottom: 0px; margin-left: 0px; margin-right: 0px; margin-top: 0px; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; vertical-align: baseline;">मुख्यमंत्री आए दिन प्रेस वार्ता बुलाते रहते हैं. इस&nbsp; तरह&nbsp; के प्रेस बैठक में हर &nbsp;हाउस &nbsp;के बड़े-बड़े पत्रकार पहुँचते हैं. कई बार तो यह भी देखा गया कि एक हाउस से तीन-तीन लोग आए हुए हैं. जितने बड़े पत्रकार आते हैं उससे तो होना ये चाहिए था कि एक -से -एक सवाल आते पत्रकारों की तरफ&nbsp; से. लेकिन होता इसका उल्टा है. ज्यादातर बड़े पत्रकार मिल जाते हैं. सवाल की जगह हंसी-मजाक चलने लगता है. पत्रकारों की तरफ&nbsp; से मुख्यमंत्री को अलग-अलग मौके की बधाई दी जाने लगती है. इस सब के बीच अगर किसी नए लड़के ने माईक पा लिया और कोई चुभता हुआ सवाल उछाल दिया तो मुख्यमंत्री के कुछ कहने से पहले ही सवाल कर्ता, अनुभव वाले बड़े पत्रकारों की हंसी का शिकार हो जाता है और खारिज कर दिया जाता है. खारिज करने के इस रिवाज को बदलना होगा, पटना के पत्रकारों को. अगर आपको सवाल नहीं पूछने या आपके हाउस ने सवाल पूछने से मना किया है तो आप चुप रहिए. जो पूछ रहे हैं उन्हें मौन सहमति दीजिए. न कि उनका मजाक उड़ा के सत्ता के करीब जाने की कोशिश करिए.</span></div><div style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: white; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; font-size: 14px; line-height: 19px; margin-bottom: 0.5em; margin-top: 0.5em; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; text-align: justify; vertical-align: baseline;"><span style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: transparent; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-size: small; margin-bottom: 0px; margin-left: 0px; margin-right: 0px; margin-top: 0px; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; vertical-align: baseline;"><br /></span></div><div style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: white; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; font-size: 14px; line-height: 19px; margin-bottom: 0.5em; margin-top: 0.5em; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; text-align: justify; vertical-align: baseline;"><span style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-color: transparent; background-image: initial; background-origin: initial; border-bottom-width: 0px; border-color: initial; border-image: initial; border-left-width: 0px; border-right-width: 0px; border-style: initial; border-top-width: 0px; font-size: small; margin-bottom: 0px; margin-left: 0px; margin-right: 0px; margin-top: 0px; outline-color: initial; outline-style: initial; outline-width: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; padding-right: 0px; padding-top: 0px; vertical-align: baseline;">अगर हाउस का दबाब हो और पत्रकार न झुकना चाहें तो इसके हजार रास्ते हो सकते हैं. नौकरी करते हुए. खबर लिखते हुए और प्रेस वार्ता में जाते हुए भी विरोध जताने का. प्रेस वार्ता में जाकर चुपचाप मुख्यमंत्री को सुन के भी लौटा जा सकता है क्योंकि खबर तो उनके संबोधन से ही बननी है. कई&nbsp; रास्ते हैं. विरोध के. लेकिन इसके पत्रकारों को केवल गप्पबाजी करने के अलावा अपने व्यवहार में बदलाव लाना होगा. सत्ता के करीब जाने के मोह से छुटकारा पाना होगा.</span></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2012/03/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)3tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-515930167351651953Sat, 14 Jan 2012 19:34:00 +00002012-01-17T19:24:28.447+05:30bihaarbiharकामयाबीकिसानतहलकाएक बच्ची की जिद-जुनून से बदली तसवीर-तकदीर<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><br /><table align="center" cellpadding="0" cellspacing="0" class="tr-caption-container" style="margin-left: auto; margin-right: auto; text-align: center;"><tbody><tr><td style="text-align: center;"><a href="http://4.bp.blogspot.com/-JD39vS64zAg/TxHVgwrmDtI/AAAAAAAAAcA/AZsxR3XjOYA/s1600/anita+kushvaha+by+vikas+kumar.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: auto; margin-right: auto;"><img border="0" height="248" src="http://4.bp.blogspot.com/-JD39vS64zAg/TxHVgwrmDtI/AAAAAAAAAcA/AZsxR3XjOYA/s400/anita+kushvaha+by+vikas+kumar.jpg" width="400" /></a></td></tr><tr><td class="tr-caption" style="text-align: center;">दस साल पहले की बच्ची अनिता आज अपने गांव -जवार के लिए प्रेरणा बन चुकी है.</td></tr></tbody></table><br /><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><b><span style="font-family: Mangal, serif;">बिहार</span><span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मुजफ्फरपुर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जिले</span></b><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">एक</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पटियासा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जलाल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">रहने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">वाली</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span><span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">कुशवाहा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बहुल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span><span style="font-family: Mangal, serif;">है</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">यह</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">समाजशास्त्र</span><span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">एमए</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पढ़ाई</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पूरी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कर</span><span style="font-family: Mangal, serif;">चुकी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">मिलने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पर</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">बोलने</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">बतियाने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">किसी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">सामान्य</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लड़की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तरह</span><span style="font-family: Mangal, serif;">ही</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दिखती</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">लगती</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">लेकिन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बात</span><span style="font-family: Mangal, serif;">उद्यमिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">आती</span><span style="font-family: Mangal, serif;">है</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">किसी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">सधी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हुई</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">उद्यमी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तरह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गुणा</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">गणित</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">लेकर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अन्य</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तरीकों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ऐसे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">समझाती</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">जैसे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बचपन</span><span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span><span style="font-family: Mangal, serif;">किसी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">संस्थान</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span><span style="font-family: Mangal, serif;">इसकी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">विधिवत</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ट्रेनिंग</span><span style="font-family: Mangal, serif;">दी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गयी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हो</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बातों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">इरादों</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span><span style="font-family: Mangal, serif;">प्रति</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दृढ़ता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">का</span><span style="font-family: Mangal, serif;">भाव</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">अदम्य</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">साहस</span><span style="font-family: Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मुसीबतों</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">चुनौतियों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लड़ने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">का</span><span style="font-family: Mangal, serif;">माद्दा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">उन्हें</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सामान्य</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लड़कियों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अलग</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कतार</span><span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">खड़ा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कर</span><span style="font-family: Mangal, serif;">देता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>.</div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><b><span style="font-family: Mangal, serif;">बचपन</span><span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span><span style="font-family: Mangal, serif;">उद्यमिता</span></b> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ट्रेनिंग</span><span style="font-family: Mangal, serif;">तो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कहीं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नहीं</span><span style="font-family: Mangal, serif;">मिली</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लेकिन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">खुद</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बुते</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मात्र</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बारह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">साल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">उम्र</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ही</span><span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">खुद</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लिए</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रास्ता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">खोजा</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">जो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">आज</span><span style="font-family: Mangal, serif;">उनके</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ही</span><span style="font-family: Mangal, serif;">नहीं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पूरे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">इलाके</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लिए</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">प्रेरणा</span><span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">स्रोत</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बन</span><span style="font-family: Mangal, serif;">संभावनाओं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नये</span><span style="font-family: Mangal, serif;">द्वार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">खोल</span><span style="font-family: Mangal, serif;">रहा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">वह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">फैसला</span><span style="font-family: Mangal, serif;">था</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मधुमखी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पालन</span><span style="font-family: Mangal, serif;">का</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">आज</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">खुद</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लगभग</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">शहद</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कारोबार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">साल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तीन</span><span style="font-family: Mangal, serif;">लाख</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रुपये</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कमाई</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रही</span><span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बनायी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लीक</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पर</span><span style="font-family: Mangal, serif;">चल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पूरा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">जवार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हजार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लाख</span><span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">आंकड़ा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">छू</span><span style="font-family: Mangal, serif;">रहा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">यूनिसेफ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">वृत्तचित्र</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बना</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">चुकी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">नाम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दूर</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">देस</span><span style="font-family: Mangal, serif;">तक</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">फैल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रहा</span><span style="font-family: Mangal, serif;">है</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लेकिन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">एक</span><span style="font-family: Mangal, serif;">नन्हीं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बच्ची</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लिए</span><span style="font-family: Mangal, serif;">यह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सब</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">इतना</span><span style="font-family: Mangal, serif;">आसान</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नहीं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">था</span>. </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><b><span style="font-family: Mangal, serif;">मधुमक्खियों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नाम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">ही</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">डरने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">उम्र</span></b> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">उनके</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">साथ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रचने</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">बसने</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">खेलने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">फैसला</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लीं</span><span style="font-family: Mangal, serif;">थी</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">उस</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">समाज</span><span style="font-family: Mangal, serif;">में</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">जहां</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मैट्रिक</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बाद</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लड़कियों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लिए</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">संभावनाओं</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सारे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">द्वार</span>&nbsp;<span style="font-family: Mangal, serif;">ससुराल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">खोलने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कोशिश</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">शुरू</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जाती</span><span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">उन</span><span style="font-family: Mangal, serif;">दिनों</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">याद</span><span style="font-family: Mangal, serif;">करते</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हुए</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बताती</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>- <span style="font-family: Mangal, serif;">तब</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मैं</span><span style="font-family: Mangal, serif;">नौंवी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">क्लास</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पढ़ती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">थी</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">मधुमक्खी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पालन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">फैसला</span><span style="font-family: Mangal, serif;">ली</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अचानक</span><span style="font-family: Mangal, serif;">ही</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मानो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">विरोध</span><span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पहाड़</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">टूट</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पड़ा</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">मेरे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">फैसले</span><span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">घर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बाहर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तक</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">खूब</span><span style="font-family: Mangal, serif;">विरोध</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हुआ</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">पिता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">एक</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">खेतिहर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मजदूर</span><span style="font-family: Mangal, serif;">थे</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">घर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">स्थिति</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ठीक</span><span style="font-family: Mangal, serif;">नहीं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">थी</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">फैसले</span><span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">विरोध</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">करते</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हुए</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">किसान</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पिता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">टूक</span><span style="font-family: Mangal, serif;">शब्दों</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कह</span><span style="font-family: Mangal, serif;">दिया</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">था</span>- <span style="font-family: Mangal, serif;">यह</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कतई</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">संभव</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नहीं</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">नामुमकिन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">क्योंकि</span><span style="font-family: Mangal, serif;">यह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">काम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लड़कियों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नहीं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">अपने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">जुबान</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नहीं</span><span style="font-family: Mangal, serif;">लड़ा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सकी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लेकिन</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नहीं</span><span style="font-family: Mangal, serif;">मानी</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">पिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span><span style="font-family: Mangal, serif;">प्रतिकूल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">फैसले</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बाद</span><span style="font-family: Mangal, serif;">मां</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अपने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पक्ष</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">किया</span>.&nbsp;<span style="font-family: Mangal, serif;">मां</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सहयोग</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">चार</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हजार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रुपय</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span><span style="font-family: Mangal, serif;">मधुमखी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दो</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बक्से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">खरीद</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लिए</span>.</div><table align="center" cellpadding="0" cellspacing="0" class="tr-caption-container" style="margin-left: auto; margin-right: auto; text-align: center;"><tbody><tr><td style="text-align: center;"><a href="http://2.bp.blogspot.com/-jTDRhm8qk7E/TxHVjSDw0lI/AAAAAAAAAcQ/-T9JBIyF0jI/s1600/vlcsnap-2011-12-17-hh16h27m25s136.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: auto; margin-right: auto;"><img border="0" height="170" src="http://2.bp.blogspot.com/-jTDRhm8qk7E/TxHVjSDw0lI/AAAAAAAAAcQ/-T9JBIyF0jI/s320/vlcsnap-2011-12-17-hh16h27m25s136.jpg" width="320" /></a></td></tr><tr><td class="tr-caption" style="text-align: center;">फैमली फोटो: अनिता के साथ उनका समूचा परिवार आज मुसकुरा रहा है.</td></tr></tbody></table><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><b><span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">खुल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हंसते</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हुए</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बताती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span></b>- ““<span style="font-family: Mangal, serif;">ं</span>...<span style="font-family: Mangal, serif;">तब</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मैं</span><span style="font-family: Mangal, serif;">छोटी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">थी</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">मेरे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">घर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सामने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">जो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लिची</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बगान</span><span style="font-family: Mangal, serif;">है</span> (<span style="font-family: Mangal, serif;">हांथ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">घर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सामने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लिची</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बगान</span><span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तरफ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">इशारा</span><span style="font-family: Mangal, serif;">करती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>.) <span style="font-family: Mangal, serif;">इसमे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">लिची</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सीजन</span><span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बाहर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बक्से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">आते</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">थे</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">मुझे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">याद</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कि</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">शुरू</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span><span style="font-family: Mangal, serif;">दो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">चार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दिन</span><span style="font-family: Mangal, serif;">तो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मैं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">वहां</span><span style="font-family: Mangal, serif;">इस</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लालच</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span><span style="font-family: Mangal, serif;">साथ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जाती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">थी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कि</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ताजे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">शहद</span><span style="font-family: Mangal, serif;">चखने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मिल</span><span style="font-family: Mangal, serif;">जाएंगे</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">लेकिन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">फिर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">नहीं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कब</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मुझे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">उन्हें</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">काम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">करते</span><span style="font-family: Mangal, serif;">देखना</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अच्छा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लगने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">लगा</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">उनका</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बक्से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सफाई</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">करना</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">हनी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">चेंबर</span> (<span style="font-family: Mangal, serif;">बक्से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अलग</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">अलग</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">चेंबर</span><span style="font-family: Mangal, serif;">होते</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जिसमें</span><span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">एक</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हनी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">चेंबर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कहा</span><span style="font-family: Mangal, serif;">जाता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">क्योंकि</span><span style="font-family: Mangal, serif;">इसी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">चेंबर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span><span style="font-family: Mangal, serif;">मधुमखियों</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">द्वारा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जमा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">किया</span><span style="font-family: Mangal, serif;">गया</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">शहद</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रहता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>.) <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">शहद</span><span style="font-family: Mangal, serif;">निकालना</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">बिमार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मक्खियों</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span><span style="font-family: Mangal, serif;">दवा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">देना</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">आदि</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">आदि</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">धीरे</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">धीरे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मुझे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">इन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कामों</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span><span style="font-family: Mangal, serif;">देखने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मजा</span><span style="font-family: Mangal, serif;">आने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लगा</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">करीब</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">करीब</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दस</span><span style="font-family: Mangal, serif;">दिन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लगातार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">घंटो</span><span style="font-family: Mangal, serif;">उनके</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">साथ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बैठने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बाद</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मुझे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">लगा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कि</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अरे</span>...<span style="font-family: Mangal, serif;">यह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">काम</span><span style="font-family: Mangal, serif;">तो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बहुत</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">आसान</span><span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">बस</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">फिर</span><span style="font-family: Mangal, serif;">क्या</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">था</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">शुरुआत</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गई</span><span lang="EN-US">”</span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><b><span style="font-family: Mangal, serif;">बचपने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अपने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">घर</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सामने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मधुमक्खी</span></b><span style="font-family: Mangal, serif;">पालन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">देखने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जाना</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">उसके</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">साथ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">खेलना</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">काम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">करना</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ही</span><span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लिए</span><span style="font-family: Mangal, serif;">मधुमक्खी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पालन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">और</span><span style="font-family: Mangal, serif;">उद्यमिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ट्रेनिंग</span><span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">होती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रही</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">काम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">शुरू</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">करने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">करीब</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">करीब</span><span style="font-family: Mangal, serif;">सालभर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बाद</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">राजेन्द्र</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कृषि</span><span style="font-family: Mangal, serif;">विश्वविद्यालय</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">पूसा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">छह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दिवसीय</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">प्रशिक्षण</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कोर्स</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हिस्सा</span><span style="font-family: Mangal, serif;">लिया</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">दो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बक्सों</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">और</span><span style="font-family: Mangal, serif;">चार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हजार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पूंजी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">साथ</span><span style="font-family: Mangal, serif;">जो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">शुरुआत</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">थी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">उसके</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अच्छे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">नतीजे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">आए</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">एक</span><span style="font-family: Mangal, serif;">सीजन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">छह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सात</span><span style="font-family: Mangal, serif;">महीने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">होता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">इसमें</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">छह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हजार</span><span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मुनाफा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हुआ</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">फायदा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हुआ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तो</span><span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">एक</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">फिर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अपने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">किसान</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span><span style="font-family: Mangal, serif;">समझाया</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कहती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">जब</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">फायदा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हुआ</span><span style="font-family: Mangal, serif;">तो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पिताजी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span><span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बातें</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">समझ</span><span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">आ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गयीं</span><span style="font-family: Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">वे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मना</span><span style="font-family: Mangal, serif;">करने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बजाय</span><span style="font-family: Mangal, serif;">खुद</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हमारे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">साथ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हाथ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बटाने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">लगे</span>. </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><b><span style="font-family: Mangal, serif;">पिता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सहयोग</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मनोबल</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बढ़ा</span></b>. <span style="font-family: Mangal, serif;">घर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">विरोध</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बंद</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हुआ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तो</span><span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">समाज</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">दुत्कारना</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तरह</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">तरह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बातें</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">शुरू</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">परवाह</span><span style="font-family: Mangal, serif;">नहीं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">अगले</span><span style="font-family: Mangal, serif;">सीजन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कुल</span><span style="font-family: Mangal, serif;">सौ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बक्सों</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span><span style="font-family: Mangal, serif;">साथ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">काम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">करना</span><span style="font-family: Mangal, serif;">शुरू</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बताती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>,‘‘ <span style="font-family: Mangal, serif;">एक</span><span style="font-family: Mangal, serif;">दिन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जब</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मैं</span><span style="font-family: Mangal, serif;">साइकिल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कॉलेज</span><span style="font-family: Mangal, serif;">जा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रही</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">थी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">तो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पड़ोस</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बसंती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">चाची</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">रोककर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">समझाया</span>&nbsp; <span style="font-family: Mangal, serif;">वो</span><span style="font-family: Mangal, serif;">आज</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नहीं</span><span style="font-family: Mangal, serif;">भूल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पाती</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">चाची</span><span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मुझसे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कहा</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कि</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">यह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">काम</span><span style="font-family: Mangal, serif;">मर्दों</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">एक</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लड़की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हो</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मुझे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">इस</span><span style="font-family: Mangal, serif;">काम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">टांग</span><span style="font-family: Mangal, serif;">नहीं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">फंसाना</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">चाहिए</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">इससे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हंसाई</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">होगी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">और</span><span style="font-family: Mangal, serif;">दुसरी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लड़कियों</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span><span style="font-family: Mangal, serif;">शादी</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">ब्याह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span><span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दिक्कत</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">होगी</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">तब</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लेकर</span><span style="font-family: Mangal, serif;">आज</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तक</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बहुत</span><span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लोगों</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बहुत</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कुछ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कहा</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">मुझसे</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">मेरे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">घरवालों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लेकिन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मैंने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">किसी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कभी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कुछ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नहीं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कहा</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">क्योंकि</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मुझे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कुछ</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कहने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बजाय</span><span style="font-family: Mangal, serif;">काम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">करने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span><span style="font-family: Mangal, serif;">मजा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">आता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">था</span><span style="font-family: Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">आज</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">आता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>.”</div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><table cellpadding="0" cellspacing="0" class="tr-caption-container" style="float: right; margin-left: 1em; text-align: right;"><tbody><tr><td style="text-align: center;"><a href="http://1.bp.blogspot.com/-Je9o9qZ2GOo/TxHVieuT_RI/AAAAAAAAAcE/wjr49-5gV8Q/s1600/vlcsnap-2011-12-17-16h25m27s239.jpg" imageanchor="1" style="clear: right; margin-bottom: 1em; margin-left: auto; margin-right: auto;"><img border="0" height="171" src="http://1.bp.blogspot.com/-Je9o9qZ2GOo/TxHVieuT_RI/AAAAAAAAAcE/wjr49-5gV8Q/s320/vlcsnap-2011-12-17-16h25m27s239.jpg" width="320" /></a></td></tr><tr><td class="tr-caption" style="text-align: center;">लगाव: अनिता मधुमंखियों से एक जुड़ाव महसूस करती हैं.&nbsp;</td></tr></tbody></table><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><b><span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मां</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रेखा</span><span style="font-family: Mangal, serif;">देवी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कहती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span></b><span style="font-family: Mangal, serif;">कि</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">यह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सब</span><span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">किया</span><span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">हमने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तो</span><span style="font-family: Mangal, serif;">सिर्फ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अपना</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">फर्ज</span><span style="font-family: Mangal, serif;">निभाकर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">उसका</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नैतिक</span><span style="font-family: Mangal, serif;">समर्थन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">किया</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">मां</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बताती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">देखते</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ही</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">देखते</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बहुत</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कुछ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बदल</span><span style="font-family: Mangal, serif;">गया</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हमारे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">घर</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">परिवार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">और</span><span style="font-family: Mangal, serif;">समाज</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span>.&nbsp; <span style="font-family: Mangal, serif;">वह</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कहती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">जिस</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पक्के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मकाने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span><span style="font-family: Mangal, serif;">नीचे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">आप</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">और</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बैठे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">वहां</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तीन</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">चार</span><span style="font-family: Mangal, serif;">साल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पहले</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तक</span><span style="font-family: Mangal, serif;">एक</span>&nbsp; <span style="font-family: Mangal, serif;">छोटी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">सी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">झोपड़ी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हुआ</span><span style="font-family: Mangal, serif;">करती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">थी</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">जिसमें</span><span style="font-family: Mangal, serif;">दाखिल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">होने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span><span style="font-family: Mangal, serif;">लिए</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कमर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तक</span><span style="font-family: Mangal, serif;">झुक</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जाना</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पड़ता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">था</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बहुत</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कुछ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बदला</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">आज</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मेरे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दोनों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बेटे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पढ़</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रहे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">हमलोग</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ठीकठाक</span><span style="font-family: Mangal, serif;">खा</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">पी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रहे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">पहले</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तो</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कई</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">खाने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दिक्कत</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जाती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">थी</span>.</div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-family: Mangal, serif;"><br /></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><b><span style="font-family: Mangal, serif;">यह</span><span style="font-family: Mangal, serif;">तो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span><span style="font-family: Mangal, serif;">घरवालों</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बात</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हुई</span>. </b><span style="font-family: Mangal, serif;">घर</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">परिवार</span><span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बाहर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span><span style="font-family: Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जवार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span><span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ऐसे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">परिवर्तन</span><span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बदौलत</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रहे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span><span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अपनी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">चाची</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">भाभी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बहनों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">इस</span><span style="font-family: Mangal, serif;">तरक्की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">शामिल</span><span style="font-family: Mangal, serif;">करने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बारे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सोंचा</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span><span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">महिलाओं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span><span style="font-family: Mangal, serif;">इकठ्ठा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span><span style="font-family: Mangal, serif;">उसने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">उन्हें</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">समझाया</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कि</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">वो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सभी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मधुमक्खीं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पालन</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सकती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अपने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">परिवार</span><span style="font-family: Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">आर्थिक</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मदद</span>&nbsp; <span style="font-family: Mangal, serif;">पहूंचा</span><span style="font-family: Mangal, serif;">सकती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">सबसे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पहले</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कहने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">उसकी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">उसी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">चाची</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">काम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">शुरु</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">किया</span><span style="font-family: Mangal, serif;">जिसने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कभी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">उसे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कहा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">था</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कि</span><span style="font-family: Mangal, serif;">यह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">काम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लड़कों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">और</span><span style="font-family: Mangal, serif;">लड़की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">होकर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">उसे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">इस</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">काम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span><span style="font-family: Mangal, serif;">टांग</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नहीं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">फंसाना</span><span style="font-family: Mangal, serif;">चाहिए</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बसंती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">देवी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कहती</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कि</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">उन्होंने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">शुरू</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">शुरू</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span><span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मना</span><span style="font-family: Mangal, serif;">जरुर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">किया</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">था</span><span style="font-family: Mangal, serif;">लेकिन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">आज</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">उन्हें</span><span style="font-family: Mangal, serif;">इस</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बात</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">का</span><span style="font-family: Mangal, serif;">गर्व</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कि</span><span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">इस</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span><span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बेटी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">बसंती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">साथ</span><span style="font-family: Mangal, serif;">उनके</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तीनों</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बेटे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अब</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मधुमक्खी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पालन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ही</span><span style="font-family: Mangal, serif;">काम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">करते</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">अपने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">परिवार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span><span style="font-family: Mangal, serif;">आए</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बदलाब</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बारे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बताते</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हुए</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बसंती</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कहती</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>, “ <span style="font-family: Mangal, serif;">तीन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">साल</span><span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">इस</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">व्यवसाय</span><span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">आज</span><span style="font-family: Mangal, serif;">मेरे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तीनों</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बेटे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पास</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अस्सी</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">अस्सी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बक्से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">सब</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अपना</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">अपना</span><span style="font-family: Mangal, serif;">काम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रहे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">लेकिन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तीनों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बेटो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मिलकर</span><span style="font-family: Mangal, serif;">घर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बना</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लिया</span><span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">शरमाते</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हुए</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कहतीं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>, “<span style="font-family: Mangal, serif;">रंगीन</span><span style="font-family: Mangal, serif;">टीवीओ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लग</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गई</span>(<span style="font-family: Mangal, serif;">गया</span>) <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>.” </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><b><span style="font-family: Mangal, serif;">आज</span><span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">एक</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दशक</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पहले</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span></b> <span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">अनजाने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ही</span><span style="font-family: Mangal, serif;">जिस</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बदलाव</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">नींव</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रखी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">थी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">उसका</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ही</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">यह</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कमाल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कि</span><span style="font-family: Mangal, serif;">आज</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">द्वारा</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बनाए</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गए</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सेल्फ</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हेल्प</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ग्रुप</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span><span style="font-family: Mangal, serif;">दो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सौ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">महिलाएं</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span><span style="font-family: Mangal, serif;">लगभग</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">घर</span><span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मधुमक्खी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पालन</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रहा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">कभी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">खेती</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">पथारी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मजदूरी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">और</span><span style="font-family: Mangal, serif;">दिहाड़ी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मजदूरी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">करने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">वाले</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मर्द</span><span style="font-family: Mangal, serif;">व्यवसायी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गए</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">देहरी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बाहर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कदम</span><span style="font-family: Mangal, serif;">रखने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हिचकनेवाली</span><span style="font-family: Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बंदिशों</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">मजबूर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">महिलाएं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कुरुक्षेत्र</span>(<span style="font-family: Mangal, serif;">हरियाणा</span>) <span style="font-family: Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लुधियाना</span>(<span style="font-family: Mangal, serif;">पंजाब</span>) <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">घुम</span><span style="font-family: Mangal, serif;">कर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मधुमक्खी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पालन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नए</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">नए</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तरीके</span><span style="font-family: Mangal, serif;">सीख</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रही</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span><span style="font-family: Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span><span style="font-family: Mangal, serif;">प्रयोग</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रही</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">शहद</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बड़ी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कारोबारी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कंपनियों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">एजेंट</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अब</span><span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span><span style="font-family: Mangal, serif;">तक</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पहुंचते</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>.</div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><b><span style="font-family: Mangal, serif;">यह</span><span style="font-family: Mangal, serif;">सब</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तत्काल</span><span style="font-family: Mangal, serif;">प्रभाव</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नमूने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. </b><span style="font-family: Mangal, serif;">कुछ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बदलाव</span><span style="font-family: Mangal, serif;">ऐसे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हुए</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>, <span style="font-family: Mangal, serif;">जिसका</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">असर</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बाद</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दिनों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दिखेगा</span>. 2002 <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पहले</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">तक</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जिस</span><span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लड़कियों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ज्यादा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पढ़ाना</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बेकार</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">समझा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जाता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">था</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">आज</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">स्थितियां</span><span style="font-family: Mangal, serif;">ठीक</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">उलट</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">गयी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">कभी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">मधुमखी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पालन</span><span style="font-family: Mangal, serif;">करने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">फैसले</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">विरोध</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दर्ज</span><span style="font-family: Mangal, serif;">करानेवाले</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सत्यनारायण</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कुशवाहा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कहते</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span>. “ <span style="font-family: Mangal, serif;">ऊ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सब</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बात</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">छोडि़ए</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">हम</span><span style="font-family: Mangal, serif;">त</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पुराने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लोग</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बुरा</span><span style="font-family: Mangal, serif;">लगा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">त</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बोल</span><span style="font-family: Mangal, serif;">दिया</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लेकिन</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ई</span><span style="font-family: Mangal, serif;">लड़कया</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">ने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">जौन</span><span style="font-family: Mangal, serif;">किया</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">वो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बिना</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पढ़े</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">लिखे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नहीं</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सकता</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">था</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">इहेलिए</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अब</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">लड़कियों</span><span style="font-family: Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बहुते</span><span style="font-family: Mangal, serif;">पढ़ाना</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">लिखाना</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">ऊ</span><span style="font-family: Mangal, serif;">जौनो</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">काम</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">करना</span><span style="font-family: Mangal, serif;">चाहेंगी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">उसे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">करने</span><span style="font-family: Mangal, serif;">देना</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">चाहिए</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">समय</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बदल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रहा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>.”</div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><b><span style="font-family: Mangal, serif;">भी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">अब</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">समय</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">की</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बदलाव</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">भांप</span><span style="font-family: Mangal, serif;">रहे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">हैं</span> </b><span style="font-family: Mangal, serif;">और</span><span style="font-family: Mangal, serif;">यह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">सब</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">संभव</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हुआ</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">इस</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">नौवी</span><span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">छात्रा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">अनिता</span><span style="font-family: Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">उस</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">प्रयास</span><span style="font-family: Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">वजह</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">से</span><span style="font-family: Mangal, serif;">जिसे</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">उसने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">चुप</span>-<span style="font-family: Mangal, serif;">चाप</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">आकार</span><span style="font-family: Mangal, serif;">दिया</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">बगैर</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कुछ</span><span style="font-family: Mangal, serif;">बोले</span>.&nbsp; <span style="font-family: Mangal, serif;">बगैर</span><span style="font-family: Mangal, serif;">किसी</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कुछ</span><span style="font-family: Mangal, serif;">समझाए</span>. <span style="font-family: Mangal, serif;">अपने</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">पूरे</span><span style="font-family: Mangal, serif;">गांव</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">यह</span><span style="font-family: Mangal, serif;">समझा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">दिया</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">कि</span><span style="font-family: Mangal, serif;">हवा</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">बदल</span> <span style="font-family: Mangal, serif;">रही</span><span style="font-family: Mangal, serif;">है</span>.</div></div>http://qalamse.blogspot.com/2012/01/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)0Muzaffarpur, बिहार, भारत26.122619 85.37996926.0655925 85.301005 26.1796455 85.458933tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-7718317867324195499Thu, 29 Dec 2011 05:54:00 +00002011-12-29T11:24:26.910+05:30लोकपाल"लोकपाल" गीत, कविता या फिर आप जो समझ के पढ़ लें!<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><br /><div style="text-align: justify;">&nbsp;लोकपाल बिल पास हुआ. जन लोकपाल न सही, सरकारी वाला ही. पूरा नहीं थोड़ा ही सही. वैसे भी कब्ज में पूरा का पूरा तो, एक बार में कयम चुर्ण से भी नहीं निकलता. फिर ये तो सरकार के लिए पुराना कब्ज जैसा लग रहा था. सभी के सभी नेता ऐंठ रहे थे. कई दिनों से. थोड़े से के निकलने पे ही सब ने थोड़ी चैन तो ली होगी. खैर, गांधीवादी डॉक्टर लगे हुए हैं, कह रहे हैं कि पूरा निकाल के ही दम लेंगे.</div><div style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;">&nbsp;चलिए...अच्छा है...</div><div style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;">अभी तो आप इस गंभीर विषय से जुड़ा मेरा एक बिल्कुल ताजा माल पढिए. यकिन मानिए. अगर आप सामने होते तो पूरे सुर में सुनाता. बिल्कुल "डॉ. कुमार विश्वास" की तरह. कोई नहीं! अभी नहीं तो फिर कभी. बिना अफसोस किए &nbsp;इसे पढिए और अगर आपतक वही बात &nbsp;पहूंचे जो हम पहूंचाना चाहते हैं तो ताली के बजाय &nbsp;"कमेंट" पोस्ट कर जानकारी दीजिएगा (यह तरीका कुमार विश्वास का है. यहां, इतनी तो तमीज है कि जिसका जो माल है उसे उसका क्रेडिट दे दिया जाए)</div><div style="text-align: justify;"><br /></div><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;">सरकार बहादूर कर गए मनमानी, अन्ना का अनशन पड़ा न भारी.</span><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;">कंग्रेस कहे हमने किया, वायदा पूरा. ले आए और पास कराया लोकपाल बिल, पूरा.</span><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;">बेजेपी लगे है बिलबिलाए, &nbsp;जैसे खा ली हो ललका मिरचाई.</span><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;"><br /></span><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;">टीम अन्ना के पांव जमे हैं. हुकारों पे हुंकार फूंके है.</span><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;">"बिगुल लड़ाई की बजती रहेगी"-टीवी ने, &nbsp;अन्ना उपवाच बाताए.</span><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;">सब ने जम के प्रोमो चलाए फिर दिओ ब्रेकिंग-ब्रेकिंग चिल्लाए.</span><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;"><br /></span><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;">नए-नए लड़कवन ने खुबे "मैं हूं अन्ना" टाईप टोपिया लहड़ाए.</span><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;">दिल्ली छोड़, मुंबई जमाए...</span><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;">सब के सब, संसद और सांसद को हैं खुबे गरियाए.</span><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;">&nbsp;सब हैं चोर साले- &nbsp;हर कोई यही है बतिआए.</span><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;"><br /></span><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;">ई सब के बीच, भ्रष्टाचार है देखो मुस्काय.</span><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;">कहे-"पहले अपने में फरियाओ......</span><br /><span class="Apple-style-span" style="color: red;">फिर बच-बचा जाओ तो हमरी तरफ(भ्रष्टाचार) की तरफ आओ."</span><br /><br />(भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए खुद को मिटा तक देने वाले उन क्रांतिकारी दोस्तों को एक सप्रेम भेंट जिनमे मुझे ही नहीं पूरे देश को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव दिखाई पड़ रहे हैं. मित्रों आपके माथे की यह गांधीकट-अन्ना वाली टोपी एक दिन जरुर रंग लाएगी. बस आप लोकपाल लाओ का नारा पूरे मन से बुलंद करते रहें. बस कुछ ही दूरी पर वह भारत है जो भ्रष्टाचार से मुक्त है. बिल्कुल तैयार आपके लिए.)<br /></div>http://qalamse.blogspot.com/2011/12/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)0tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-3698982266915104652Mon, 21 Nov 2011 11:06:00 +00002011-11-21T16:36:37.150+05:30biharsonpur melaचलाचली की बेला में छत्तर का मेला...<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedContent> <w:AlwaysShowPlaceholderText>false</w:AlwaysShowPlaceholderText> <w:Compatibility> <w:BreakWrappedTables/> <w:SnapToGridInCell/> <w:WrapTextWithPunct/> <w:UseAsianBreakRules/> <w:DontGrowAutofit/> </w:Compatibility> <w:BrowserLevel>MicrosoftInternetExplorer4</w:BrowserLevel> </w:WordDocument> </xml><![endif]--><!--[if gte mso 9]><xml> <w:LatentStyles DefLockedState="false" LatentStyleCount="156"> </w:LatentStyles> </xml><![endif]--><!--[if gte mso 10]> <style> /* Style Definitions */ table.MsoNormalTable {mso-style-name:"Table Normal"; mso-tstyle-rowband-size:0; mso-tstyle-colband-size:0; mso-style-noshow:yes; mso-style-parent:""; mso-padding-alt:0in 5.4pt 0in 5.4pt; mso-para-margin:0in; mso-para-margin-bottom:.0001pt; mso-pagination:widow-orphan; font-size:10.0pt; font-family:"Times New Roman"; mso-ansi-language:#0400; mso-fareast-language:#0400; mso-bidi-language:#0400;} </style> <![endif]--> <br /><br /><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedContent> <w:AlwaysShowPlaceholderText>false</w:AlwaysShowPlaceholderText> <w:Compatibility> <w:BreakWrappedTables/> <w:SnapToGridInCell/> <w:WrapTextWithPunct/> <w:UseAsianBreakRules/> <w:DontGrowAutofit/> </w:Compatibility> <w:BrowserLevel>MicrosoftInternetExplorer4</w:BrowserLevel> </w:WordDocument> </xml><![endif]--><!--[if gte mso 9]><xml> <w:LatentStyles DefLockedState="false" LatentStyleCount="156"> </w:LatentStyles> </xml><![endif]--><!--[if gte mso 10]> <style> /* Style Definitions */ table.MsoNormalTable {mso-style-name:"Table Normal"; mso-tstyle-rowband-size:0; mso-tstyle-colband-size:0; 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style="font-family: Mangal;">खुद से न चल पाने वाले छोटे बच्चों को गोद में चिपकाए लोगों का रेल्ला सोनपुर की तरफ बढ़ रहा है. इस रेल्ले में औरतों की संख्या मर्दों की तुलना में ज्यादा</span> &nbsp;<span lang="HI" style="font-family: Mangal;">मालूम होती है.</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal;">यह रेल्ला</span>, <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">कार्तिक पूर्णिमा के अवसर</span>&nbsp; <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">पर गंगा में डुबकी लगाने</span>, <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">स्थानीय हरिहरनाथ मंदिर में जल चढ़ाने और साल में एक बार लगने वाले छत्तर मेला (सोनपुर मेला का स्थानिय नाम) में घुमने</span>, <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">खरीदारी करने</span>, <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">तरह-तरह</span>&nbsp; <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">के करतब</span>&nbsp; <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">देखने और खाने-पीने के लिए आसपास के ज्यादातर इलाकों से</span>, <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">हर साल निकलता है. मेला देखने और गंगा स्नान करने के लिए आनेवाले</span><span>, </span><span lang="HI" style="font-family: Mangal;">मेला स्थल और गंगा घाट तक पहूंचने के लिए करीब-करीब सात से आठ किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते है क्योंकि कार्तिक पूर्णिमा के दिन होने वाले विशाल जुटान को देखते हुए स्थानीय प्रशासन हाजीपुर से सोनपुर की तरफ जाने वाली गाडियों को बद करवा देता है.</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal;">कार्तिक पूर्णिमा से शुरू होकर अगले पच्चीस-तीस दिनों तक चलने वाले इस सोनपुर मेले को देश-दुनियां में एशिया के सबसे बड़े पशु मेले के तौर पर जाना जाता है लेकिन मेले की यह पहचान पिछले कुछ सालों से मिटती जा रही है. मेले में बिक्री के लिए आने वाले पशुओं की संख्या लगातार घटती जा रही है. चाहे वो दुधारू मवेशी गाय और भैंस हो या पूर्व में शान की सवारी समझे जाने वाले हाथी</span>, <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">घोड़ा या उंट हों. शुरू-शुरू में इस मेले में पूरे मध्य एशिया से व्यापारी पर्शियन नस्ल के घोड़ों</span>, <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">हाथी</span>, <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">अच्छी किस्म के ऊंट और दुधारू मेवेशियों के लिए यहां तक आते थे. लेकिन यह सिलसिला पिछले कुछ सालों से बंद है. अब इस मेले में जानवरों की खरीद-बिक्री न के बराबर होती है. कहें तो अब यह मेला बड़े जानवरों की प्रदर्शनी भर बन के रह गया है.</span>&nbsp; <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">इस बार के मेले में गोरखपुर से अपने हाथी के साथ आए उदय ठाकुर बड़े शान से कहते हैं</span>, "<span lang="HI" style="font-family: Mangal;">अब हाथी तो मुश्किल से ही इस मेले में बिकें लेकिन हम तो इस बार मेले में केवल चार</span>&nbsp; <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">हाथी घुमाने के लिए आते हैं. हाथी है. मेले में लाएं हैं. मेला घुमाएंगे और वापस ले जाएंगे" बातचीत में उदय ठाकुर बताते हैं कि गोरखपुर से यहां तक हाथी को आने में दो सप्ताह का समय और उन्हें बीस हजार का खर्चा आया है. इस बातचीत से यह तो साफ हो जाता है कि अब यहां जानवरों के खरीदार नहीं आते. जब खरीदार ही नहीं आएंगे तो कौन केवल शौक के लिए या जानवर को मेला घुमाने के लिए बीस हजार रुपए लगा कर यहां तक आएगा. यह समस्या सोनपुर मेले के स्वर्णिम इतिहास को धीरे-धीरे मिटाता जा रहा है.</span></span></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal;">जानवरों के अलावा मेले में जरुरत की हर छोटी-बड़ी चीजों की दुकाने सजी हैं. बच्चों के मनोरंजन के लिए मौत का कुंआ</span>, <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">इक्षाधारी नाग-नागीन का खेल</span>, <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">झूले और खेल-खिलौनों की दुकाने लगी हैं तो दूसरी तरफ जवान लड़कों और मर्दों</span>&nbsp; <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">के मनोरंजन के लिए कई थियेटर कम कपड़े पहने लड़कियों</span> &nbsp;<span lang="HI" style="font-family: Mangal;">के आदमकद</span>&nbsp;&nbsp;<span lang="HI" style="font-family: Mangal;">कटआउट्स लगाए मेले में खड़े है. थिएटरों में काफी कम छोटे कपड़े पहने हुए लड़कियों के नाच शाम से शुरू</span>&nbsp; <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">हो जाते हैं और फिर देर रात तक केवल थिएटर के अंदर और बाहर ही चहलपहल दिखती है. यह एक विडंबना ही है कि पशुओं के लिए विख्यात</span>&nbsp; <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">मेले में आज इन थिएटरों का प्रमुखता से कब्जा है. मेले की हालिया पहचान भी इन थिएटरों से ही जुड़ रही है.</span>&nbsp;&nbsp; <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">थिएटरों पर नाच की आड़ में अश्लीलता परोसने के आरोप भी लगे हैं और इन आरोपों की वजह से एक बड़ा वर्ग सोनपुर मेले को ही अश्लील मानने लगा है और इस तरफ रुख करने से बचने लगा है.</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;">&nbsp;<span lang="HI" style="font-family: Mangal;">अपनी असल पहचान खोते और अश्लीलता का आरोप झेलते इस मेले का इतिहास काफी पुराना और दुरुस्त है. माना जाता है कि यह मेला मौर्यकाल से लगता आ रहा है. चंद्रगुप्त मौर्य</span>, <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">सेना के लिए हाथी खरीदने हरिहर क्षेत्र आते थे. </span>1888 <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">में यहीं पर सर्वप्रथम गोरक्षा पर विचारगोष्ठी का आयोजन हुआ था.</span>&nbsp; <span lang="HI" style="font-family: Mangal;">स्वतंत्रता आंदोलन में भी सोनपुर मेला बिहार की क्रांतिकारी गतिविधियों का केंद्र रहा है. वीर कुँअर सिंह लोगों में अंग्रेजी हुकूमत से संघर्ष के लिए जागरूक करने और अपनी सेना में बहाली के लिए यहां आते थे. अंग्रेजों के शासनकाल में ही इसे "एशिया का सबसे बड़ा पशु-मेला" नाम दिया गया था.</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;">&nbsp;<span lang="HI" style="font-family: Mangal;">हालाकिं तमाम आरोपों और मेले के मिटते जाने की शंका और आशंकाओं के बीच इस मेले में आने वाले आम देहाती लोग को देखने-सुनने के बाद ऐसा लगता है कि ये लोग अपनी परेशानियों को पीछे छोड़ के यहां आते हैं. जमकर मस्ती करते हैं. जरुरी के सस्ते सामानों की खरीददारी करते हैं. खाते-पीते हैं और मेले के बारे में बोलते-बतियाते शाम ढ़ले अपने घर को लौट जाते हैं. मेले में आने वालों की संख्या और उनके मिजाज को देखकर इतना तो विश्वास हो ही जाता है कि सोनपुर मेला देहात की आम जनता का अपना मेला है.</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://1.bp.blogspot.com/-23EHQEEm9mM/TsosKGyO6MI/AAAAAAAAAZw/bo-m8gAvAUo/s1600/IMG_9113.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="364" src="http://1.bp.blogspot.com/-23EHQEEm9mM/TsosKGyO6MI/AAAAAAAAAZw/bo-m8gAvAUo/s640/IMG_9113.jpg" width="640" /></a></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><span lang="HI" style="font-family: Mangal;"></span><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedContent> <w:AlwaysShowPlaceholderText>false</w:AlwaysShowPlaceholderText> <w:Compatibility> <w:BreakWrappedTables/> <w:SnapToGridInCell/> <w:WrapTextWithPunct/> <w:UseAsianBreakRules/> <w:DontGrowAutofit/> </w:Compatibility> <w:BrowserLevel>MicrosoftInternetExplorer4</w:BrowserLevel> </w:WordDocument> </xml><![endif]--><!--[if gte mso 9]><xml> <w:LatentStyles DefLockedState="false" LatentStyleCount="156"> </w:LatentStyles> </xml><![endif]--><!--[if gte mso 10]> <style> /* Style Definitions */ table.MsoNormalTable {mso-style-name:"Table 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center;"><a href="http://4.bp.blogspot.com/-dlddj7eRO0s/Tsor-MENe5I/AAAAAAAAAZY/U4Rd1qVmuzI/s1600/IMG_8927.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="416" src="http://4.bp.blogspot.com/-dlddj7eRO0s/Tsor-MENe5I/AAAAAAAAAZY/U4Rd1qVmuzI/s640/IMG_8927.jpg" width="640" /></a></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="color: black;">&nbsp;</span></span><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedContent> <w:AlwaysShowPlaceholderText>false</w:AlwaysShowPlaceholderText> <w:Compatibility> <w:BreakWrappedTables/> <w:SnapToGridInCell/> <w:WrapTextWithPunct/> <w:UseAsianBreakRules/> <w:DontGrowAutofit/> </w:Compatibility> <w:BrowserLevel>MicrosoftInternetExplorer4</w:BrowserLevel> </w:WordDocument> 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style="mso-spacerun: yes;">&nbsp; </span>ठाकुर हैं.&nbsp;</span></span></b></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><b><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="color: black;">&nbsp;</span></span></b></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><a href="http://4.bp.blogspot.com/-wak0QHjR07I/TsosNvE0ZrI/AAAAAAAAAZ4/5YkiUq4Kp7M/s1600/IMG_9168.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="377" src="http://4.bp.blogspot.com/-wak0QHjR07I/TsosNvE0ZrI/AAAAAAAAAZ4/5YkiUq4Kp7M/s640/IMG_9168.jpg" width="640" /></a><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedContent> 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style="color: purple;">नौटंकी <span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp;</span>की जगह <span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp;</span>थिएटर कंपनियां:</span><span style="color: black;"> पहले, तीस दिनों तक चलने वाले<span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp; </span>मेले में दूर-दूर<span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp; </span>के व्यापारी, जानवर<span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp; </span>खरीदने-बेचने वाले आते थे और तीस दिनों तक स्थायी तौर पर यहीं रहते थे सो मेले में नौटंकी दिखाने वाले भी भारी मात्रा में आते थे और <span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp;</span>लैला-मजनूं और <span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp;</span>दही वाली गुजरी की कहानियों का मंचन कर के लोगों का मन बहलाती थीं. आज नौटंकी वाले, वालियों की जगह बड़ी-बड़ी थिएटर कंपनियों ने ले लिया है और पराम्परिक कहानियों के मंचन की जगह<span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp; </span>फिल्मी आयटम <span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp;</span>सॉंग और भोजपुरी गानों पर<span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp; </span>होने वाले अश्लील नाच ने ले लिया है.</span></span></b></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://4.bp.blogspot.com/-UUfmVOi5Xuk/TsosDHyUQZI/AAAAAAAAAZg/3jAlX6bdnkM/s1600/IMG_8965.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="352" src="http://4.bp.blogspot.com/-UUfmVOi5Xuk/TsosDHyUQZI/AAAAAAAAAZg/3jAlX6bdnkM/s640/IMG_8965.jpg" width="640" /></a></div><div style="text-align: center;"><b><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="color: black;">&nbsp;</span></span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="color: purple;">आराम का वक्त:</span><span style="color: black;"> अकसर<span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp; </span>लोग मेले में घूमते-घूमते थकान महसूस करने लगते हैं. अपनी थकान को भगाने के लिए लोग मेले के बगल वाली साधू गाछी (आम का बागीचा जिसे साधू गाछी के नाम से जाना जाता है.) में बैठ, आपस में बतियाते, कुछ खाते-पीते और एकाध झपकी लेते देखे जाते हैं.&nbsp;</span></span></b></div><div style="text-align: center;"><b><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="color: black;">&nbsp;</span></span></b></div><div style="text-align: center;"><b><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="color: black;">&nbsp;</span></span></b></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://4.bp.blogspot.com/-9xJWNjkkyew/TsosGxmHQvI/AAAAAAAAAZo/fBJjV5DNQ8A/s1600/IMG_8985.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="376" src="http://4.bp.blogspot.com/-9xJWNjkkyew/TsosGxmHQvI/AAAAAAAAAZo/fBJjV5DNQ8A/s640/IMG_8985.jpg" width="640" /></a></div><div style="text-align: center;"><b><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="color: black;">&nbsp;</span></span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="color: purple;">कमाई का आसान रास्ता: </span><span style="color: black;">तस्वीर में कंधे पर बांसुरियों को लादे जो लड़का खड़ा है वह</span><span style="color: purple;"> </span><span style="color: black;">दस <span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp;</span>वर्षिय “अरमान” है. अरमान, बांसुरी बेचने का काम करता है. वैसे तो उसे बांसुरी बेचने के लिए हर रोज इलाके के अलग-अलग जगहों पर पैदल जाना होता है. लेकिन अगल कुछ दिनों तक<span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp; </span>अरमान<span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp; </span>आसानी से हर रोज दो सौ रुपय की कमाई करता रहेगा. उसे केवल इतना भर करना होगा कि अपनी बांसुरियों के साथ मेले में आ के खड़ा हो जाए.</span></span></b></div><div style="text-align: center;"><b><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="color: black;">&nbsp;</span></span></b></div><div style="text-align: center;"><b><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="color: black;">&nbsp;</span></span></b></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://4.bp.blogspot.com/-kHET-O8z8-w/TsovEHwpe-I/AAAAAAAAAaQ/eeYHZKWGaXw/s1600/IMG_8897.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="438" src="http://4.bp.blogspot.com/-kHET-O8z8-w/TsovEHwpe-I/AAAAAAAAAaQ/eeYHZKWGaXw/s640/IMG_8897.jpg" width="640" /></a></div><div style="text-align: center;"><b><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="color: black;">&nbsp;</span></span></b><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedContent> <w:AlwaysShowPlaceholderText>false</w:AlwaysShowPlaceholderText> <w:Compatibility> <w:BreakWrappedTables/> <w:SnapToGridInCell/> <w:WrapTextWithPunct/> <w:UseAsianBreakRules/> <w:DontGrowAutofit/> </w:Compatibility> <w:BrowserLevel>MicrosoftInternetExplorer4</w:BrowserLevel> </w:WordDocument> </xml><![endif]--><!--[if gte 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yes;">&nbsp;</span>किनारे लगाए गए किसी छोटे से दुकान पर <span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp;</span>गवईं औरतों की टोली श्रिंगार के सस्ते सामानों की खरीददारी करती दिखती हैं.</span></span></b></div><div style="text-align: center;"><b><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="color: black;">&nbsp;</span></span></b></div><div style="text-align: center;"><b><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="color: black;">&nbsp;</span></span></b></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://1.bp.blogspot.com/-UCbhqwJPQLI/TsosSGlseHI/AAAAAAAAAaA/yetn0xLvUuk/s1600/IMG_9218.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="424" src="http://1.bp.blogspot.com/-UCbhqwJPQLI/TsosSGlseHI/AAAAAAAAAaA/yetn0xLvUuk/s640/IMG_9218.jpg" width="640" /></a></div><div style="text-align: center;"><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:PunctuationKerning/> 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style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://4.bp.blogspot.com/-wJl6FH4HDqs/TsosZq4KitI/AAAAAAAAAaI/jIblNHPsbjU/s1600/IMG_9556.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="640" src="http://4.bp.blogspot.com/-wJl6FH4HDqs/TsosZq4KitI/AAAAAAAAAaI/jIblNHPsbjU/s640/IMG_9556.jpg" width="414" /></a></div><div class="MsoNormal"><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedContent> <w:AlwaysShowPlaceholderText>false</w:AlwaysShowPlaceholderText> <w:Compatibility> <w:BreakWrappedTables/> <w:SnapToGridInCell/> <w:WrapTextWithPunct/> <w:UseAsianBreakRules/> <w:DontGrowAutofit/> </w:Compatibility> <w:BrowserLevel>MicrosoftInternetExplorer4</w:BrowserLevel> </w:WordDocument> </xml><![endif]--><!--[if gte mso 9]><xml> <w:LatentStyles DefLockedState="false" 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दोनों में भारी कमी आई है. फिलहाल यह दौड़ मेले में आने वालों का मनोरंजन करती है.</span></span></b></div><div class="MsoNormal"><br /></div><b><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="color: black;">&nbsp;</span></span></b> <!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedContent> <w:AlwaysShowPlaceholderText>false</w:AlwaysShowPlaceholderText> <w:Compatibility> <w:BreakWrappedTables/> <w:SnapToGridInCell/> <w:WrapTextWithPunct/> <w:UseAsianBreakRules/> <w:DontGrowAutofit/> </w:Compatibility> <w:BrowserLevel>MicrosoftInternetExplorer4</w:BrowserLevel> </w:WordDocument> </xml><![endif]--><!--[if gte mso 9]><xml> <w:LatentStyles DefLockedState="false" LatentStyleCount="156"> </w:LatentStyles> </xml><![endif]--><!--[if gte mso 10]> <style> /* Style Definitions */ table.MsoNormalTable {mso-style-name:"Table 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href="http://4.bp.blogspot.com/-Y9QHb4RTnZ8/TrgZkS_uviI/AAAAAAAAAZI/OjyQjJJfuFM/s1600/05.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="200" src="http://4.bp.blogspot.com/-Y9QHb4RTnZ8/TrgZkS_uviI/AAAAAAAAAZI/OjyQjJJfuFM/s200/05.jpg" width="200" /></a></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;;">आगामी चौबीस नवबंर को नीतिश कुमार के नेतृत्व वाली मौजूदा राज्य सरकार के कार्यकाल का एक साल पूरा हो जाएगा. लेकिन सरकार द्वारा एक साल पूरा किए जाने की चर्चा कहीं नहीं दिखेगी. क्योंकि इसी माह की नौ तारीख को नीतिश बाबू “सेवा यात्रा” पे निकल रहे हैं. जाहिर सी बात है कि जब मुख्यमंत्री राज्य के दौड़े पे है&nbsp; तो मीडिया उस यात्रा को ही कवर करने में अपना ज्यादा समय और पन्ना खर्चेगा. यात्रा को छोड़ के कौन इस तरफ ध्यान देना चाहेगा कि बीते एक साल में मौजूदा सरकार ने राज्य की जनता के लिए क्या-क्या किया? कौन-कौन से निवेश इस एक साल में राज्य की जमीन पे उतड़े.?&nbsp; आमजन को प्रभावित करने वाले कौन-कौन से फैसले सरकार ने लिए? नीतिश के सुशासन राज्य में जो बियाडा जमीन घोटाले की बात सामने आई उस केस में क्या प्रगति हुई? फारबिसगंज में जो गोली चली और जो पुलिसिया तांडव हुआ उसके लिए चार माह बाद&nbsp; भी किसी को अभी तक सजा क्यों नहीं मिली?</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><br /></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;;">इसमे कोई शक नहीं कि नीतिश ने राज्य के पिछले आरजेडी शासन से बेहतर शासन व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश की है और कुछ मामलों में इनकी सरकार ने सफलता भी हासिल की है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं हुआ कि नीतिश सर्वेसर्वा हो गए. और इनकी सरकार में कोई खामी या कमी है ही नहीं. राज्य की मीडिया द्वारा अभी तो सरकार की कमियों को छुपाया जा रहा है लेकिन यह स्थिति ज्यादा दिनों तक नहीं रह सकती है. यह बात नीतिश कुमार और उनके सहयोगियों को समझ लेनी चाहिए.&nbsp; </span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><br /></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;;">खैर, अभी नवबंर का महीना है और जैसा कि मैंने उपर ही कहा कि इस महीने मीडिया में ज्यादातर बातें नीतिश कुमार की “सेवा यात्रा” की ही होंगी तो क्यों न हम भी यहां “सेवा यात्रा” और इसी के साथ शुरु हो रहीं&nbsp; कुछ दूसरी यात्राओं तक अपना फोकस रखें. जी हां…इस महीने नीतिश ही अकेले यात्रा पे नहीं होंगे. राज्य की राजनीति में अपने लिए जगह की तलाश में गांव-गांव घुमने लालू यादव भी निकलेंगे और सबसे मजेदार बात- नीतिश सरकार की सहयोगी पार्टी बीजेपी के राज्य अध्यक्ष डॉ. सी.पी.ठाकुर&nbsp; भी भ्रष्टाचार के खिलाफ अलख जगाने की चाहत लिए पूरे राज्य की यात्रा पर संभवत: इसी महीने में निकलेंगे. सी.पी. ठाकुर अपने यात्रा की शुरूआत कहां से करेंगे और किस तारीख को करेंगे इसकी घोषणा तो अभी नहीं हुई है लेकिन इतना तय मानिए कि इनकी यात्रा नीतिश&nbsp; की “सेवा यात्रा”&nbsp; के कुछेक दिन आगे ही शुरू होगी.</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><br /></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;;">जिस दिन नीतिश अपनी “सेवा यात्रा” पश्चिम चंपरण से शुरु करेंगे ठीक उसी दिन आरजेडी सुप्रिमो लालू यादव गया से अपनी यात्रा ’गांव-गांव” के लिए रवाना होगें. नीतिश अपनी यात्रा में गांव-गवई का औचक निरिक्षण करेंगे (निरिक्षण कितना औचक होगा इसका तो उपर वाला ही&nbsp; मालिक है) और देहातों में चल रही योजनाओं के बारे में जानकारी लेंगे. ऐसा दावा है मुख्यमंत्री के दफतर का. लेकिन कौन बुद्दू नहीं जानता कि इन यात्राओं का मतलब होता है लोगों के साथ सरकारी खर्चे पे जनसंपर्क. जिसका फायदा यात्रा करने वाले को अगामी चुनाव में मिलना तय माना जाता &nbsp;है. <br /><br /></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;;">नीतिश की यात्रा के लिए पूरा सरकारी अमला है तो दूसरी तरफ लालू के लिए केवल उनके कार्यकर्ता जिनकी संख्या भी अब काफी कम हो गई है. नीतिश के लिए अपनी यात्रा में बोलने के लिए काफी कुछ है. पता नहीं लालू अपनी यात्रा में राज्य की जनता से क्या कह रहे हैं. क्योंकि फिलहाल ज्यादातर मौकों पर वो खूद बोलते-बोलते भुल जाते हैं कि क्या कह रहे थे और आगे क्या कहना है. तब उनके अगल-बगल में बैठे लोग धीरे से उनके कान में फूंक मारते और फिर लालू बोलने लगते. लेकिन नीतिश के साथ ऐसा नहीं है. वो किसी भी मंच पे बोलने के मामले में रत्ति भर भी नहीं चुकते. खूब बोलते हैं और चबा-चबा के बोलते हैं. यह नीतिश की वाकपटुता ही है कि उनके द्वारा राज्य में विकास के नाम पे कुछ सड़के ही मोटे तौड़ पे देखती हैं लेकिन वो सारी वाहवाही अपने नाम किए जा रहे हैं. </span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><br /></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;;">जैसा की लेख के शुरू में ही बताया गया कि नीतिश और लालू की यात्राओं के साथ एक यात्रा सी.पी. ठाकुर की भी है. बीजेपी की इस यात्रा का मतलब साफ है कि वो अब नीतिश को अकेले सारी वाह-वाही लेने देने के मूड में नहीं है. भगवा पार्टी पहले ही इस बात से खफा है कि नीतिश की पार्टी राज्य में हो रहे ज्यादातर विकास का लाभ लपक ले रही है और बीजेपी सहयोगी और प्रमुख पार्टी होने के बाद भी मुह ताकती रह जा रही है. कुछ हलकों में तो बीजेपी की इस यात्रा को आगामी लोकसभा के चुनाव में जेडीयू और बीजेपी में होने वाले लगवा की तैयारी से भी जोड़ के देखा जा रहा है. तैयारी हो भी क्यों न. राजनीति में कोई भी रिश्ता पर्मानेंट थोड़े न होता है. लेकिन बीजेपी द्वारा घोषित यह यात्रा हड़बड़ी में घोषित यात्रा लगती है. किसी दूसरी यात्रा के बारे में सोंचना चाहिए था. अभी-अभी तो आडवाणी अपनी भ्रष्टाचार विरोधी यात्रा लेकर बिहार से गुजरे हैं तो फिर&nbsp; से एक भ्रष्टाचार विरोधी यात्रा. फंडा कुछ जम नहीं रहा. </span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><br /></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><span style="font-family: &quot;Arial Unicode MS&quot;,&quot;sans-serif&quot;;">मतलब अगर दो टूक शब्दों में कहें तो नवंबर का महीना यात्रामय होगा लेकिन तीनों की तीनों यात्राएं करने वालों से राज्य की जनता को कुछ खास मिलेगा नहीं. क्योंकि तीनो यात्री इन यात्राओं से कुछ न कुछ पाने की आस लिए निकल रहे हैं. हां…नीतीश की यात्रा से राज्य की जनता का कुछ पैसा बरसात की पानी के तरह जरुर बह जाएगा.&nbsp; नीतीश राज्य में बने रहने के लिए यात्रा पर हैं. लालू यात्रा के माध्यम से राज्य की सत्ता में लौटने का प्रवेश द्वार खोज रहे हैं और डॉ. ठाकुर अपनी यात्रा से नीतिश और जेडीयू को&nbsp; एक प्राईवेट मैसेज&nbsp; चाहते हैं कि अब बस.</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span style="font-size: large;"><br /></span></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2011/11/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)0tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-6610787536556380708Fri, 21 Oct 2011 12:08:00 +00002011-10-23T00:03:03.972+05:30कामयाबीखोज...<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://4.bp.blogspot.com/-PXacX0xf4iA/TqFls8JBSuI/AAAAAAAAAYk/sbz4pDqPMnQ/s1600/IMG_5470.JPG" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="133" src="http://4.bp.blogspot.com/-PXacX0xf4iA/TqFls8JBSuI/AAAAAAAAAYk/sbz4pDqPMnQ/s200/IMG_5470.JPG" width="200" /></a></div><br /><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"></div><span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">ये आखें</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">मेरी सांसे-</span></span></span></div><div></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"><br /></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><span class="StyleStrongComplexMangal" style="font-size: large;"><span lang="HI">शहर की भीड़ में</span>,</span></div><div style="text-align: left;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI" style="font-size: large;">चौक की चाय दूकान में</span></span></div><div style="text-align: left;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><span class="StyleStrongComplexMangal" style="font-size: large;"><span lang="HI">गांव की आरमियत में</span>,</span></div><div style="text-align: left;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><span class="StyleStrongComplexMangal" style="font-size: large;"><span lang="HI">खेत-खलिहान में</span>,</span></div><div style="text-align: left;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><span class="StyleStrongComplexMangal" style="font-size: large;"><span lang="HI">मेले&nbsp; और रेले में</span>,</span></div><div style="text-align: left;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><span class="StyleStrongComplexMangal" style="font-size: large;"><span lang="HI">राजनितिक या सामजिक सेमिनार में</span>,</span></div><div style="text-align: left;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><span class="StyleStrongComplexMangal" style="font-size: large;"><span lang="HI">हर सभा और संगत में</span>, </span></div><div style="text-align: left;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><span class="StyleStrongComplexMangal" style="font-size: large;"><span lang="HI">तुम्हे खोजती हैं</span>. </span></div><div style="text-align: left;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"><br /></span></div><div style="text-align: left;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><span class="Apple-style-span" style="font-size: large;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">महसूस तो करता हूं</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">तुम्हे. लेकिन दिखती नहीं हो</span>, </span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span lang="HI">कहीं.</span></span></span></div><div style="text-align: left;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><span class="StyleStrongComplexMangal" style="font-size: large;"><span lang="HI">क्यों भला</span>?</span></div><div style="text-align: left;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><br /></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2011/10/blog-post_21.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)0tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-6963939231908020339Fri, 14 Oct 2011 09:55:00 +00002011-10-14T15:25:44.761+05:30annakashmirprashant bhushanसिविल सोसाईटी सदस्य: ये क्या हो रहा है?<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://2.bp.blogspot.com/--nPOkO1Mjmk/TpgG7IdZHVI/AAAAAAAAAYY/OR8GzWtS-EA/s1600/Anna_Team_Insis10087.jpg" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="219" src="http://2.bp.blogspot.com/--nPOkO1Mjmk/TpgG7IdZHVI/AAAAAAAAAYY/OR8GzWtS-EA/s320/Anna_Team_Insis10087.jpg" width="320" /></a></div><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedContent> <w:AlwaysShowPlaceholderText>false</w:AlwaysShowPlaceholderText> <w:Compatibility> <w:BreakWrappedTables/> <w:SnapToGridInCell/> <w:WrapTextWithPunct/> <w:UseAsianBreakRules/> <w:DontGrowAutofit/> </w:Compatibility> 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जरुरत नही है लेकिन उस प्रतिक्रिया के बाद प्रशांत भूषण के साथ जो व्यवहार किया गया उसकी निंदा होनी चाहिए. आरोपियों को पकड़ा जाना चाहिए और उन्हें समझाया जाना चाहिए कि इस देश में हर किसी को बोलने का अधिकार है, अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन किसी के साथ मार-पिटाई करने की छुट किसी को भी नही है. </span></span></div><div class="MsoNormal"><br /></div><div class="MsoNormal"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">खैर, इस धटना के बाद टीम अन्ना के दूसरे सदस्य जिस तरह से प्रशांत भूषण से किनारा कर रहे हैं. अन्ना हजारे जो बयान दे रहे हैं वो उस दुखद घटना से भी ज्यादा पीड़ादायक है. और इस तरह के बयान से यह भी साफ हो रहा <span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp;</span>है कि टीम अन्ना के लिए इस देश में केवल एक समस्या है, भ्रष्टाचार. जबकि ऐसा कतई नहीं है. भ्रष्टाचार इस देश के लिए एक बड़ी समस्या है. इसमें कोई शक नही. कोई अपत्ति नही. </span></span></div><div class="MsoNormal"><br /></div><div class="MsoNormal"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">लेकिन इसके अलावा भी बहुत बड़ी-बड़ी सममस्याएं हैं इस देश में. जैसे- कश्मीर समस्या, नक्सल समस्या, गरीब-मजदूरों की समस्या और पूर्वोत्तर राज्यों की समस्या. क्या इन समस्याओं पे बात नही होनी चाहिए? </span></span></div><div class="MsoNormal"><br /></div><div class="MsoNormal"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">पिछले कुछ दिनों में अन्ना हजारे और उनके साथी सिविल सोसाईटी के नेता और प्रवक्ता के रूप में सामने आए हैं. अपने-आप को सिविल सोसाईटी के रूप में देश के सामने पेश किया है. देश के एक बड़े वर्ग का समर्थन भी मिला. फिर क्या दिक्कत है? क्या यह माना जाए कि अन्ना को जो समर्थन मिला था वो केवल जनलोकपाल के मुद्दे पे मिला था? </span></span></div><div class="MsoNormal"><br /></div><div class="MsoNormal"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">इसमे कोई शक नही कि प्रशांत जैसे <span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp;</span>बयान के बाद टीम अन्ना को मिला कथित विशाल जन समर्थन एक पल में हवा हो जाएगा. प्रशांत क्यों, स्वयं अन्ना ही कश्मीर या पूर्वोत्तर के बारे में एसे बयान देते जो कि जायज है और व्यवहारिक भी है तो उनके साथ भी ऐसी घटनाएं घट सकती हैं. लेकिन इस डर से चुप रहना भी तो जायज नहीं है. भ्रष्टाचार के आलावे जो गंभीर समस्याएं हैं इस देश में और उन प्रॉबलेम्स से जुझ रहे लोग भी तो सिविल सोसाईटी का ही हिस्सा हैं.</span></span></div><div class="MsoNormal"><br /></div><div class="MsoNormal"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;"><span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp;</span>उनके लिए भी तो अन्ना को हुंकाराना चाहिए. किरण वेदी को तिरंगा लहराना चाहिए, अरविंद केजरिवाल को हर टीवी शो में जा कर अपनी बात रखनी चाहिए और प्रशांत भूषण और उनके पिता को कानूनी किताबों में आंख गड़ाना चाहिए. लेकिन ऐसा करने के बदले टीम अन्ना के दूसरे सद्स्य प्रशांत के बयान को उनका निजी बयान बता के खूद को इस घटाना से अलग करने की मुहिम में लगे हुए हैं. आज तो अन्ना ने भी टीवी पे बयान दिया कि<span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp; </span>बयान प्रशांत के निजी विचार थे. कोई नहीं कह रहा कि प्रशांत द्वारा दिया गया बयान टीम अन्ना का सामुहिक ब्यान था. </span></span></div><div class="MsoNormal"><br /></div><div class="MsoNormal"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">लेकिन सवाल यह है कि प्रशांत ने कश्मीर मुद्दे पे जो बयान दिया वो सही था या गलत. अगर सही कहा तो अन्ना और उनके दूसरे साथियों को प्रशांत के साथ खड़े रहना चाहिए और अगर गलत कहा या ऐसा कुछ कहा जिससे टीम अन्ना या अन्ना हजारे सहमत नही हैं तो अन्ना को मीडिया के माध्यम से देश को बताना चाहिए कि वो कश्मीर मुद्दे पे क्या राय रखते हैं?<span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp; </span>जैसे टीम के एक सद्स्य कुमार विश्वास ने देश को साफ-साफ बताया कि प्रशांत ने कश्मीर पे जो बयान दिया है उससे वो सहमत नही हैं. वो इस मसले पे अलग राय रखते हैं. वैसे, कुमार के इस बयान का कोई खास<span style="mso-spacerun: yes;">&nbsp; </span>महत्व नहीं है. क्योंकि जो लोग भी कुमार के कवि संमेलन में बैठे होंगे वो उनकी इस राय से पहले से ही परिचित होंगे और कुमार का कद अन्ना, किरण और अरविन्द की तुलना में बहुत बौना है. </span></span></div><div class="MsoNormal"><br /></div><div class="MsoNormal"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">कहने का मतलब कि टीम के नेता अन्ना हजारे. सदस्य, किरण वेदी और अरविंद केजरिवाल को भी कुमार विश्वास की तरह साफ-साफ लहजे में बात करनी चाहिए.</span></span></div><div class="MsoNormal"><br /></div><div class="MsoNormal"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">अगर सिविल सोसाईटी के लोग भी नेताओं की तरह घुमा-फिरा के या छुपा-छपा के बतियान करेंगे तो कैसे चलेगा. उन्हें तो हर मुद्दे पर साफ-साफ बोलना चाहिए जैसे वो रामलीला मैदान से बोल रहे थे और उसी तेवर के साथ जो तिहार के बाहर दिखा था.</span></span></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2011/10/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)0tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-4590253860690927540Wed, 14 Sep 2011 08:32:00 +00002011-09-14T14:58:18.621+05:30तहलकाविकास में बहते घर-परिवार.<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><div style="text-align: left;"><b><i>(यह फोटो -फिचर तहलका के बिहार-झारखंड संस्करण में प्रकाशित हो चुका है.&nbsp; यहां फिचर के साथ उन तस्वीरों को नही लगाया जा रहा है जो पत्रिका में छप चुकी हैं)</i></b></div><div style="text-align: center;"></div><div style="text-align: center;"></div><div style="text-align: center;"><span style="font-size: small;"><b>ऐसा विकास किस काम का जिससे कुछ के लिए तो रास्ते सरल और सुगम हो जाएं तो बदले में कई हजार लोगों के सामने जीवन का संकट खड़ा हो जाए. कोसी नदी पर बन रहे महासेतू की वजह से इलाके के 48 गांव में बसने वाली आबादी पर आज ऐसा ही एक संकट बना हुआ है. छोटे से लेख और कुछ तस्वीरों से उस परेशानी दिखाने की एक कोशिश:</b></span></div><br /><br /><div style="text-align: justify;">&nbsp;देहाती मोटर चालित नाव से करीब-करीब तीन घंटे तक कोसी की तेज और पगलाई धाराओं से लड़ने के बाद जिस पहले गांव तक पहूंचना संभव हो सका वह है-लगुनिया. नाव से उतरते ही गांव के सबसे पहले घर को देखने पे लगा कि यहां हाल में ही किसी की शादी हुई है. क्योंकि&nbsp; टाट के छत वाले इस उजड़ रहे घर की मिट्टी पुती दिवार पे गहरे रंग से बड़े-बड़े शब्दों में “शुभ विवाह” लिखे दिख रहे हैं.<br /><br />&nbsp;पुछने पर मालुम हुआ कि इस घर के रहनियार भागवत मेहता के बड़े बेटे की शादी चार माह पहले ही हुई है. और दिवार पर यह कलाकारी गांव-घर की लड़कियों ने बनाई थी. आने वाली नई दुलहान&nbsp; के स्वागत में.<br /><br />&nbsp;पहली नजर में ही मालुम चल जाता है कि भागवत मेहता ने जीवन जीने के सारे जरुरी सामान यहां से हटा लिए हैं&nbsp; और फिलहाल जो थोड़ा-बहुत सामान यहां&nbsp; पसरा है वो बहुत जरुरी का नहीं है. इसी गांव के एक बुजुर्ग रामेश्वर मेहता बताते हैं कि गांव के दूसरे लोगों की तरह ही भागवत ने&nbsp; भी कोसी में हो रहे कटाव की वजह से अपने परिवार को तटबंध से बाहर बसाने का फैसला लिया है.<br /><br />&nbsp;लगुनिया, इलाके के दूसरे 48 गांव की तरह&nbsp; ही वर्षो से कोसी तटबंध के बीच&nbsp; से बसा हुआ था. लेकिन फिलहाल&nbsp; तीन सौ से चार सौ घर वाले इस गांव में हर&nbsp; तरफ खाली पड़े टाट-मरई के घर किसी कंकाल की तरह खड़े मालुम पड़ते हैं. पिछले कुछ माह तक आबाद और गुलजार रहने वाले इस&nbsp; गांव में चारो तरफ शमशान घाट में पसरी रहने वाली चुप्पी ने अपना डेरा डाला हुआ है.&nbsp;&nbsp; गांव में&nbsp; कोई औरत नहीं दिख रही. बस एक-दो टुटे पड़े, उदास मिट्टी के चुल्हे और किसी-किसी घर के बाहर बेमन से खड़े हैन्ड पंप दिखाई पड़ते हैं.<br /><br />&nbsp;पलायन का यह चक्र केवल इसी गांव में नहीं चल रहा है बल्कि कोसी तटबंध के बीच बसे 48 गांव में ऐसी ही हलचल मची है. क्योंकि विकास के नाम पे निर्मली प्रखंड के सनपतहा के पास कोसी नदी के पूर्वी और पश्चिमी तटबंध के बीच 1.85 किमी लंबा सड़क पुल और इसके समानांतर 60 मीटर द्क्षिण में इतनी ही लंबाई का रेल पुल बनाया जा रहा है. बाकी बची दूरी को पाटने के लिए तटबंध के दोनों छोरों के बीच एक धनुषाकार एफलक्स व सुरक्षा बांध बनाया जा रहा है ताकि 12 -15 किलोमिटर में बहने वाली कोसी नदी को लगभग दो किलोमीटर के दायरे में बांध के बहाया जा सके. सीधा सा गणीत है कि जब 12-15 किमी के बड़े इलाके में बहने वाली नदी को&nbsp; 2 किलोमिटर के दायरे में समेट के बहाने की कोशिश होगी तो इस दायरे में आने वाले सारे खेत-खलिहान और गांव-जवार तो पानी में समा ही जाएंगे.<br /><br />&nbsp;इतनी छोटी सी बात जो कि कोसी इलाके के हर आदमी की समझ में रसबस रहा है वही बात इतने बड़े पुल के निर्माण में लगे बड़े-बड़े अभियंताओं और देश के रहनुमाओं की समझ से क्यों बाहर है, यह&nbsp; समझ से बाहर है. लेकिन इनकी नासमझी की वजह से कई हज़ार लोगों की जान पर आफत के बदल मडरा रहे हैं . जिसकी चिन्ता पटना से दिल्ली तक किसी को नहीं है.</div><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://3.bp.blogspot.com/-u0p5wN3Dk18/TnBdrNXSA7I/AAAAAAAAAVI/KmlBNKhF9Kw/s1600/IMG_1100.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="308" src="http://3.bp.blogspot.com/-u0p5wN3Dk18/TnBdrNXSA7I/AAAAAAAAAVI/KmlBNKhF9Kw/s640/IMG_1100.jpg" width="640" /></a></div><div style="text-align: center;"><span style="font-size: small;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">आसमान में बादलों की ऐसी चित्रकारी देखकर कोई कवि प्रेम की बेहतरीन कविता लिख सकता है. शायर, शायरी कह सकता है लेकिन कोसी के इलाके के लिए यह बादल और इनका यह काला रूप रोमांचित करने वाला नहीं है. हर एक बारिश के बाद नदी के बहाव में एकाएक तेजी आ जाती है और कटाव भी तेजी से होने लगता है. उजड़ चुके घर-दुआर पे जो थोड़े-बहुत &nbsp;सामान पड़े होते हैं वो भी भीग जाते हैं.&nbsp;</span></span></span></div><div style="text-align: left;"></div><div style="text-align: left;"></div><div style="text-align: left;"></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://2.bp.blogspot.com/-nL5TmVlQfew/TnBeR9me0nI/AAAAAAAAAVM/NKxgYVLt9lo/s1600/IMG_0740.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="330" src="http://2.bp.blogspot.com/-nL5TmVlQfew/TnBeR9me0nI/AAAAAAAAAVM/NKxgYVLt9lo/s640/IMG_0740.jpg" width="640" /></a></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><span style="font-size: small;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">कोसी नदी में&nbsp; पानी बढ़ने की वजह से यह&nbsp; मछुआरा मछली नहीं पकड़ पा रहा है. क्योंकि इसके पास इतने बड़े जाले नहीं हैं जो ज्यादा पानी में से भी मछलियों को पकड़ सकें. बैठे-बैठे थकने के बाद अपनी नाव को ही बिस्तरा बना लिया इस इलाकाई मछुआरे ने.</span></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://1.bp.blogspot.com/-CLPTcWdafOM/TnBhcGlKeFI/AAAAAAAAAVo/BBYgg_LC3ik/s1600/IMG_1088.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="388" src="http://1.bp.blogspot.com/-CLPTcWdafOM/TnBhcGlKeFI/AAAAAAAAAVo/BBYgg_LC3ik/s640/IMG_1088.jpg" width="640" /></a></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><span style="font-size: small;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;"></span></span></span></div><div style="text-align: center;"><span style="font-size: small;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">जीतवन देवता की मुर्ती तो कोसी की तेज धार में बह गई लेकिन उनके पांव रह गए. तटबंध के अंदर बसे सिंहपुर गांव में हर साल आसिन (अंग्रेजी कैलेंडर से अक्टूबर) के महीने में, जीतीया वर्त के मौके पर इस मूर्ति के पास एक बड़ा मेला लगता था. (बिहार के ज्यादातर इलाकों की औरतें जीतीया का वर्त रखती हैं. इस अवसर पर माएं एक दिन का अखंड उपवास रखती है और जीतवन देवता की पूजा करती हैं. मान्यता है कि इस वर्त को करने वाली महिलाओं के बच्चों की अयू लंबी होती है.)</span></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><br /></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://3.bp.blogspot.com/-bbJolEsmHi8/TnBiUXoLnPI/AAAAAAAAAVs/p0XCIyWVuhs/s1600/IMG_0858.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="336" src="http://3.bp.blogspot.com/-bbJolEsmHi8/TnBiUXoLnPI/AAAAAAAAAVs/p0XCIyWVuhs/s640/IMG_0858.jpg" width="640" /></a></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><span style="font-size: small;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">खाते-पीते परिवारों ने बहुत पहले ही यह इलाका छोड़ दिया और आसपास के शहरों में बस गए. यहां अभी वही रह गए हैं जिनके सामने न उपजाएं तो&nbsp; खाएं क्या, का संकट है. भोला, ने भी अपने परिवार को तटबंध के बाहर कर दिया है लेकिन वो वहां केवल रात के वक्त सोने के लिए जाते हैं. माल-मवेशियों को तो उन्होंने औने-पौने दाम में बेच दिया लेकिन समझ नहीं पा रहे&nbsp; कि खेत में लगी धान की फसल का क्या करें?&nbsp;</span></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: left;"><br /></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://3.bp.blogspot.com/-LpemO0I9TUA/TnBi-tQQtyI/AAAAAAAAAVw/6iJ_CIlvEdg/s1600/IMG_1031.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="386" src="http://3.bp.blogspot.com/-LpemO0I9TUA/TnBi-tQQtyI/AAAAAAAAAVw/6iJ_CIlvEdg/s640/IMG_1031.jpg" width="640" /></a></div><span style="font-size: small;"> </span><br /><br /><br /><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><b><span style="font-size: small;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">कुछ महीने पहले ही हुए विवाह का निशान लिए खड़ा, सुनसान घर. इलाके के ज्यादातर गांव के&nbsp; कई घर अब इसी अवस्था में खड़े हैं. क्योंकि इन घरों में रहने वालों को दुसरी जगह पर अपना ठीकाना बनाना पड़ रहा है. विकास के नाम पे नदी के साथ लगातार एक बेपरवाह छेड़छेड़ा किया जा रहा है और इस वजह से यहां के बासिंदो को विस्थापन का शिकार होना पड़ रहा है.</span></span></span></b></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><br /></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://2.bp.blogspot.com/-4O0QKgGtWec/TnBjnHVD0xI/AAAAAAAAAV0/NqDMYv3E1As/s1600/IMG_2222.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="398" src="http://2.bp.blogspot.com/-4O0QKgGtWec/TnBjnHVD0xI/AAAAAAAAAV0/NqDMYv3E1As/s640/IMG_2222.jpg" width="640" /></a></div><div class="MsoNormal" style="text-align: center;"><span style="font-size: small;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">जहां भक्त वहीं भगवान का बेसेरा. तटबंध के बीच से निकले परिवारों ने सुपौल जिले के सरायगढ़-भपटियाही के पास राष्ट्रीय राजमार्ग (57) के किनारे-किनारे बस गए. एनचस के बीच में बने डाईवर्जन पर ही इनलोगों ने संकटमोचन कहे जाने वाले हनुमान जी को स्थापित कर दिया है. मतलब भगवान ने अपने भक्तों को उजड़ने से तो नहीं बचाया लेकिन भक्तों ने अपने भगवान जी के लिए इस संकट में भी जगह तलाश ली.</span></span></span></div><br /></div>http://qalamse.blogspot.com/2011/09/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)1tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-3878878657350324342Thu, 25 Aug 2011 10:48:00 +00002011-08-27T11:16:31.515+05:30भ्रष्टाचार से मेरे सरोकर हैं और मेरी अपनी लड़ाई भी!<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><div style="text-align: justify;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;"><i><b>&nbsp;(यह कोई क्रांतिकारी कदम-वदम नहीं है. एक अदने आदमी द्वारा अपने उपर लगाए गए गंभीर आरोप का जवाब भर है. मुझे खेद है. हां, मुझे बेहद अफसोस है कि लगातार पांच साल तक एक दोस्त की तरह साथ रहने के बाद भी आपको यह लगा कि मेरा भ्रष्टाचार से कोई सरोकर नहीं है. जब मैंने आपसे कहा कि मैं "अन्ना" की इज्जत करता हूं लेकिन....तो आपने कहा कि मैं कॉग्रेस के नेताओं की तरह बोल रहा हूं. नीचे लिखा राइटअप&nbsp; उन्हीं आरोपों से मुक्ति पाने के लिए लिखा गया है या फिर यह लेखन वह भड़ास है जिसकी वजह से पूरी रात सुबह होने का इन्तज़ार रहा.)</b></i></span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">प्रिय मित्र</span></span></div><div></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">आपका दावा है कि आप मुझे जानते हैं लेकिन जिस तरह से आपने मेरे उपर आरोप लगाएं हैं उससे यह साफ होता है कि आप मुझे यानि विकास कुमार के बारे में बिल्कुल भी नहीं जानते. आपकी शिकायत है कि मैं उनलोगों में शामिल हूं जो भ्रष्टाचार के मुद्दे पे अपना स्टैंड साफ नहीं कर रहे हैं और बीच में खड़े रख कर देखना चाहते हैं. आपने इतना तक कहा कि मैं ऐसा इस वजह से कर रहा हूं कि मुझे भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है. आपके मुताबिक, मैं हर छोटी-बड़ी बात पे अपना स्टैंड रखता हूं. अपनी बात साफ करता हूं. और खुल के बोलता हूं. आपने सही कहा. मुझे बेलाग-लपेट बोलना पंसंद है. बोलते समय मैं इस बात की फिक्र नहीं करता कि सामने वाला मुझे, मेरी बात से कैसे आंक रहा है? <br /><br />हिन्दू-मुस्लिम समस्या के बारे में, दबे-कुचलों के बारे में, आरक्षण के बारे में और किसी भी मुद्दे पर जिस तरह से अपने दोस्तों के बीच बात करता हूं उसी तरह अपने और वही बातें अपने पापा से भी करता हूं. कई बार ऐसा हुआ है कि इस तरह के मुद्दे पर पापा से बात करते हुए हमारे बीच लड़ाई जैसी स्थिति बन जाती है. वो बाप बन के चिल्लाने लगते हैं और मैं अपने बात पे डटा रहता हूं और आखिर तक अपनी बात के साथ ही रहता हूं. (यह बातें मैं इसलिए नहीं कह रहा हूं कि यह कोई बड़ी घटना है कि या आगे जो बातें कहूंगा वो इस मकसद से नहीं कि मुझे हिरो बनना है या मेरे अंदर कोई हिरो है. यह बातें कहना इसलिए&nbsp; जरुरी हो गईं हैं क्योंकि मुझ पर, मेरे एक बहुत ही करीबी दोस्त ने भ्रष्टाचार पर इसलिए चुप रहने का अरोप लगाया है कि मुझे इससे कोई फर्क नहीं पढ़ता.) भ्रष्टाचार और घुसखोरी पर भी हमारे(मेरे और मेरे पापा ) बीच कई बार बात हुई है. लेकिन यहां मैं अपने-आप को उनके सामने ज्यादा देर तक नहीं टिका पाता. कारण आगे बताता हूं.<br /><br />&nbsp;लेकिन उससे पहले कुछ और बताना चाहता हूं आपको- मैंने दिल्ली में पांच साल बिताए. पत्रकारिता की पढ़ाई की, तीन सालों तक. इन तीन सालों में केवल संस्थान का फीस था 1.5 लाख. पढ़ाई तीन साल के बाद भी मैं दिल्ली में अगले दो साल तक रहा. इन पांच सालो में हर महीने मुझे चार से पांच हज़ार रुपय मिलते रहे अपने गार्जियन से. दिल्ली से पटना आने के समय. तहलका, में फोटो खिचने का काम मिला था. कैमरा खरीदने के लिए&nbsp; मुझे बीस हज़ार रुपय मिले. और अभी मैंने 50 हज़ार रुपय मंगवाएं हैं ताकि एक बाईक ले सकूं. और पटना की सड़कों पर आसानी से घुम सकूं. इसके अलावा हर महीन जो हज़ार-दो हज़ार रुपय मिलते रहे वो अलग है. उसका कोई हिसाब मैं नहीं लगा सकता.&nbsp;</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">अब आप पुछेंगे कि मेरे उपर लगे आरोपो का जवाब देने के लिए यह बताना क्यों जरुरी है कि मुझे, मेरे गार्जियन ने किस कम के लिए कितना पैसा दिया. मैं कहूंगा यह बताना बहुत जरुरी था. मेरे पापा, पुलिस में हैं. बिहार के गया जिले के एक थाने में दरोगा हैं. और मैं बहुत अच्छे से जानता हूं कि उन्होंने मुझे अबतक जो भी रकम दी है उसमें एक बड़ा हिस्सा घूस द्वारा मिले पैसे का है. वो घूस लेते हैं. और मेरे लिए यह उसी लेवल का भ्रष्टचार है जिस लेवल का कलमाड़ी या ए. राजा का. लेकिन मैं उनके खिलाफ शिकायत कर के उन्हें जेल भी भिजवा सकता.&nbsp;</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">क्योंकि वो मेरे पापा हैं और वो क्राईम कर रहे हैं उसका एक बड़ा हिस्सा वो मुझी पे खर्च कर रहे हैं. मेरी कोशिश रहती है कि मैं उन्हें इस बात के लिए राजी कर सकूं कि वो घूस लेना बंद कर सकें लेकिन इस कोशिश में भी मैं सफल नहीं हो पा रहा हूं. जब भी मैं उनसे इस मामले में बात करता हूं तो वो एक सवाल मेरी तरफ उछाल देते हैं और फिर मैं उनके आगे नहीं टिक पाता. और वो जो कहते हैं वो सही भी है. वो कहते हैं, कि मैं घर का सबसे बड़ा बेटा हूं( मेरा एक छोटा भाई भी है जो बैंगलोर में पापा के पैसे से ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है) मैं अपनी जिम्मेदारी उठा लूं तो वो घूस के एक पैसे को भी हांथ नहीं लगाएंगे. ठीक तो कह रहे हैं वो. मैं भी कोशिश कर रहा हूं. खुद को उस स्थिति में लाने की जब उनके सामने खड़ा होकर कह सकूं कि बस, अब और नहीं. मैं हूं!</span></span></div><div style="text-align: justify;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">आप, लोकपाल नामक कानून को लाकर सामुहिक रूप से घूसखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ नारा बुलन्द करने में विश्वास रखते हैं. मैं आपके विश्वास और भरोसे की कद्र करता हूं. लेकिन मैं इस राक्षस से अपने स्तर पर लड़ाई लड़ने की कोशिश कर रहा हूं. मैं अपना काम बगैर घूस दिए सरकारी दफतर से करवा रहा हूं और बगैर पत्रकार होने की धमक दिए. मै&nbsp; इसके लिए आरटीआई का इस्तेमाल कर रहा हूं. और इस लड़ाई को मैं तब से लड़ रहा हूं जब आप आंदोलित होकर सड़कों पे भी नहीं आए थे. पूर्व में कई जगहों पर मैंने पुलिस के सिपाही को अपना काम निकलने के लिए या निकल जाने के बाद रकम दी है. और अब मैं ऐसा कुछ भी नहीं करने वाला. </span></span></div><div style="text-align: justify;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">आप लोकपाल के रास्ते पूरे देश से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए आंदोलित हैं. बेशक, आपकी लड़ाई बड़ी है. आप समूचे देश से भ्रष्टाचार खत्म करना चाहते हैं. आपको, आपकी लड़ाई में कितनी सफलता मिलेगी इसे लेकर आपके दिमाग में संदेह होगा. लेकिन जो लड़ाई मैं लड़ रहा हूं उसमे मुझे सौ फिसदी जीत दिखती है. और जिस दिन मैं अपने इस लड़ाई को जीत लूंगा उसी दिन भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे लगा पाउंगा. इसके बीच में मैं भ्रष्टाचार पर चुप रहते हुए ही सबकुछ देखना चाहूंगा. </span></span></div><div style="text-align: justify;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">आपको जन लोकपाल का इन्तज़ार है और मुझे अपनी उस जीत का इन्तज़ार है.</span></span></div><div style="text-align: justify;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">शुक्रिया.</span></span></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2011/08/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)2tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-464165676596959728Thu, 02 Jun 2011 12:23:00 +00002011-06-02T17:53:41.975+05:30रिश्ता होता बड़ा खुबसुरत.<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><div style="text-align: justify;"><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedContent> <w:AlwaysShowPlaceholderText>false</w:AlwaysShowPlaceholderText> <w:Compatibility> <w:BreakWrappedTables/> <w:SnapToGridInCell/> <w:WrapTextWithPunct/> <w:UseAsianBreakRules/> <w:DontGrowAutofit/> </w:Compatibility> <w:BrowserLevel>MicrosoftInternetExplorer4</w:BrowserLevel> </w:WordDocument> </xml><![endif]--><!--[if gte mso 9]><xml> <w:LatentStyles DefLockedState="false" LatentStyleCount="156"> </w:LatentStyles> </xml><![endif]--><!--[if gte mso 10]> <style> /* Style Definitions */ table.MsoNormalTable {mso-style-name:"Table Normal"; 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<span></span>&nbsp; </span></span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 12pt; font-weight: normal;">&nbsp;</span></span></h6><h6 style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 12pt; font-weight: normal;">भोपाल की रहने वाली&nbsp; एक प्रखर पत्रकार ने लिखा, <span style="font-size: small;">“</span></span></span><span style="font-size: small;"><span class="messagebody"><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; font-weight: normal;">प्रेम</span></i></span><span class="messagebody"><i><span lang="HI" style="font-weight: normal;"> </span></i></span><span class="messagebody"><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; font-weight: normal;">का आभाव कभी न कभी हमारे ही द्वारा</span></i></span><span class="messagebody"><i><span style="font-weight: normal;">, </span></i></span><span class="messagebody"><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; font-weight: normal;">किसी के निश्छल प्रेम का अपमान करने</span></i></span><span class="messagebody"><i><span lang="HI" style="font-weight: normal;"> </span></i></span><span class="messagebody"><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; font-weight: normal;">की वजह से ही पैदा होता है. हम खुद ही</span></i></span><span class="messagebody"><i><span style="font-weight: normal;">, </span></i></span><span class="messagebody"><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; font-weight: normal;">जाने-अनजाने</span></i></span><span class="messagebody"><i><span style="font-weight: normal;">, </span></i></span><span class="messagebody"><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; font-weight: normal;">प्रेम स्त्रोतों की</span></i></span><span class="messagebody"><i><span lang="HI" style="font-weight: normal;"> </span></i></span><span class="messagebody"><i><span lang="HI" style="font-family: Mangal; font-weight: normal;">हत्या कर देते हैं.</span></i></span><span class="messagebody"><span style="font-weight: normal;">” <span>&nbsp;</span></span></span></span><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-size: 12pt; font-weight: normal;"></span></span></h6><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">इन वाक्यों को पढ़ते ही अपने वो दिन याद आने लगे जब मैं प्रेम के अथाह सागर में हर पल गोते लगाता था. वो दिन और रात एकाएक से सामने आने लगे जिन पे कभी प्रेम की कविताएं चमकती थीं.</span></span></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">वो पागलपन याद आने लगा जब हमदोनों एक दुसरों के लिए तरह-तरह के प्यारे संबोधनों का इस्तेमाल करते थे. ये संबोधन दूसरे लोगों के लिए बेमतलब होते थे लेकिन हमे तो उन्हीं में सबकुछ दिखता था. </span></span></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">धीरे-धीरे वक्त बदला, मैं बदला. वो कहती रहीं कि देखो, तुम बदल रहे हो. तुम वो नहीं जिसे मैंने चाहा था, जाना था. सतर्क भी किया. संभलने को भी कई बार कहा. लेकिन मुझपे किसी बात का ज्यादा देर तक असर नहीं रहता. <span>&nbsp;</span>ये बातें सुनने के बाद लगता कि सही कहा जा रहा है. मुझे चेतना चाहिए. संभलना चाहिए.</span></span></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;"><span>&nbsp;</span>लेकिन कुछ दिन बाद ही मेरी ये सोंच हवा हो जाती और फिर से मेरा दानवी रुप बाहर आने लगता. लेकिन मैं ऐसा नहीं था. न हीं मैं ऐसा व्यवहार करना चाहता था. लेकिन संच ये है कि हर पल ऐसा ही कुछ हो रहा था जिससे प्रेम के सागर में सुनामी उठ रही थी. किसी का कलेजा हर बार छन्नी-छन्नी हो रहा था. उस घायल मन को मैं समझ नहीं पाया. अपने रिश्ते को बचाने के बजाए उसी सागर में डुबो आया. बर्बाद कर बैठा सबकुछ. अपने रिश्ते को फिसलते हुए बहुत करीब से देखा है मैंने. इतने करीब से की खुद पे ही विश्वास नहीं होता.</span></span></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">यह रिश्ता मेरे लिए सपने जैसा था. कुछ टाईम पहले मैं नींद में भी नहीं सोंच पाता था कि मैं जिसे चाहता हूं वो मुझे भी चाहने लगेगी. और वो भी बिल्कुल पागलों की तरह. लेकिन ये सपना हकीकत में बदल गया. हम साथ-साथ आए. </span></span></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">मेरी गलतियों ने इस सपने को बहुत ही जल्दी तोड़ भी दिया. सबकुछ खत्म कर दिया. बर्बाद कर दिया. </span></span></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">आज अपने प्यार को खोकर लूटा हुआ मह्सूस करता हूं.<span>&nbsp; </span>ठगा हुआ समझता हूं. </span></span></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">उनके मन में आज किसी और के लिए जगह बन रही है. कभी जो प्यारे-दुलारे संबोधन मैं उन्हे दिया करता था आज उन संबोधनों पे किसी और का हक बन गया है. <span>&nbsp;</span></span></span></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">खैर, ये एक अलग मसला है. मैं यहां अपने रिश्ते का मर्शिया गान नहीं करना चाहता हूं. </span></span></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">मुझे पता है कि मेरा उनका रिश्ता वाकई बहुत मजबूत है. मुझे आज भी लगता है कि आगे हम जरुर मिलेंगे. फिर से वहीं राते होंगी. फिर से बातों की कविताएं बहेंगी. सपनों के बरसात होंगे.<span>&nbsp; </span>वो कहती हैं कि ये ओवर कॉन्फिडेंस है. ऐसा कुछ नहीं होगा लेकिन सच तो ये है कि मेरा उनके करीब आना ही या उनके बारे में सोंचना ही ओवर कॉन्फिंडेंस था.</span></span></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">फिर से वहीं आता हूं. फेसबूक स्टेट्स में जो बात कही गई है वो शत-प्रतिशत सही है. अगर आप किसी के प्यार की इज्जत नहीं कर रहे हैं तो आप समझ लीजिए कि जल्द ही आप उस प्यार के लिए बुरी तरह से तरसने वाले हैं. पागल होने वाले हैं. रोने वाले हैं.<span>&nbsp; </span></span></span></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">और अगर आप अपने रिश्ते में इन चीजों को आने से रोक पाते हैं तो सही मायने में आप दुनियां के सबसे सुखी और खुशी इन्सान होगें क्योंकि आपको कोई प्यार करने वाला होगा. आपका रिश्ता आपकी ज़िन्दगी को हमेशा महकाता रहेगा. आपको चेहरे पर एक चमक और मन में के दमक रहेगी.</span></span></div><div style="text-align: justify;"> </div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">इस महक को खोने के बाद आपके अंदर कुछ भी नहीं बच पाएगा. कुछ भी नहीं. आप खोखले बन के रह जाएंगे. जैसे मैं रह रहा हूं…….</span></span></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2011/06/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)4tag:blogger.com,1999:blog-351822098589811369.post-5672061171849140796Thu, 26 May 2011 09:03:00 +00002011-05-26T14:33:45.289+05:30रिजल्ट का दिन, काला दिन.<div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"><br /><div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><a href="http://4.bp.blogspot.com/-upxbftj8UUE/Td4XGtnCRwI/AAAAAAAAAT0/Ne5-b1V9EyM/s1600/cputer.gif" imageanchor="1" style="clear: left; float: left; margin-bottom: 1em; margin-right: 1em;"><img border="0" height="171" src="http://4.bp.blogspot.com/-upxbftj8UUE/Td4XGtnCRwI/AAAAAAAAAT0/Ne5-b1V9EyM/s200/cputer.gif" width="200" /></a></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">कल, बिहार में दो-दो परिक्षाओं के परिणाम निकले. पहला <i>अई.अई.टी. जे.ई.ई</i>&nbsp; का और दूसरा <i>मैट्रिक&nbsp; </i>का. &nbsp;पहले वाले रिजल्ट से अपन का कोई भावनात्मक लगाव नहीं है. कभी सपने में भी आई. आई, टी. के बारे में न सोचने वालों की जमात में से रहा हूं. लेकिन शिक्षा की सड़क पे बनाए गए मैट्रिक रुपी बैरियर से तो गुजरना ही पड़ा. इससे बच निकलने का कोई दूसरा रास्ता था ही नहीं. अगर होता तो मैं उसे जरुर अपनाता और फिर बड़ी खुशी-खुशी पापा द्वारा किए गए लत्तम-जुत्तम को सह लेता. &nbsp;ये सौभाग्य प्राप्त नहीं हुआ. मार-पिटाई हुई लेकिन रिजल्ट आने के बाद. लात, थपड़ और घुसों की जमकर बरसात हुई.&nbsp;</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">मुझे अच्छे से याद है. सुबह के साथ बजे होंगे. मैं कोठरी( घर का बाहर वाला कमरा) में लगे चौकी पर मछरदानी लगा के चैन से सो रहा था. बिल्कुल निफिक्री में.&nbsp; तभी कान में आवाज आई. “अरे….रिजल्ट आ गया तिरहुत प्रमंडल का.” लगा कि सपना देख रहा हूं. &nbsp;मैं बिल्कुल निश्चिंत था कि अगले एक- दो दिन तक तो रिजल्ट नहीं ही आएगा. &nbsp;आज तक नहीं पता चा्ला कि उस बेफिक्री का आधार क्या था.&nbsp;</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">खैर, मेरे मानने और न मानने से क्या होता है. रिजल्ट का भूत गांव की सड़क पे घुम रहा था. &nbsp;सभी बच्चे अपने-अपने रौल नंबर का मिलान करने के लिए हरी भाई के दरवाजे की तरफ जा रहे थे क्योंकि दो रुपय में आने वाला आज अखबार केवल उन्हीं के यहां आता था. ये सब मैंने देखा नहीं. आधी नींद में रहते हुए महसुस किया था. मैं अपना रिजल्ट जानता था और उसके बाद क्या होने वाला था वो भी जानता था. तभी तो हर रोज यह मनाता था कि रिजल्ट आए ही नहीं. &nbsp;अखबार में देखने का बिल्कुल मन नहीं था. लेकिन अंगना में चुल्हे पर रोटी बनाती मम्मी को और जन-मजूरा की तलाश में पछियारी टोला गए पपा को अपने मन की बात बताने की हिम्मत नहीं थी. &nbsp;</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">पपा, परीक्षा के फौरन बाद नंबर का हिसाब लेते थे. मैथ में कितना आएगा? फिजिक्स और केमेस्ट्री में क्या मिलेगा? और मैं उन्हें हर विषय में सत्तर से अस्सी नंबर के बीच का आंकड़ा पकड़ा देता था. जबकी मुझे पता होता था कि हर विषय में मेरे अंक चालिस से पच्चास के बीच झुलेंगे. झूठ कहता था उनसे. उस वक्त मुझे इसका कोई अफसोस भी नहीं होता. बल्कि खुशी होती. सोंचता, ’चलो…..बढिया है. इस तरह लात खाने से तो बच गया”&nbsp;</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">जैसी की मुझे उम्मीद थी. हरी भाई के अखबार ने भी मुझे वही परिणाम दिए. मैं मैट्रिक की इस बैरियर को सेकेंड गेयर से पार कर गया था. मुझे, मेरा रिजल्ट मिल गया था. मैं सतुष्ट था लेकिन घर पे किसी को विश्वास ही नहीं हो रहा था. सबको लग राहा था कि मुझे फर्स्ट क्लास से पास होना चाहिए.&nbsp;</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">&nbsp;मेरे मैट्रिक का रिजल्ट जब पपा को पता चला तो उनके गुस्से का बम घर में फट पड़ा. इसके बाद जो हुआ वो मैं शुरु में ही बता चुका हूं. बार-बार बताना अच्छा नहीं लगता.&nbsp;</span></span></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><br /></div><div style="text-align: justify;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">खैर, इस सब&nbsp; में मेरे पापा की ज्यादा गलती नहीं थी. उनकी गलती ये थी कि मारते वक्त वो यह भूल जाते थे कि मैं उन्हीं का बच्चा हूं. मैं पढ़ने में बिल्कुल भुसकौल था. जब मेरे दोस्त –यार परीक्षा की तैयारी कर रहे थे तब मैं आगामी विधानसभा चुनाव के चुनावी माहौल का मजा ले रहा था.क्या करता, सब्जेक्ट की किताबों से ज्यादा मुझे चुनाव प्रचार की गाड़ियां. चुनाव से पहले का हो हल्ला और चुनावी संबंधी बातें अपनी तरफ खिंचती थीं. </span></span></div><div style="text-align: justify;"></div><div class="separator" style="clear: both; text-align: justify;"></div><div class="MsoNormal" style="text-align: justify;"><span class="StyleStrongComplexMangal"><span style="font-weight: normal;">कल का दिन, मेरे रिजल्ट वाले काले दिन की याद दिला गया.</span></span></div></div>http://qalamse.blogspot.com/2011/05/blog-post.htmlnoreply@blogger.com (Unknown)3